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उन्नाव

गंगा और सई नदी के बीच पड़ने वाले उन्नाव संसदीय क्षेत्र की पहचान कलम और तलवार के धनी जनपद के रूप में होती है। पंडित सूर्यकांत त्रिपाठी निराला और शहीदे आजम चंद्रशेखर, हसरत मोहानी जैसे आजादी के दीवानों ने उन्नाव को अलग पहचान दिलाई है। गत चुनाव में सांसद साक्षी महराज ने कांग्रेस से सीट छीनकर भाजपा के पाले में की थी। इस संसदीय क्षेत्र में उन्नाव सदर, भगवंतनगर, मोहान, सफीपुर, बांगरमऊ विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा जबकि पुरवा में बसपा विधायक अनिल सिंह जीते। हालांकि वह भी अब भाजपा के समर्थक हैं। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित भी उन्नाव लोकसभा की भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। बांगरमऊ के विधायक कुलदीप सिंह दुष्कर्म के मामले में आरोपित हैं और जेल भेजे गए हैं।

 

विकास का हाल और स्थानीय मुद्दे

यह जिला विकास की दृष्टि से पिछड़ा है। तमाम गांव सड़कों से नहीं जुट पाये हैं। 55 गांव अभी भी विद्युतीकरण से अछूते हैं। यहां के मुद्दों में साफ पानी, और बेहतर स्वास्थ्य सेवा है। पानी में फ्लोराइड की समस्या दूर करने की मांग 20 सालों से हो रही है। हाईवे होने के बाद भी मुख्यालय के ट्रामा सेंटर की सौगात अभी भी अधूरी पड़ी है। शुक्लागंज अभी  भी बिना सीवर लाइन के है।

 

उन्नाव की खास बातें

उन्नाव उत्तर प्रदेश का एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है। यह लखनऊ और कानपुर के बीच में स्थित है, उन्नाव ज़िला मुख्यालय लखनऊ से लगभग 60 किलोमीटर और कानपुर से 18 किलोमीटर दूर है। यह शहर अपने चमड़े, मच्छरदानी, जरदोजी और रासायनिक उद्योगों के लिए प्रसिद्ध है। उन्नाव अपने समोसे (कचौड़ी गली) चाट (छोटा चौराहा में मुन्ना की चाट) पाव भाजी और काला जामुन के लिए जाना जाता है। पक्षी व्याख्या केंद्र, नवाबगंज बर्ड सेंचुरी, नवाबगंज लेक यहां के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। जवाहर नवोदया विद्यालय, सरस्वती विद्या मंदिर, राम कुमार दीक्षित इंटर कॉलेज, गवर्नमेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज यहां के कुछ बेस्ट कॉलेज में से हैं। दिल्ली से उन्नाव की दूरी 252.7 किलोमीटर है।

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  • सीटें534
  • महिला मतदाता969,919
  • पुरुष मतदाता1,194,394
  • कुल मतदाता2,164,392

घोषित उम्मीदवार लोकसभा 2019

लोकसभा चुनाव

    • जन्मतिथि12 जनवरी 1956
    • जेंडरM
    • शिक्षाबीए, एम ए
    • संपत्ति3.21 करोड़

    पूर्व सांसद

    • स्वामी साक्षी जी महाराज

      बीजेपी2019

    • अन्नू टंडन

      कांग्रेस2009

    • बृजेश पाठक

      बीएसपी2004

    • दीपक कुमार

      सपा1999

    • देवी बक्स

      बीजेपी1998

    • देवी बक्स

      बीजेपी1996

    • देवी बक्स सिंह

      बीजेपी1991

    • अनवर अहमद

      जेडी1989

    • जियाउर्रहमान अंसारी

      कांग्रेस1984

    • जियाउर रहमान अंसारी

      कांग्रेस1980

    • राघवेंद्र सिंह

      बीएलडी1977

    • जियाउर रहमान

      कांग्रेस1971

    • के देव

      कांग्रेस1967

    • कृष्णा देव उर्फ मुन्नू

      कांग्रेस1962

    • विशम्भर दयाल

      कांग्रेस1957

    वीडियो

    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • अरुण जेटली(भाजपा)

      प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

      अन्य बयान
    • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

      मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

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    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

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    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

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    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

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