नगर निगम सदन का पूरा हुआ साल, भाजपाई निहाल, कांग्रेसी बोले हाल बेहाल

नगर निगम सदन का एक साल कल पूरा हो जाएगा। इस एक साल के कार्यकाल के दौरान विरोध और हंगामे के बीच हाउस की तीन बैठें हुई। बहुत से मुद्दे उठे। कुछ पर काम हुआ लेकिन कुछ आज तक भी सिरे नहीं चढ़ पाए जबकि कुछ मुद्दे कागजों तक ही सिमट गए।

JagranPublish: Wed, 12 Jan 2022 08:05 PM (IST)Updated: Wed, 12 Jan 2022 08:05 PM (IST)
नगर निगम सदन का पूरा हुआ साल,  भाजपाई निहाल, कांग्रेसी बोले हाल बेहाल

जागरण संवाददाता, अंबाला शहर : नगर निगम सदन का एक साल कल पूरा हो जाएगा। इस एक साल के कार्यकाल के दौरान विरोध और हंगामे के बीच हाउस की तीन बैठें हुई। बहुत से मुद्दे उठे। कुछ पर काम हुआ लेकिन कुछ आज तक भी सिरे नहीं चढ़ पाए जबकि कुछ मुद्दे कागजों तक ही सिमट गए। लेकिन इस एक साल के कार्यकाल के दौरान वार्ड नंबर छह से 8 के भाजपाई पार्षद विकास कार्यों से बेहद संतुष्ट हैं। भाजपाइयों ने माना कि इस अवधि में उनके वार्डों में लंबे समय से चल रहे विकास कार्य पूरे हुए जबकि कांग्रेसियों ने पोल खोलते हुए कहा कि उनके वार्ड में अव्यवस्थाओं का आलम है। सफाई से लेकर निकासी समस्या में कोई सुधार नहीं हुआ। बेहतर हुई सफाई, पार्कों का हुआ सुंदरीकरण

इंद्र नगर में पानी निकासी के लिए करीब आठ लाख रुपये की लागत से नाले का निर्माण कार्य चल रहा है। धीरे-धीरे सफाई भी पहले से बहुत बेहतर हो गई है। मेरे वार्ड में पार्कों का सुंदरीकरण बेहतर तरीके से हुआ है। इस अवधि में नगर निगम की टीम ने बहुत से बेसहारा पशुओं को पकड़ा है। लेकिन अभी भी इस पर काम की आवश्यकता है। बेसहारा पशुओं के अलावा आवारा कुत्तों की संख्या पर लगाम कसने के लिए बेहतर एक्शन प्लान होना चाहिए। साथ ही खाली प्लाटों के मालिकों पर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि आसपास के लोगों को अच्छा माहौल मिल सके। निगम आयुक्त की अगुवाई में बेहतर तरीके से विकास कार्य चल रहे हैं।

- अर्चना छिब्बर, भाजपा पार्षद, वार्ड-6 कोई मांग नहीं अधूरी, सालों की डिमांड हुई पूरी

25 लाख रुपये की कीमत के विकास कार्यों के टेंडर लगे हुए हैं। शीशगंज गुरुद्वारे के सामने शौचालय बन गया है। इसकी लंबी डिमांड थी। भगवान बाल्मीकि बस्ती में ट्रांसफार्मर भी रखवा दिया, वहीं पर धर्मशाला भी बनी है। इसी तरह भगवान बाल्मीक बस्ती में डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से सामुदायिक भवन बन रहा है। बेहतर पेयजल के लिए ट्यूबवेल पास करवा दिया गया है। 80 लाख की लागत के आइटीएस का जल्द ही शिलान्यास कर दिया जाएगा इससे बरसाती पानी जमा नहीं होगा। पुराना बकरा मंडी में 15 लाख का नाला बन रहा है, 4 लाख के रिपेयर वर्क हो चुके हैं। 5 लाख के चल रहे हैं। इस तरह मेरे वार्ड वासी संतुष्ट हैं इसीलिए मैं भी कार्याें से संतुष्ट हूं।

मोनिका मल, भाजपा पार्षद, वार्ड-7 बन रही अंडर ग्राउंड नालियां

मेरे वार्ड में अंडर ग्राउंड नालियों काम चल रहा है। करीब 25 लाख रुपये के विकास कार्यों के टेंडर लगे हुए हैं। कुछ रिपयेर के काम चल रहे हैं और कुछ पूरे भी हो गए हैं। सफाई की थोड़ी दिक्कतें है क्योंकि कर्मचारियों की संख्या कम है। उसे भी जल्द सरकार पूरा कर देगी। पानी की दिक्कत दूर करने के लिए ट्यूबवेल पास हो चुका है जोकि अंबिका मंदिर के पास लगेगा। इसी तरह चौकी नंबर-3 के पास शौचालय भी बनवा दिया गया है। एक साल के भीतर हुए इन विकास कार्याें से खुद जनता संतुष्ट है तो हमें तो संतुष्ट होना ही है।

- मीना ढींगरा, भाजपा पार्षद, वार्ड-8 पहली ही बैठक से उठा रही सफाई का मुद्दा

मैं पहली ही बैठक से सफाई का मुद्दा उठा रही हूं। निगम एक्ट के अनुसार जनसंख्या के हिसाब से 400 व्यक्तियों पर एक सफाई कर्मी होना चाहिए। मेरे वार्ड में 50 हजार की आबादी है। इसी हिसाब से करीब 50 कर्मी होने चाहिएं लेकिन 27 हैं। इसीलिए गंदगी का आलम है। वार्ड के अंदर जो भी कार्य होता हैं पार्षद से संतुष्टि पत्र लिया जाना चाहिए लेकिन हमें तो पता ही नहीं चलता। इसीलिए घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग हो रहा है। हाउस टैक्स के बिल हर माह दिए जाएं। हो यह रहा है कि जब जनता डोमिसाइल बनवाने जाती है तब उन्हें 15-20 हजार रुपये का बिल पकड़ा दिया जाता है।

- मेघा गोयल, कांग्रेसी पार्षद, वार्ड- नौ सफाई से लेकर सीवरेज और सड़कों तक की समस्या बरकरार

सफाई कर्मी ही पूरे नहीं है। इसीलिए सफाई समस्या जस की तस है। इतना ही नहीं कपड़ा मार्केट, नदी मोहल्ला, नई बस्ती इत्यादि में निकासी के लिए मास्टर प्लान अभी तक नहीं बनाया गया। दोनों ही मुद्दे मैं पहले ही बैठक से उठा रहा हूं। इसी कारण इस एरिया में न केवल गर्मी अब सर्दी में भी लोगों को मार झेलनी पड़ रही है। न्यू इंद्रपुरी एरिया में न तो सीवरेज डला न पेयजल लाइन। सड़क बनना तो दूर की बात। स्ट्रीट लाइट यदि खराब हो जाए या रिपेयर करवानी हो तो निगम कर्मचारी कहते हैं कि हमारे पास नई लाइट लगाने की कोई व्यवस्था ही नहीं है। इतना ही नहीं एनडीसी की धांधली तक रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। जनता हर तरफ से पिस रही है।

- मिथुन वर्मा, कांग्रेसी पार्षद- 10

Edited By Jagran

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