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इलुरू

एलुरु आंध्र प्रदेश के 25 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। यहां पहली बार 1952 में लोकसभा के चुनाव हुए। इस चुनाव में कम्‍यूनिस्‍ट पार्टी ने विजय पाई और उसके प्रत्‍याशी कोंडरू सुब्‍बा राव संसद पहुंचे। यह क्षेत्र पश्चिम गोदावरी जिले का एक शहर और जिला मुख्यालय समेत मंडल मुख्यालय भी है। यह क्षेत्र तमिलरू नदी के किनारे पर बसा है। इसका इतिहास दूसरी शताब्दी का है। इस इलाके पर चालुक्य और इक्ष्‍वाकुओं, काकतीय, कलिंग और कुतुब राज्‍य का शासन रहा। बाद में निजाम, डच और अंग्रेजों की हुकूमत यहां रही। इस क्षेत्र को ऊन, कालीन और हाथ के बुने हुए उत्पादों के लिए जाना जाता है। बुद्धा पार्क यहां का प्रमुख आकर्षण केंद्र है। हैदराबाद से यह इलाका करीब 325 किलोमीटर दूर है, जबकि राजधानी दिल्‍ली से यह इलाका करीब 1922 किलोमीटर दूर है।

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  • सीटें534
  • महिला मतदाता720,738
  • पुरुष मतदाता706,952
  • कुल मतदाता1,427,764

घोषित उम्मीदवार लोकसभा 2019

लोकसभा चुनाव

    मगनती वेंकटेश्वर राव

    विजयी सांसद – 2014
    • जन्मतिथि5 फ़रवरी 1960
    • जेंडरM
    • शिक्षामैट्रिक
    • संपत्ति12.93 करोड़

    पूर्व सांसद

    • के श्रीधर

      वाईएसआरसीपी2019

    • कवरू सांबसिव राव

      कांग्रेस2009

    • कवरू सांबसिव राव

      कांग्रेस2004

    • बोल्ला बुल्ली रमैय्या

      टीडीपी1999

    • मगंती वेंकटेश्वारा राव बाबू

      कांग्रेस1998

    • बोल्ला बूली रमैय्या

      टीडीपी1996

    • बोल्ला बुल्ली रमैय्या

      टीडीपी1991

    • कृष्‍णा

      कांग्रेस1989

    • बोल्ला बुल्ली रमैय्या

      टीडीपी1984

    • चित्तूरी सुब्बाराव चौधरी

      कांग्रेस1980

    • कोम्मारेड्डी सूर्यनारायण

      कांग्रेस1977

    • कोम्मारेड्डी सूर्यनारायण

      कांग्रेस1971

    • के सूर्यनारायण

      कांग्रेस1967

    • विरामाचानेनि विमलादेवी

      सीपीआई1962

    • कुमारी मोठे वेदा कुमारी

      कांग्रेस1957

    • के सुभा राव

      सीपीआई1952

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    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • अरुण जेटली(भाजपा)

      प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

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    • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

      मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

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    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

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    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

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    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

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