Amrish Puri Birth Anniversary: ऐसे शुरू हुआ अमरीश पुरी के खलनायक बनने का सफर, दिग्गज अभिनेता की बर्थएनिवर्सरी पर जाने उनसे जुडी दिलचस्प बातें

Amrish Puri Anniversary आज बॉलीवुड के खलनायक अमरीश पुरी की 90वीं बर्थ एनिवर्सरी मनाई जा रही हैं। इस मौके पर आज हम आपको दिग्गज अभिनेता के बारे में दिलचस्प किस्से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं उनके बारे में कई अनसुनी बातें।

Nitin YadavPublish: Wed, 22 Jun 2022 01:39 PM (IST)Updated: Wed, 22 Jun 2022 01:39 PM (IST)
Amrish Puri Birth Anniversary: ऐसे शुरू हुआ अमरीश पुरी के खलनायक बनने का सफर, दिग्गज अभिनेता की बर्थएनिवर्सरी पर जाने उनसे जुडी दिलचस्प बातें

शिखा धारीवाल, मुंबई। Amrish Puri Anniversary: बुधवार को बॉलीवुड के खलनायक अमरीश पुरी की 90वीं बर्थ एनिवर्सरी है। उनका जन्म 22 जून 1932 में पंजाब में हुआ था। उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपने करियार की शुरुआत काफी 40वर्ष की उम्र में की थी।

असल मे उससे पहले उन्होंने कोशिश की थीं, लेकिन उनका एक फिल्ममेकर ने यह कहकर ऑडिशन रिजेक्ट कर दिया था कि उनका चेहरा एक्टिंग के लिए परफेक्ट नहीं है। इस दौरान अमरीश पुरी ने एक बीमा कंपनी में जॉब करना शुरू कर दिया था। हालाँकि नौकरी के साथ-साथ वो पृथ्वी थियेटर से भी जुड़े रहे गए थे, लेकिन इस दौरान अमरीश पूरी ने अपने एक्टिंग के जुनून को कायम रखा और वह लगातार प्रयास करते रहे।

उनकी कोशिश रंग भी लाई, अमरीश पुरी ने साल 1971 में फ़िल्म 'रेशमा और शेरा' में पर्दे पर नज़र आये थे। इस फ़िल्म में सुनील दत्त और वहीदा रहमान भी थे। यहीं से उनके एक्टिंग करियर की पारी शुरू हुई, जो काफी शानदार साबित हुई। अमरीश पुरी ने एक से बढ़कर एक रोल किए। लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा निगेटिव शेड्स में पॉप्युलैरिटी मिली। भले ही वो आज दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका नाम आज भी बॉलीवुड के बेस्ट विलेन में टॉप पर आता है।

वैसे तो उन्होंने 1980 के दशक में काफी सारी फिल्मों में विलेन की भूमिका निभाई और वह एक विलेन के रूप में कई बड़ी फिल्मों में अपनी छाप छोड़ने में कामयाब भी रहे। लेकिन 1987 में आयी अनिल कपूर और श्री देवी स्टारर फिल्म ‘मिस्टर इंडिया में मोगैंबो बनकर अमरीश पुरी ऐसे हिट हुए कि उनका उस फ़िल्म का डायलॉग ‘मोगैंबो खुश हुआ’ आज भी लोगों की जुबान पर रहता है और लोग उन्हें खूब याद करते हैं।

वहीं, मोगैंबो के किरदार के अलावा बाबा भैरोनाथ, जनरल डॉन्ग, राजा साहब, करन-अर्जुन, परदेस, ग़दर एक प्रेम कथा में उनका निगेटिव शेड्स वाला विलेन का कैरेक्टर ऑडियंस को खूब पसंद आया था।

पॉजिटिव किरदारों से भी जीता दिल पर्दे पर सिर्फ विलेन के निगेटिव शेड्स वाले किरदार ही नहीं बल्कि दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे, मुझसे शादी करोगी, घायल और विरासत जैसी फिल्मों में अमरीश पुरी ने पॉजिटिव कैरेक्टर में भी ऑडियंस का दिल जीत एक अलग ही छाप छोड़ी थी। हालांकि पर्दे पर भले ही अमरीश पुरी निगेटिव कैरेक्टर में नज़र आये हो, लेकिन निजी जिंदगी में वह काफी शानदार शख्सियत थे।

नहीं बदला व्यवहार

उनके साथ काम कर चुके एक्टर्स बताते हैं कि, अमरीश पुरी का बर्ताव हमेशा बेहद पॉजिटिव और अपने को-स्टार्स के लिए काफी हेल्पफुल रहा है। पर्दे पर अपार सफलता मिलने के बाबजुद भी उनके एटीट्यूड में कभी कोई बर्ताव नही आया। जबकि फिल्मों के सेट पर उन्हें फ़िल्म के एक्टर से ज्यादा सम्मान और इम्पॉर्टेंस मिलती थी।

400 से ज्यादा फिल्मों में किया काम

उन्होंने अपने 35 साल के करियर में करीब 400 फिल्मो में काम किया। आखिरी बार वह पर्दे पर फ़िल्म 'किसना' में नज़र आये थे। 22 जनवरी, 2005 को अमरीश पुरी ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। आज भले ही वह हमारे बीच न हो लेकिन उनका हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में शानदार योगदान है। आज भी न सिर्फ विलेन की टॉप लिस्ट में पहला नाम उन्हीं का आता है, बल्कि विलेन के रोल में फिट होने के लिए एक्टर्स को उन्हीं की एक्टिंग का उदाहरण दिया जाता है।

Edited By Nitin Yadav

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