मकान तोड़ने के चेतावनी के बाद वाल्मीकि समाज के लोगों पंचायत कर मांगा न्याय

कस्बा जूई कलां में वाल्मीकि समाज के लोग तंग आकर गांव से पलायन करने पर मजबूर है। 15 वर्षों से न्याय की मांग को लेकर अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे है परंतु न्याय नहीं मिल रहा है।

JagranPublish: Mon, 01 Mar 2021 06:35 AM (IST)Updated: Mon, 01 Mar 2021 06:35 AM (IST)
मकान तोड़ने के चेतावनी के बाद  वाल्मीकि समाज के लोगों पंचायत कर मांगा न्याय

जागरण संवाददाता, भिवानी : कस्बा जूई कलां में वाल्मीकि समाज के लोग तंग आकर गांव से पलायन करने पर मजबूर है। 15 वर्षों से न्याय की मांग को लेकर अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे है, परंतु न्याय नहीं मिल रहा है। मकान तोड़े जाने का नोटिस मिलने के बाद वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने रविवार को कहा कि किसी भी व्यक्ति का मकान नहीं तोड़ने देंगे। इसके लिए वह आंदोलन करने पर मजबूर है और गांव से शीघ्र ही पलायन करेंगे।

उन्होंने सरपंच पर आरोप लगाया कि वोट नहीं देने पर तंग कर रहा है। वाल्मीकि समाज के लोगों को मकान तुड़वाने की धमकी दे रहा है।

जुई निवासी बाबूलाल आर्य का आरोप है कि सरपंच मकान खाली करवाने व सामान बाहर फेंकने की धमकी देने के साथ जाति सूचक शब्द का प्रयोग करते हुए गाली-गलौच करता है। आरोप है कि उसने जुई पुलिस थाने में दी, लेकिन अभी तक उसके खिलाफ किसी भी प्रकार कोई भी कारवाई नहीं हुई। इसी कारण उसने मानसिक व आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा। मामले को लेकर रविवार को जुई कलां में वाल्मीकि समाज के लोगों की बैठक आयोजित की गई। जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। आयोजित बैठक में फैसला लिया गया कि अगर किसी तरह की कोई मकान तोड़फोड़ होती है तो पूरा समाज एकजुट होकर विरोध करेगा। इस अवसर पर रमेश लांबा, बंसीलाल दरोगा महम, चंदू प्रधान महेंद्रगढ़, जयभगवान जुई, कुलदीप दिल्ली, विजय इंदीवाली, राजेंद्र आदमपुर, सुंदर सिरसा, सुरेश भिवानी, जयभगवान आदि उपस्थित थे।

वर्जन :

किसी तरह भी वाल्मीकि समुदाय या अन्य लोगों को परेशान नहीं किया जा रहा है। केवल साथ मकान अवैध है। गांव में हुए सर्वे में ये मकान अवैध पाए गए है। प्रशासन ने इन्हें तोड़ने के आदेश दिए हुए है। मुझ पर निराधार आरोप लगाए जा रहे है।

-- रणबीर सिंह, सरपंच जुई --

Edited By Jagran

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