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टिहरी गढ़वाल

टिहरी लोकसभा क्षेत्र टिहरी, उत्तरकाशी व देहरादून जनपद की 14 विधानसभा सीटों को मिलकर बना है। धार्मिक और ऐतिहासिकता को लेकर इस सीट का अपना महत्व है। इस लोकसभा क्षेत्र में लाखमंडल, गंगा का उद्गम स्थल गोमुख, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम तथा दुनियां का आठवां सबसे बड़ा टिहरी बांध स्थित हैं। स्वामी रामतीर्थ की तप स्थली और श्रीदेव सुमन की कर्मस्थली टिहरी ही रही है। लोकसभा सीट की सीमा भारत-चीन सीमा से लगी है। टिहरी राज्य का आजादी के बाद भारत में विलय होने के बाद भी लोस चुनाव में राजशाही का दबदबा रहा। 10 आम चुनावों में राजशाही परिवार के सदस्य ही सांसद चुने गए। नौ बार यह सीट कांग्रेस, छह बार भाजपा व एक बार जनता दल के पाले में रही। इस सीट की जनसंख्या 1923454 (2011) और साक्षरता दर 78.2 फीसद है।

 

विधानसभाएं, विकास और मुद्दे

इस लोकसभा क्षेत्र की 11 विधानसभाओं पर भाजपा, 2 पर कांग्रेस व एक पर निर्दलीय का कब्‍जा है। विकास के मामले में आलवेदर रोड निर्माण पर काम चल रहा है। स्थानीय मुद्दों में विस्थापन, ईकोसेंसिटिव जोन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार आदि शामिल हैं। यहां होने वाली घटनाओं में भूस्खलन, आगजनी, सड़क दुर्घटनाएं हैं।

 

टिहरी गढ़वाल की खास बातें

टिहरी गढ़वाल संसदीय क्षेत्र उत्तराखंड के पांच लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। 1957 में यह संसदीय क्षेत्र पहली बार अस्तित्व में आया। इस लोकसभा सीट को उत्तरकाशी, देहरादून और टिहरी गढ़वाल जिले के कुछ हिस्सों को शामिल कर बनाया गया है। टिहरी और गढ़वाल दो अलग नामों को मिलाकर इस जिले का नाम रखा गया है। इस इलाके को गणेश प्रयाग नाम से भी जाना जाता है। टिहरी में राजा सुदर्शन शाह ने अपनी राजधानी बनाई। पर्वतों के बीच स्थित यह स्थान प्राकृतिक सुंदरता में डूबा हुआ है। यह स्थान धार्मिक स्थल के रूप में भी काफी प्रसिद्ध है। यहां आप चम्बा, बुदा केदार मंदिर, कैम्पटी फॉल, देवप्रयाग आदि स्थानों में घूम सकते हैं।

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  • सीटें534
  • महिला मतदाता640,943
  • पुरुष मतदाता711,671
  • कुल मतदाता1,352,614

लोकसभा चुनाव

    माला राज लक्ष्मी शाह

    विजयी सांसद – 2014
    • जन्मतिथि23 अगस्त 1950
    • जेंडरF
    • शिक्षाइंटर पास
    • संपत्ति1.66 करोड़

    पूर्व सांसद

    • विजय बहुगुणा

      कांग्रेस2009

    • मानबेन्द्र शाह

      बीजेपी2004

    • मानबेन्द्र शाह

      बीजेपी1999

    • मानबेन्द्र शाह

      बीजेपी1998

    • मंबेंदर शाह

      बीजेपी1996

    • मंबेंदर शाह

      बीजेपी1991

    • ब्रह्म दत्त

      कांग्रेस1989

    • ब्रम्हा दत्त

      कांग्रेस1984

    • त्रेपन सिंह नेगी

      कांग्रेस1980

    • त्रेपानसिंह नेगी

      बीएलडी1977

    • परिपूर्णानंद पलमुले

      कांग्रेस1971

    • एम एम शाह

      कांग्रेस1967

    • मानबेन्द्र शाह

      कांग्रेस1962

    • एच.एच. महाराजा मानवेन्द्र शाह

      कांग्रेस1957

    वीडियो

    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

      अन्य बयान
    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

      अन्य बयान
    • साक्षी महाराज(भाजपा)

      मैं एक संत हूं और वोट मांगने आए हूं। एक वोट का दान कई कन्यादान के बराबर होता है। संन्यासी लोगों का भला करते हैं। मैं आपसे घर, खेती या अन्य चीज दान में नहीं मांग रहा, सिर्फ आपका वोट मांग रहा हूं। संत की मांग जो पूरी नहीं करता वह उसके किए गए पुण्य ले जाता है।

      अन्य बयान
    • राजनाथ सिंह(भाजपा)

      अगर हमारी सरकार सत्ता में दोबारा आती है, तो हम देशद्रोह कानून को और ज्यादा सख्त करेंगे। अगर जम्मू-कश्मीर के लिए अलग पीएम की मांग की जाती रही तो हमारे पास अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।

      अन्य बयान
    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      लोकसभा 2019 का चुनाव देश की दो विचारधाराओं की लड़ाई है। कांग्रेस कहती है कि देश की सभी विचारधारा, अवसर, भाषा, इतिहास, संस्कृति सब हंसी-खुशी से साथ रहें। सबको अपनी बात रखने का हक है। लेकिन संघ और बीजेपी चाहती है कि देश में एक ही विचारधारा का राज कायम रहे।

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