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हावड़ा

पूर्वी भारत का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले हावड़ा शहर का इतिहास 500 वर्ष पुराना है। हावड़ा सदर संसदीय क्षेत्र के तहत स्थित हावड़ा रेलवे स्टेशन न सिर्फ बंगाल, बल्कि देश के अहम रेलवे स्टेशनों में से एक है। हावड़ा स्टेशन रेल मार्ग के जरिए देश के लगभग सभी हिस्सों से जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि इसे पूर्वी भारत का प्रवेश द्वार कहा जाता है। कभी औद्योगिक विकास के लिए देश में मशहूर रहा हावड़ा आज अपनी पुरानी पहचान का मोहताज है। बात अगर राजनीति गतिविधियों की करें तो हावड़ा संसदीय क्षेत्र पर मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का लंबे समय तक एकछत्र राज रहा है। 1957 से 2009 के बीच माकपा का इस क्षेत्र पर साढ़े चार दशकों तक राजनीतिक कब्जा रहा, हालांकि 1998 में तृणमूल के गठन के बाद पहली बार तृणमूल ने परचम लहराया। तब से तृणमूल इस सीट पर काबिज रही। वर्तमान में यहां से तृणमूल के प्रसून बनर्जी सांसद हैं। हावड़ा सदर संसदीय क्षेत्र के तहत सात विधानसभा सीटें हैं। 2006 में परिसीमन के बाद इस लोकसभा सीट में बाली, हावड़ा उत्तर, हावड़ा मध्य, शिवपुर, हावड़ा दक्षिण, सांकराइल और पांचला विधानसभा सीटों को शामिल किया गया था।

 

डेमोग्राफी, विकास और मुद्दे

2011 की जनगणना के अनुसार हावड़ा सदर संसदीय क्षेत्र की जनसंख्या 15,05,099 है। इनमें पुरुष मतदाता 53.33 फीसद और महिला मतदाता 46.67 फीसद हैं। शिक्षा दर 83.31 फीसद है। लिंगानुपात 1,000 पुरुषों पर 875 महिलाएं हैं। इस इलाके से एनच-6 और एनच-2 जैसी दो अहम सड़कें गुजरती हैं। सांसद के प्रयास से इलाके में मूलभूत सुविधाओं को विकसित करने का प्रयास किया गया है। सांसद मद से इलाके में रोशनी, सड़कें व पेयजल की सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया गया है। हावड़ा में जूट उद्योग का स्वरूप एक समय काफी महत्वपूर्ण व बड़ा था। यहां की मिलें हजारों लोगों के लिए रोजगार का जरिया थीं। हालांकि समय के साथ तमाम प्रकार की समस्याओं के कारण ज्यादातर मिलें बंद हो गईं। जो मिलें चल रही हैं, उनकी हालत भी अच्‍छी नहीं हैं। आए दिन जूट मिलों में श्रमिकों का गतिरोध व उत्पादन बंद होने की खबरें आती रहती हैं। चुनावी दौर में यह विषय तमाम राजनीतिक दलों के लिए मुद्दा बनता है।
 

हावड़ा की खास बातें

हावड़ा संसदीय क्षेत्र पश्चिम बंगाल के 42 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। हुगली नदी के तट पर बसा यह इलाका बंगाल का प्रमुख हिस्‍सा माना जाता है। हावड़ा और कलकत्ता को जुड़वां शहर भी कहा जाता है। इस क्षेत्र का नाम हुगली नदी पर बने हावड़ा ब्रिज के नाम से भी जाना जाता है। क्षेत्र का इतिहास प्राचीन बंगाली राज्य भुरशुट से जुड़ा है, जिनका यहां शासन था। हावड़ा अपने उद्योगों, रेलवे टर्मिनल और हावड़ा ब्रिज के लिये जाना जाता है।

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  • सीटें534
  • महिला मतदाता702,441
  • पुरुष मतदाता802,653
  • कुल मतदाता1,505,099

घोषित उम्मीदवार लोकसभा 2019

लोकसभा चुनाव

    प्रसून बनर्जी

    विजयी सांसद – 2014
    • जन्मतिथि6 अप्रैल 1955
    • जेंडरM
    • शिक्षाग्रेजुएट
    • संपत्ति1 करोड़

    पूर्व सांसद

    • प्रसून बनर्जी

      तृणमूल कांग्रेस2019

    • अंबिका बनर्जी

      तृणमूल कांग्रेस2009

    • स्वदेश चक्रवर्ती

      सीपीआई-एम2004

    • स्वदेश चक्रवर्ती

      सीपीआई-एम1999

    • डॉ बिक्रम सरकार

      डब्लूबीटीसी1998

    • प्रिय रंजन दास मुंशी

      कांग्रेस1996

    • सुसांत चक्रवर्ती सुधीर

      सीपीआई-एम1991

    • सुशांत चक्रवर्ती

      सीपीआई-एम1989

    • प्रिय रंजन दास मुंशी

      कांग्रेस1984

    • समर मुखर्जी

      सीपीआई-एम1980

    • समर मुखर्जी

      सीपीआई-एम1977

    • समर मुखर्जी

      सीपीआई-एम1971

    • के के चटर्जी

      कांग्रेस1967

    • मोहम्मद इलियास

      सीपीआई1962

    • मोहम्मद इलियास

      सीपीआई1957

    • सन्तोष कुमार दत्ता

      कांग्रेस1952

    वीडियो

    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • अरुण जेटली(भाजपा)

      प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

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    • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

      मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

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    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

      अन्य बयान
    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

      अन्य बयान
    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

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