बारिश से पारा लुढ़का, ठंड और बढ़ी

तड़के तीन बजे से शुरू हुई बारिश शनिवार को दिन में भी जारी रही।

JagranPublish: Sat, 22 Jan 2022 08:33 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 08:33 PM (IST)
बारिश से पारा लुढ़का, ठंड और बढ़ी

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : तड़के तीन बजे से शुरू हुई बारिश शनिवार को दिन में भी जारी रही। बीच-बीच में बूंदाबांदी भी होती रही। बारिश से मौसम में ठंडक और बढ़ गई है। अधिकतम तापमान 14 और न्यूनतम आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री व न्यूनतम 8 डिग्री था। इस तरह एक ही दिन में अधिकतम तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। जबकि बृहस्पतिवार को 19 अधिकतम व 10 न्यूनतम था।

मौसम विभाग के अनुसार 29 जनवरी तक ठंड इसी तरह लोगों को सताएगी। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में हड्डी एवं मस्तिष्क संबंधी रोगों से पीड़ितों को अपना विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। इस मौसम में मोटरसाइकिल पर चलने वाले लोग अपने घुटनों को बर्फीली हवा से बचाने के लिए विशेष इंतजाम करके घर से निकलें। शुक्रवार को धूप निकलने से जगी थी उम्मीद

शुक्रवार को मौसम साफ होने के बाद खिली धूप निकली थी। इससे जिलेवासियों को ठंड से थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन तड़के तीन बजे मौसम ने करवट ली और हल्की बारिश ने तापमान को लुढ़का दिया। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेते नजर आए। ठंड अधिक होने से बाजारों में भी ज्यादा ग्राहक नहीं आए। पूरे दिन सूरज देवता के दर्शन नहीं हुए। दिन में ठंडी हवाएं भी चलती रही, जिससे आम आदमी को ज्यादा परेशानी हुई। ठंड में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इस मौसम में शरीर की नसें भी सिकुड़ जाती हैं। इस मौसम में ठंडे पानी से नहाने से परहेज करना चाहिए और सिर को गर्म कपड़े से ढंक कर रखना चाहिए। सिर पर सीधे ठंड नहीं लगनी चाहिए। यदि किसी के घर में रक्तचाप एवं मधुमेह के मरीज हैं, तो वह अपनी जांच अवश्य कराएं। बच्चों व बुजुर्गाें का खास ध्यान रखें।

-डा.कुनाल बहरानी, वरिष्ठ न्यूरोलाजिस्ट जब हमारी त्वचा धूप के संपर्क में आती है, तो हमारा शरीर विटामिन-डी बनाता है, जिससे हड्डियां मजबूत रहती हैं, लेकिन सर्दियों में धूप कम देर तक रहने के कारण शरीर इसे ठीक से नहीं बना पाता है। बढ़ती उम्र के साथ हड्डियां ठंड से अधिक प्रभावित होने लगती हैं, इसलिए ऐसे लोगों को समय-समय पर गर्म तेल से मालिश करवाना चाहिए। मालिश से हड्डियों को गर्माहट मिलती है, जिससे नसों की सिकुड़न कम हो जाती है और दर्द से राहत मिलने लगती है। इसके अलावा ठंड के मौसम में गर्म पानी से नहाना चाहिए। गर्म पानी शरीर की अकड़न को दूर कर उसमें लचीलापन बनाए रखता है। पुरानी चोट को ढंककर रखना चाहिए। ठंड में सबसे ज्यादा पुरानी चोट का दर्द परेशान करता है।

-डा.आशुतोष श्रीवास्तव, हड्डी रोग विशेषज्ञ

Edited By Jagran

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