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राणाघाट

कोलकाता से तकरीबन 74 किलोमीटर की दूरी पर बसे राणाघाट संसदीय क्षेत्र काफी महत्वपूर्ण लोकसभा क्षेत्र है। 1952 में देश के लिए हुए पहले लोकसभा चुनावों के समय इस सीट का अस्तित्व नहीं था। इसे 2002 में भारत के परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद 2008 में गठित किया गया। यहां पर पहली बार 2009 में संसदीय चुनाव के लिए मतदान हुआ। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इसी क्षेत्र में मंगलदीप ईको टूरिज्म पार्क बनाया गया है। यह पर्यटकों का पसंदीदा दर्शनीय स्थल है। इसी क्षेत्र में बेगोपारा चर्च प्राचीन इमारतों में से एक है। रानाघाट लोकसभा सीट परिसीमन 2009 की रिपोर्ट में अस्तित्व में आई थी। इससे पहले यह सीट नवद्वीप संसदीय क्षेत्र के नाम से जानी जाती थी। नवद्वीप श्री चैतन्य महाप्रभु की जन्मभूमि है, जो भगीरथी नदी के पश्चिमी किनारे पर बसा हुआ है। कहा जाता है कि पहले यहां सेन वंश का शासन हुआ करता था।


सात विधानसभा सीट

राणाघाट लोकसभा क्षेत्र के तहत सात विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें कृष्णानगर दक्षिण, शांतिपुर, रानाघाट उत्तर पश्चिम, कृष्णगंज, रानाघाट उत्तर पूर्व, रानाघाट दक्षिण और चकदह शामिल हैं। 2009 के बाद 2014 में तृणमूल कांग्रेस ने यहां से दोबारा जीत हासिल की और तपस मंडल सांसद चुने गए। हालांकि यहां भाजपा ने भी जबरदस्त सेंधमारी की है।

 

डेमोग्राफी

राणाघाट में 56.82 फीसद आबादी गांवों में रहती है, जबकि 43.18 फीसद लोग शहरों में रहते हैं। वहीं कुल आबादी में अनुसूचित जाति और जनजाति का अनुपात क्रमश: 35.92 और 3.53 फीसद है।
 

विकास का हाल

यहां से आज भी अधिकतर लोग रोजगार की तलाश में कोलकाता का रुख करते हैं। छोटे उद्योग को छोड़कर यहां कोई बड़ा उद्योग विकसित नहीं हो सका है। यहां विकास का आंकड़ा औसत है। संसदीय क्षेत्र के सांसद निधि के तहत 25 करोड़ रुपये निर्धारित हैं. इसमें विकास संबंधी कार्यों के लिए 22.50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। 27 जनवरी 2019 के रिकॉर्ड के मुताबिक रानाघाट के सांसद तपस मंडल 82.37 फीसदी फंड का इस्तेमाल कर चुके हैं।  

स्थानीय मुद्दे

यहां बढ़ता अपराध एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है। यहां सौंदर्य प्रसाधन से लेकर खाने-पीने की चीजों से जुड़ी जाली कंपनियों की भरमार है। अवैध शराब का कारोबार भी प्रमुख मुद्दा है, क्योंकि चंद महीने पहले ही जहरीली शराब पीने से यहां आधे दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।

राणाघाट की खास बातें

राणाघाट संसदीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल का महत्वपूर्ण लोकसभा क्षेत्र है। 1952 में देश के लिए हुए पहले लोकसभा चुनावों में इस सीट का अस्तित्व नहीं था। इसे 2002 में भारत के परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद 2008 में गठित किया गया। यहां पर पहली बार 2009 में संसदीय चुनाव के लिए मतदान हुआ। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इसी क्षेत्र में मंगलदीप ईको टूरिज्म पार्क बनाया गया है। यह पर्यटकों का पसंदीदा दर्शनीय स्थल है। इसी क्षेत्र में बेगोपारा चर्च प्राचीन इमारतों में से एक है। प्रदेश राजधानी कोलकाता से 74 किलोमीटर दूर है।

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  • सीटें534
  • महिला मतदाता771,515
  • पुरुष मतदाता831,318
  • कुल मतदाता1,602,849

घोषित उम्मीदवार लोकसभा 2019

लोकसभा चुनाव

    तापस मंडल

    विजयी सांसद – 2014
    • जन्मतिथि3 जनवरी 1972
    • जेंडरM
    • शिक्षाडॉक्टरेट
    • संपत्ति81 लाख

    पूर्व सांसद

    • जगननाथ शंकर

      बीजेपी2019

    • सुचारू रंजन हल्दर

      तृणमूल कांग्रेस2009

    वीडियो

    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • अरुण जेटली(भाजपा)

      प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

      अन्य बयान
    • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

      मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

      अन्य बयान
    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

      अन्य बयान
    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

      अन्य बयान
    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

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