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श्रीकाकुलम

श्रीकाकुलम आंध्र प्रदेश का एक महत्‍वपूर्ण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है। यहां से पहली बार 1952 में निर्दलीय प्रत्‍याशी के तौर पर बोद्दापल्‍ली राजगोपाल राव जीत दर्ज कर संसद पहुंचे थे। यहां से सबसे ज्‍यादा आठ बार कांग्रेस के नेताओं ने जीत दर्ज की है। यह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र भी है। इसके अलावा यह जिला मुख्‍यालय भी है। यहां नगर पालिका समेत कई सरकारी संस्‍थानों के दफ्तर हैं। कालांतर में श्रीकाकुलम को गुलशनाबाद भी कहा जाता था। ब्रिटिश शासन के वक्‍त इस शहर का नाम बदलकर चिकाकोल रखा गया। यहां विष्‍णु भगवान का प्र‍चलित श्रीकुर्मांथा मंदिर है। 1641 में निर्मित विशाल मस्जिद भी है। जो इस शहर के इतिहास को बयां करती है। श्रीकाकुलम में आंध्र विश्वविद्यालय से संबद्ध कई महाविद्यालय हैं। यह प्रदेश की राजधानी हैदराबाद से 729 किलोमीटर दूर है जबकि राष्‍ट्रीय राजधानी नई दिल्‍ली से 1765 किलोमीटर दूर है।

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  • सीटें534
  • महिला मतदाता707,248
  • पुरुष मतदाता706,347
  • कुल मतदाता1,413,726

घोषित उम्मीदवार लोकसभा 2019

लोकसभा चुनाव

    • जन्मतिथि18 दिसम्बर 1987
    • जेंडरM
    • शिक्षापोस्ट ग्रेजुएट एमबीए
    • संपत्ति8.41 करोड़

    पूर्व सांसद

    • के राम मोहन नायडू

      टीडीपी2019

    • किल्ली करूपा रानी‎

      कांग्रेस2009

    • यरान नायडू किंजारापु

      टीडीपी2004

    • येरेनायडू किंजारपू

      टीडीपी1999

    • किंजारापु येरानायडू

      टीडीपी1998

    • किंजारापु येरानायडू

      टीडीपी1996

    • विश्वनधम कानिथी

      कांग्रेस1991

    • विश्वनाथम कानिथी

      कांग्रेस1989

    • अप्पायादोरा हनुमन्तु

      टीडीपी1984

    • रामगोपाल राव बोड्डे पल्ली

      कांग्रेस1980

    • राजगोपालराव बोद्देपल्ली

      कांग्रेस1977

    • रामगोपाल राव बोड्डे पल्ली

      कांग्रेस1971

    • जी लच्चन्ना

      एसडब्लूए1967

    • बौदिपल्ली राजगोपाल राव

      कांग्रेस1962

    • बोदेदेपाली राजगोपाल राव

      कांग्रेस1957

    • बोड्डापल्ली राजगोपाल राव

      निर्दलीय1952

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    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • अरुण जेटली(भाजपा)

      प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

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    • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

      मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

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    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

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    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

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    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

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