अजरौंदा गांव के प्राचीन शिव मंदिर में होगी शिवलिग की स्थापना

अजरौंदा गांव के प्राचीन शिव मंदिर में शिवलिग की दोबारा स्थापना दो दिसंबर को सुबह 11 बजे विधि विधान से की जाएगी।

JagranPublish: Tue, 30 Nov 2021 06:24 PM (IST)Updated: Tue, 30 Nov 2021 06:24 PM (IST)
अजरौंदा गांव के प्राचीन शिव मंदिर में होगी शिवलिग की स्थापना

वि., फरीदाबाद : अजरौंदा गांव के प्राचीन शिव मंदिर में शिवलिग की दोबारा स्थापना दो दिसंबर को सुबह 11 बजे विधि विधान से की जाएगी। शिव मंदिर समिति के प्रधान एवं अधिवक्ता संजय गौड़ ने बताया कि कुछ समय पहले मंदिर में स्थापित सैंकड़ों साल पुराना शिवलिग अज्ञात कारणों से खंडित हो गया था। वेद पुराणों में खंडित मूर्ति की पूजा अर्चना करना वर्जित माना गया है। इसलिए मंदिर समिति ने सर्वसम्मति से शिवलिग दोबारा स्थापित करने का निर्णय लिया। इसके लिए समिति और ग्राम समाज के 15 लोग मध्यप्रदेश में खरगौन जिले में नर्मदा नदी के किनारे बसे गांव बकावां पहुंचे। यहां से दो दिव्य शिवलिग लेकर यहां आए। मंदिर समिति के संरक्षक बीरेंद्र गौड़ ने बताया कि पूरे देश में खरगौन जिले का बकावां गांव एक ऐसा स्थान है जहां या तो नर्मदा नदी से स्वयंभू शिवलिग निकलते हैं या नदी से निकले पत्थरों से तराश कर उन्हें छोटे से लेकर बड़े रूप तक शिवलिग का आकार दिया जाता है। मंदिर के मुख्य पुजारी भागवताचार्य नितिन कृष्ण शास्त्री ने बताया कि शिवलिग का विधि विधान से रुद्राभिषेक और पांच शयन कर मंत्रोच्चार द्वारा स्थापित किया जाएगा। मंदिर के महासचिव दिवाकर सिंह ने बताया कि मंदिर में स्थापित होने वाला शिवलिग बहुत अद्भुत और विलक्षण है।

Edited By Jagran

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