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झाड़ग्राम

जंगलमहल का महत्वपूर्ण जिला झाड़ग्राम संसदीय क्षेत्र अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए सुरक्षित है। इस लोकसभा क्षेत्र का कुछ हिस्सा बांकुड़ा जिले में भी शामिल है। राज्य के दूसरे हिस्सों की तरह यह संसदीय क्षेत्र भी 70 के दशक से वामपंथ से प्रभावित रहा था, लेकिन 2011 में शुरू हुई परिवर्तन की हवा ने इसे भी अपने कब्जे में लेना शुरू किया। इस संसदीय क्षेत्र में 7,53,840 पुरुष व 7,21,272 महिला मतदाता शामिल हैं। 2008 से 2011 तक यह क्षेत्र माओवाद का भी शिकार रहा। 2014 में हुए पिछले लोकसभा चुनाव में इस सीट से तृणमूल उम्मीदवार उमा सोरेन ने जीत हासिल की थी। उन्होंने 54.60 की दर से कुल 6,74,504 वोट हासिल किए थे, वहीं माकपा के बेहद अनुभवी और जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. पुलिन बिहारी बास्के को 3,26,621 वोट ही हासिल हुए। उन्हें 26.50 फीसद वोट ही मिले।


विधानसभा क्षेत्र और विकास

इसके तहत कुल सात विधानसभा क्षेत्र आते हैं, जिनमें झाड़ग्राम, बीनपुर, शालबनी, गोपीबल्लभपुर, नयाग्राम, गड़वेत्ता व बंदवान शामिल हैं। ये सभी सीटें तृणमूल के अधीन हैं। इस संसदीय क्षेत्र से माओवाद के सफाए के साथ ही सत्तारूढ़ तृणमूल झाड़ग्राम को नया जिला बनाने का श्रेय लेना चाहेगी, वहीं माकपा समेत अन्य विरोधी दल सांसद उमा सोरेन की लंबी अनुपस्थिति को मुद्दा बनाने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक खुद तृणमूल नेतृत्व भी उमा सोरेन से नाराज है। विकास के मामले में सड़क, पानी व बिजली की आपूर्ति की दशा में सुधार हुआ है, अलबत्ता बेरोजगारी और गरीबी अब भी क्षेत्र में बड़ा मुद्दा है।
 

झाड़ग्राम की खास बातें

झाड़ग्राम, पश्चिम बंगाल का महत्वपूर्ण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है। यह शहर अपने जंगलों, प्राचीन मंदिरों को शाही किलों के लिए जाना जाता है। झाड़ग्राम राज कॉलेज, विवेकानंद सतवार्षिकी महाविद्यालय, ईश्‍वर चंद्र विद्यसागर पॉलिटेक्निक यहां के प्रमुख शैक्षिण संस्थान हैं। झाड़ग्राम धीर पार्क यहां का प्रमुक पर्यटन स्थल है। घगरा वॉटर फॉल, कनक दुर्गा मंदिर, खंदारानी बांध यहां का प्रमुख पर्यटन स्थल है। दिल्ली से झाड़ग्राम की दूरी 1,416.3 किलोमीटर है।

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  • सीटें534
  • महिला मतदाता721,269
  • पुरुष मतदाता753,841
  • कुल मतदाता1,475,112

घोषित उम्मीदवार लोकसभा 2019

लोकसभा चुनाव

    उमा सरीन

    विजयी सांसद – 2014
    • जन्मतिथि9 मई 1984
    • जेंडरF
    • शिक्षाएमबीबीएस
    • संपत्ति4 लाख

    पूर्व सांसद

    • डॉ कुंवर हेम्ब्रम

      बीजेपी2019

    • पुलिन बिहारी बस्के

      सीपीआई-एम2009

    • रूपचंद मुर्मू

      सीपीआई-एम2004

    • रूपचंद मुर्मू

      सीपीआई-एम1999

    • मुर्मू रूपचंद

      सीपीआई-एम1998

    • रूपचंद मुर्मू

      सीपीआई-एम1996

    • रूपचंद मुर्मू

      सीपीआई-एम1991

    • मतिलाल हंसदा

      सीपीआई-एम1989

    • मोतीलाल हंसदा

      सीपीआई-एम1984

    • हसदा मतिलाल

      सीपीआई-एम1980

    • जदुनाथ किस्‍कू

      सीपीआई-एम1977

    • अमिया कुमार किसकु

      कांग्रेस1971

    • ए के किस्कू

      बीएसी1967

    • सुबोध हंसदा

      कांग्रेस1962

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    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • अरुण जेटली(भाजपा)

      प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

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    • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

      मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

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    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

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    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

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    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

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