Koi Jaane Na Film Review: कुणाल कपूर की फिल्म में ना रहस्य है, ना रोमांच, कहानी भी बेहद कमजोर

थ्रिलर और मिस्ट्री फिल्मों के वहीं पुराने घिसे-पिटे तरीके अपनाए गए हैं। हूडी वाली जैकेट पहनकर कातिल का हाथों में चाकू पकड़कर कत्ल करना बचकाना लगता है। फिल्म कोई जानें ना में कई सवालों के जवाब अंत तक नहीं मिलेंगेl

Rupesh KumarPublish: Sun, 04 Apr 2021 01:57 PM (IST)Updated: Sun, 04 Apr 2021 04:37 PM (IST)
Koi Jaane Na Film Review: कुणाल कपूर की फिल्म में ना रहस्य है, ना रोमांच, कहानी भी बेहद कमजोर

प्रियंका सिंह, मुंबईl लगान फिल्म में बाघा का किरदार निभाने वाले अमीन की बतौर निर्देशक कोई जाने ना पहली फिल्म है। फिल्म की पटकथा और स्क्रीनप्ले अमीन ने ही लिखा है। फिल्म की शुरुआत आमिर खान और एली अवराम के गाने हर फन मौला के साथ होती है। क्लब के इस गाने के खत्म होने पर एक कत्ल हो जाता है। लेखक कबीर कपूर (कुणाल कपूर) प्रेरणात्मक किताबें लिखता है। उसे किताब के प्रकाशक के लिए अपनी किताब डू इट यू कैन का दूसरा भाग छह महीने में लिखकर देना होता है, लेकिन वह लिख नहीं पाता है।

कबीर की पूर्व पत्नी रश्मि कपूर (विद्या मालवडे) उसे तलाक देकर किताब के प्रकाशक के साथ रिश्ते में है। वह कबीर को बर्बाद करना चाहती है। वह कबीर के पीछे जासूस रिकी (करीम हाजी) को लगाती, ताकि पता चल सके कि कबीर किसी और प्रकाशक के लिए किताबें तो नहीं लिख रहा है। कबीर अपने पंचगनी वाले घर के लिए निकल जाता है। सफर में उसकी मुलाकात सुहाना (अमायरा दस्तूर) से होती है। कबीर प्रेरणात्मक किताबें लिखने के साथ एक काल्पनिक किरदार जरान खान के नाम से हिंदी में मर्डर मिस्ट्री वाले उपन्यास भी लिखता है। वह जिन कत्ल का जिक्र अपनी किताबों में करता है, ठीक वैसा कत्ल शहर में सच में होता है। क्या वह कत्ल कबीर कर रहा है या कोई और। इस पर कहानी को आगे बढ़ना चाहिए था, लेकिन कहानी किसी और दिशा में ही मुड़ जाती है। बेहद कमजोर कहानी की वजह से स्क्रीनप्ले भी मजबूत नहीं बन पाया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

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थ्रिलर और मिस्ट्री फिल्मों के वहीं पुराने घिसे-पिटे तरीके अपनाए गए हैं। हूडी वाली जैकेट पहनकर कातिल का हाथों में चाकू पकड़कर कत्ल करना बचकाना लगता है। फिल्म में कई सवालों के जवाब अंत तक नहीं मिलेंगे, मसलन- कबीर की पूर्व पत्नी उसे धोखा क्यों देती है, जो कत्ल फिल्म की शुरुआत में हुआ था, उसका क्या हुआ। फिल्म में कुणाल ने कई लुक्स लिए हैं, उनका इस्तेमाल निर्देशक कर ही नहीं पाए। अमायरा दस्तूर के अभिनय में नयापन नहीं था।

अश्विनी कलसेकर, अतुल कुलकर्णी जैसे मंझे हुए कलाकार भी कमजोर कहानी के आगे मजबूर लगते हैं। आमिर खान के गाने के अलावा दर्शकों को बांधे रखने के लिए फिल्म में कुछ खास नहीं है।  

मुख्य कलाकार :  कुणाल कपूर, अमायरा दस्तूर, अतुल कुलकर्णी, विद्या मालवडे, अश्विनी कलसेकर, करीम हाजी लेखक, निर्देशक : अमीन हाजी

अवधि – दो घंटे 21 मिनट

स्‍टार – 1.5

Edited By Rupesh Kumar

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