फर्जीवाड़ा से रहे सतर्क, साइबर अपराध बारे जानकारी से ही बचाव संभव : डीएसपी

जागरण संवाददाता फतेहाबाद फतेहाबाद पुलिस द्वारा आम लोगों को साइबर क्राइम से बचाव के प्रि

JagranPublish: Wed, 01 Dec 2021 10:05 PM (IST)Updated: Wed, 01 Dec 2021 10:05 PM (IST)
फर्जीवाड़ा से रहे सतर्क, साइबर अपराध बारे जानकारी से ही बचाव संभव : डीएसपी

जागरण संवाददाता, फतेहाबाद :

फतेहाबाद पुलिस द्वारा आम लोगों को साइबर क्राइम से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सीएमआर राजकीय महिला महाविद्यालय भोड़ियाखेड़ा में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में मुख्यातिथि के तौर पर डीएसपी गीतिका जाखड़ ने भाग लिया और छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव को लेकर बरती जाने वाली सावधानियों बारे विस्तार से बताया। कालेज प्राचार्य डा. हवा सिंह ने डीएसपी व अन्य पुलिस अधिकारियों का स्वागत करते हुए इस प्रकार के आयोजनों को युवाओं के लिए काफी लाभप्रद बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम से छात्राएं प्रेरणा भी लेंगी।

डीएसपी ने कहा कि साइबर अपराधी ठगी करने की नियत से अलग-अलग तरह के तरीके अपनाते रहते हैं। साइबर अपराधी द्वारा किसी व्यक्ति को झांसा देते हुए पैसा प्राप्त करने के लिए अलग-अलग तरह के प्रलोभन दिए जाते हैं। ऐसे में हम जागरूक रहकर ही इस प्रकार की ठगी से बच सकते हैं। उन्होंने बताया कि किसी से जानकारी प्राप्त करने के लिए शातिर ठगों द्वारा तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। साइबर अपराधी विभिन्न तरीकों से पीड़ित व्यक्ति से बैंकिग लेनदेन से संबंधित गोपनीय जानकारी जैसे एटीएम नंबर, यूपीआई पिन, पासवर्ड इत्यादि हासिल कर लेते हैं। यह गोपनीय जानकारी हासिल कर साइबर ठग द्वारा पीड़ित व्यक्ति के खाते से पैसों की अवैध निकासी कर ली जाती है। डीएसपी ने कहा कि साइबर क्राइम अथवा किसी भी प्रकार की आनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए जरूरी है कि प्रत्येक उपयोगकर्ता इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय फर्जी ऐप्स/लिक्स के प्रति सतर्क रहे और गोपनीय बैंकिग जानकारी कभी भी प्रकार से किसी से सांझा ना करें। डीएसपी ने छात्राओं के साथ संवाद करते हुए उन्हें महिला अपराध रोकने को लेकर जिला पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों के अलावा डायल 112, महिला हेल्प लाइन 1091 व दुर्गा शक्ति ऐप बारे भी जानकारी दी। साइबर वालंटियर देवेन्द्र कमुार ने कहा कि आजकल हर प्रकार के कार्य आनलाइन होने लगे हैं। शिक्षा से लेकर वित्तीय लेन-देन तक सब आनलाइन हो गया है। ऐसे में आनलाइनलेन-देन करते हुए अनेक बातों का ध्यान रखना चाहिए। एएसआइ सतीश कुमार ने भी छात्राओं को संबोधित करते हुए साइबर अपराध का शिकार होने से बचने के लिए अनेक तरह के उपाय बताए। वूमन सैल के प्रभारी प्रो. मंजू ने कहा कि इस प्रोग्राम के उपरांत छात्राओ में एक जोश देखा गया। इस अवसर पर छात्राओ के साथ डा. विजय, डा. ज्योति, डा. अजीत, प्रो. सरोज, प्रो. रमन, डा. रमेश, प्रो. गगनदीप, प्रो. सारिका, प्रो. पिकी, प्रो. कपिल अन्य मौजूद रहे।

Edited By Jagran

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