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पुणे

पुणे महाराष्ट्र के 48 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। यह क्षेत्र मूला और मूठा नदियों के किनारे पर बसा हुआ है। इस क्षेत्र को महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी भी माना जाता है। मराठा पेशवाओं द्वारा बनाया गया शनिवारवाड़ा दुर्ग यहीं पर है। यहां पर टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो, भारत फोर्ज जैसे उत्पादन क्षेत्र के अनेक बड़े उद्योग हैं। 1990 के दशक में इन्फोसिस, टाटा कंसल्टंसी सर्विस, विप्रो, सिमैंटेक, आईबीएम जैसे प्रसिद्ध सॉफ्टवेयर कंपनियों ने पुणे में अपने केंद्र खोले और यह शहर भारत का एक प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी के रूप मे विकसित हुआ। कई शिक्षण संस्थाएं होने के कारण इस शहर को पूरब का ऑक्सफोर्ड भी कहा जाता है। पुणे विद्यापीठ, राष्ट्रीय रासायनिक प्रयोगशाला, आयुका, आगरकर संशोधन संस्था, सी-डैक जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थान यहां हैं। पुणे फिल्म इंस्टीशट्यूट भी काफी प्रसिद्ध है।

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  • सीटें534
  • महिला मतदाता886,266
  • पुरुष मतदाता949,561
  • कुल मतदाता1,835,835

घोषित उम्मीदवार लोकसभा 2019

लोकसभा चुनाव

    अनिल शिरोले

    विजयी सांसद – 2014
    • जन्मतिथि13 सितम्बर 1950
    • जेंडरM
    • शिक्षाग्रेजुएट
    • संपत्ति22.76 करोड़

    पूर्व सांसद

    • श्री गिरीश बापट

      बीजेपी2019

    • सुरेश कलमाड़ी

      कांग्रेस2009

    • सुरेश कलमाड़ी

      कांग्रेस2004

    • प्रदीप रावत

      बीजेपी1999

    • तुपे विट्ठल बाबूराव

      कांग्रेस1998

    • सुरेश कलमाड़ी

      कांग्रेस1996

    • अन्ना जोशी

      बीजेपी1991

    • जी विट्ठलराव नरहर

      कांग्रेस1989

    • विठलराव नरहरि गादिल

      कांग्रेस1984

    • गाडगिल विठ्ठल नरहर

      कांग्रेस1980

    • मोहन धरिया

      बीएलडी1977

    • मोहन मानिकचंद धरिया

      कांग्रेस1971

    • एस एम जोशी

      एसएसपी1967

    • शंकरराव शांताराम मोरे

      कांग्रेस1962

    • गोरे नारायण गणेश

      पीएसपी1957

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    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • अरुण जेटली(भाजपा)

      प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

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    • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

      मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

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    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

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    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

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    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

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