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मथुरापुर

1962 में मथुरापुर लोकसभा सीट अस्तित्व में आई थी। यहां पहली बार कांग्रेस के टिकट पर पुर्णेंदु शेखर नस्कर ने जीत दर्ज की थी। उसके बाद 1967 में यहां से भाकपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। 1971 में यह सीट माकपा ने भाकपा से छीन ली और 1984 तक मथुरापुर लोस सीट पर अपना कब्जा जमाए रखा। यहां से लगातार मुकुंद राम मंडल जीत दर्ज करते रहे। 1984 में कांग्रेस ने यह सीट माकपा से छीन ली और लंबे अंतराल के बाद माकपा को हराकर कांग्रेस के मनोरंजन हल्दर ने जीत दर्ज की लेकिन 1989-91 में माकपा ने फिर से सीट कांग्रेस से छीन ली। तब से साल 2004-09 तक माकपा के ही कब्जे में यह सीट रही, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने 2009 के चुनाव में यह सीट माकपा से छीन ली। 2014 के चुनाव में तृणमूल के चौधरी मोहन जटुआ ने 6,27,761 वोट से दोबारा जीत दर्ज की, जबकि माकपा के ङ्क्षरकू नस्कर 4,89,325 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे। वहीं, भाजपा के तपन नस्कर 66,538 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे। वर्तमान में मथुरापुर लोस से तृणमूल के चौधरी मोहन जटुआ ही सांसद हैं।


डेमोग्राफी, विधानसभा सीटें और मुद्दे

यहां की जनसंख्या 22,16,787 है। यहां 94 फीसद ग्रामीण और छह फीसद शहरी मतदाता हैं। मतदाताओं की कुल संख्या 14,88,784 है। इनमें पुरुष मतदाता 7,72,279 हैं, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 7,16,505 है। यहां 20 मतदान केंद्र हैं। इस संसदीय क्षेत्र में पाथरप्रतिम, काकद्वीप, सागर, कुलपी, रायदीघी, मंदिरबाजार (एससी)और मगराहाट पश्चिम विधानसभा सीटें हैं। सागर में मूड़ी गंगा पर सेतु का निर्माण एक बड़ा व राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा है, क्योंकि हर साल मकर संक्रांति पर गंगासागर जाने वाले लाखों तीर्थयात्रियों को सेतु न होने के कारण काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कुलपी में बंदरगाह का निर्माण भी बड़ा मसला है। चूंकि अरब की एक कंपनी ने लंबे समय से फंसी इस परियोजना में हाथ लगाया है इसलिए तृणमूल इसका श्रेय लेने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
 

मथुरापुर की खास बातें

मथुरापुर संसदीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल का महत्वपूर्ण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है। 1952 में देश के लिए हुए पहले लोकसभा निर्वाचन में यह सीट अस्तित्व में नहीं थी। 1962 में हुए चौथे लोकसभा चुनाव के लिए इस संसदीय क्षेत्र का गठन किया गया। इस लोकसभा क्षेत्र में काकद्वीप, सागर, कुलपी समेत सात विधानसभा क्षेत्रों को समाहित किया गया है। उत्तर 24 परगना जिले का हिस्सा यह इलाका बसीरहाट शहर का जनगणना क्षेत्र है। यहां के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में टेंपल ऑफ फेम, फ्लैग स्टाफ हाउस, गांधी घाट, मचरंगा द्वीप हैं।

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  • सीटें534
  • महिला मतदाता716,496
  • पुरुष मतदाता772,277
  • कुल मतदाता1,488,785

घोषित उम्मीदवार लोकसभा 2019

लोकसभा चुनाव

    चौधरी मोहन जटुआ

    विजयी सांसद – 2014
    • जन्मतिथि9 जून 1938
    • जेंडरM
    • शिक्षापोस्ट ग्रेजुएट
    • संपत्ति48 लाख

    पूर्व सांसद

    • मोहन चौधरी

      तृणमूल कांग्रेस2019

    • चौधरी मोहन जाटुआ

      तृणमूल कांग्रेस2009

    • बसुदेब बर्मन

      सीपीआई-एम2004

    • राधिका रंजन प्रमाणिक

      सीपीआई-एम1999

    • राधिका रंजन प्रमाणिक

      सीपीआई-एम1998

    • राधिका रंजन प्रमाणिक

      सीपीआई-एम1996

    • राधिका रंजन प्रमाणिक

      सीपीआई-एम1991

    • राधिकाराजन प्रमाणिक

      सीपीआई-एम1989

    • मनोरंजन हलदर

      कांग्रेस1984

    • मुकुंदराम मंडल

      सीपीआई-एम1980

    • मुकुंद कुमार मंडल

      सीपीआई-एम1977

    • मधुरज्या हलधर

      सीपीआई-एम1971

    • के हलदार

      सीपीआई1967

    • पूरनेंदु शेखर नासकर

      कांग्रेस1962

    वीडियो

    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • अरुण जेटली(भाजपा)

      प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

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    • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

      मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

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    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

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    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

      अन्य बयान
    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

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