रेनीवेल और बूस्टर से पानी की निगरानी शुरू

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : रेनीवेल से शहर में होने वाली पेयजल आपूर्ति पर निगरानी शुरू हो गई है। स्

JagranPublish: Fri, 07 Jan 2022 07:23 PM (IST)Updated: Fri, 07 Jan 2022 07:23 PM (IST)
रेनीवेल और बूस्टर से पानी की निगरानी शुरू

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद : रेनीवेल से शहर में होने वाली पेयजल आपूर्ति पर निगरानी शुरू हो गई है। स्मार्ट पेयजल आपूर्ति के लिए स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 40 जगह फ्लो मीटर लगा दिए गए हैं। ये मीटर रेनीवेल और बूस्टर पर लगाए जा रहे हैं। मीटर की वजह से ये पता लग रहा है कि रेनीवेल से कितना पानी निकला और बूस्टर तक कितना पहुंचा। इससे पानी चोरी और लीकेज के बारे में भी पता लग जाएगा। अभी और भी जगह फ्लो मीटर लगाए जाएंगे।

बता दें नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सभी 22 रेनीवेल फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने टेकओवर कर लिए हैं, लेकिन स्काडा के तहत काम स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी कर रही है। यह पूरी परियोजना करीब 22 करोड़ रुपये की है। इसमें बूस्टर पर खराब मोटरें भी बदली जानी हैं। स्काडा के तहत हो रहा काम

स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी के स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन) प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। स्काडा के तहत शहर के पेयजल सिस्टम का वितरण समान रूप से होगा। कहीं भी पानी की लाइन में लीकेज व चोरी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में पता लग जाएगी। इसकी निगरानी स्मार्ट सिटी के अधिकारी अपने मोबाइल फोन पर भी कर सकेंगे। शहर में पेयजलापूर्ति के लिए यमुना नदी किनारे गांव ददसिया, मोठूका और मंझावली में रेनीवेल लगाए हुए हैं। इनसे करीब 30 भूमिगत टैंकों में पानी भरा जाता है। इन सभी को स्काडा सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। दावा है कि इस प्रोजेक्ट के लागू होने के बाद पानी की बर्बादी भी नहीं होगी। पेयजल समस्या से आमजन परेशान

पेयजल समस्या को लेकर काफी लोग परेशान हैं। वार्ड नंबर एक से लेकर 10 तक के पार्षद कई बार नगर निगम सदन की बैठक में पेयजल समस्या का मुद्दा उठा चुके हैं। कई कालोनियों में तो गर्मी में पेयजल संकट काफी बढ़ जाता है। लोग आए दिन निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन भी करते हैं, रोड जाम किए जाते हैं। इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो सका है। मांग व आपूर्ति में करीब 100 एमएलडी का अंतर है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पेयजल आपूर्ति दुरुस्त करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। फ्लो मीटर लगाए जा रहे हैं। पूरी उम्मीद है कि इससे पेयजल आपूर्ति पर फर्क पड़ेगा।

-डा.गरिमा मित्तल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, स्मार्ट सिटी परियोजना।

Edited By Jagran

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