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कोलकाता उत्तर

कोलकाता उत्तर पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस के सबसे मजबूत गढ़ में से एक है। सुदीप बंद्योपाध्याय पिछले एक दशक से यहां के सांसद हैं। परिसीमन के फलस्वरूप कलकत्ता उत्तर-पश्चिम एवं कलकत्ता उत्तर-पूर्व लोकसभा सीटों का विलय कर इस संसदीय सीट का गठन हुआ था। सुदीप कलकत्ता उत्तर-पश्चिम सीट के रहते 1998 व 1999 में हुए संसदीय चुनाव में भी यहां से निर्वाचित हुए थे। नई सीट के गठन के बाद सुदीप ने 2009 के लोकसभा चुनाव में मोहम्मद सलीम को एक लाख से अधिक वोट से हराया था। उस समय उन्हें 52.50 फीसद वोट मिले थे। वहीं पिछले संसदीय चुनाव में उन्‍होंने भाजपा के राहुल सिन्हा को एक लाख से कम वोट से हराया।


बदल गया है मुख्य प्रतिद्वंद्वी

इस सीट पर तृणमूल का मुख्य प्रतिद्वंद्वी माकपा की जगह अब भाजपा है। हालांकि तृणमूल का वोट प्रतिशत घटा है। 2009 में माकपा के खिलाफ जहां तृणमूल का वोट प्रतिशत यहां 52.50 था, वहीं 2014 में भाजपा के खिलाफ उल्लेखनीय रूप से घटकर 35.94 फीसद हो गया, जो सत्तारूढ़ दल के लिए चिंता का सबब है। हालांकि तृणमूल के लिए बड़ी राहत वाली बात यह है कि कोलकाता उत्तर में शामिल सातों विधानसभा क्षेत्रों चौरंगी, इंटाली, बेलियाघाटा, जोड़ासांको, श्यामपुकुर, मानिकतल्ला और काशीपुर बेलगछिया पर उसका कब्जा है।


सबसे बड़ा मुद्दा

चूंकि सुदीप रोजवैली चिटफंड घोटाले और नारदा स्टिंग ऑपरेशन में फंसे हैं, इसलिए उनके व पार्टी के खिलाफ यह बड़ा मुद्दा बन सकता है। 31 मार्च, 2016 को इस संसदीय क्षेत्र में निर्माणाधीन पोस्ता फ्लाईओवर के एक हिस्से के अचानक ढह जाने से दर्जनों लोगों की मौत पिछले पांच वर्षों में यहां सबसे बड़ी घटना रही है।


पुरातन कलकत्ता को संजोए है यह सीट

कोलकाता उत्तर का अपना अलग चरित्र है। कोलकाता के दक्षिण हिस्से में जहां पाश्चात्य संस्कृति झलकती हैं, हाईराइज बिल्डिंग्‍स हैं, वहीं महानगर का उत्तरी हिस्सा अपनी परंपरा के लिए अधिक जाना जाता है। यह कोलकाता अब भी अपने प्राचीन स्वरूप में नजर आता है।


कोलकाता उत्तर की खास बातें

कोलकाता उत्तर, पश्चिम बंगाल का एक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है। इसके सात विधानसभा क्षेत्र हैं। 2009 में यहां पहली बार लोकसभा चुनाव हुआ था। यह पश्चिम बंगाल की राजधानी है। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के सुदीम बंदोपाध्याय यहां के पहले सांसद हैं। कोलकाता की प्रसिद्ध नदी इसी शहर से होकर बहती है। यहां का सुभाषचंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भी काफी प्रसिद्ध है। कोलकता शहर का उत्तरी भाग सबसे पुराने भागों में से एक है, जिसमें 19वीं शाताब्दी के स्थापत्य और संकरे गली कूचे दिखायी देते हैं।दिल्ली से कोलकाता उत्तर की दूरी 1,491.2 किलोमीटर है।

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  • सीटें534
  • महिला मतदाता636,542
  • पुरुष मतदाता797,437
  • कुल मतदाता1,433,985

घोषित उम्मीदवार लोकसभा 2019

लोकसभा चुनाव

    सुदीप बंदोपाध्याय

    विजयी सांसद – 2014
    • जन्मतिथि10 दिसम्बर 1952
    • जेंडरM
    • शिक्षाग्रेजुएट
    • संपत्ति2.20 करोड़

    पूर्व सांसद

    • सुदीप बंधोपध्याय

      तृणमूल कांग्रेस2019

    • सुदीप बंदोपाध्याय

      तृणमूल कांग्रेस2009

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    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • अरुण जेटली(भाजपा)

      प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

      अन्य बयान
    • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

      मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

      अन्य बयान
    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

      अन्य बयान
    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

      अन्य बयान
    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

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