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दमदम

कोलकाता से सटी दमदम लोकसभा सीट उत्तर 24 परगना जिले के तहत आती है। 6 फरवरी, 1757 को बंगाल के तत्कालीन नवाब ने दमदम को अंग्रेजों के सुपुर्द कर अपने हिसाब से तैयार करने को कह दिया था। 1783 में दमदम सैन्य छावनी की स्थापना की गई और सेना के लिए बैरक बनाए गए। पहले दमदम को 'डोमडोमा’ के तौर पर जाना जाता था। औपनिवेशिक काल में इसके भौगोलिक ढांचे की वजह से ही ब्रिटिश सरकार ने इसे अलग तरह से विकसित किया, जहां सेना के लिए छावनी थी और सरकारी शस्त्रागार थे। 1884 में यहां आर्डिनेंस फैक्टरी की स्थापना की गई।


सभी सात विधानसभा तृणमूल के कब्जे में

दमदम संसदीय क्षेत्र में सात विधानसभा सीटें हैं, जिनमें खड़दह, दमदम उत्तर, पानीहाटी, कमरहïट्टी, बरानगर, दमदम और राजारहाट-गोपालपुर शामिल हैं। इलाके में यूं तो वर्चस्व तृणमूल का है, लेकिन यहां मुकाबला त्रिकोणीय है। भाजपा की बढ़ती पैठ और माकपा की पहले से मौजूदगी सियासी समीकरण को जटिल बना रहा है। संप्रग सरकार में मंत्री रहे तृणमूल के सौगत रॉय 2009 से ही सांसद हैं। 1990 के दशक के अंतिम चरण में तपन सिकदर बतौर भाजपा उम्मीदवार जीते थे। तब तृणमूल-भाजपा में गठबंधन था।


डेमोग्राफी

यहां की जनसंख्या मिश्रित है। यहां भी हिंदीभाषियों की अच्छी तादाद है। यहां की 98 फीसद आबादी शहरी क्षेत्रों में रहती है। रोजगार के लिए कई कल-कारखाने हैं, जबकि कुछ लोग कोलकाता में काम करते हैं और उनका ठिकाना थोड़ी दूरी पर बसा दमदम है। तकरीबन 10 फीसद आबादी अनुसूचित जनजातियों की है। महानगर से सटे होने और शहरी क्षेत्र होने के कारण यहां अधिकतर लोगों के जीविकोपार्जन का जरिया रोजगार ही है।
 

विकास का हाल

दमदम नगरपालिका के तहत पड़ने वाले इलाकों में बुनियादी ढांचे को लेकर किया गया काम जमीनी स्तर पर दिखता है। दमदम संसदीय क्षेत्र के लिए सांसद निधि के तहत 25 करोड़ रुपये निर्धारित हैं। विकास संबंधी कार्यों के लिए 25 करोड़ रुपये पूरे जारी कर दिए गए। सौगत राय इसमें से 90 फीसदी से अधिक राशि खर्च करने का दावा करते हैं।
 

स्थानीय मुद्दे

इलाके में असामाजिक तत्वों की उपस्थिति और सत्तारूढ़ दल पर उन्हें आश्रय देने का आरोप लगता रहा है। बीते साल अक्टूबर में यहां भीड़भाड़ वाले काजीपाड़ा मोड़ पर बम ब्लास्ट हुआ था, जिसमें एक बच्चे की मौत हो गई थी और 10 घायल हुए थे। विपक्ष की ओर से बरसात के मौसम में जल निकासी और डेंगू का प्रकोप प्रमुख मुद्दा बनाया जा सकता है।

 

दमदम की खास बातें

दमदम, पश्चिम बंगाल का एक शहर है। यहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है। दमदम मोतीझील कॉलेज, दम दम मोतीझील रविंद्र महाविद्यालय, रामकृष्ण सारदा मिशन विवेकानंद विद्याभवन यहां के प्रसिद्ध शैक्षिण संस्थान हैं। दिल्ली से दम दम की दूरी 1,488.8 किलोमीटर है।

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  • सीटें534
  • महिला मतदाता690,401
  • पुरुष मतदाता715,569
  • कुल मतदाता1,405,981

घोषित उम्मीदवार लोकसभा 2019

लोकसभा चुनाव

    सौगत रॉय

    विजयी सांसद – 2014
    • जन्मतिथि6 अगस्त 1947
    • जेंडरM
    • शिक्षापोस्ट ग्रेजुएट
    • संपत्ति1.94 करोड़

    पूर्व सांसद

    • सौगत राय

      तृणमूल कांग्रेस2019

    • सौगत राय

      तृणमूल कांग्रेस2009

    • अमिताव नंदी

      सीपीआई-एम2004

    • तपन सिकदर

      बीजेपी1999

    • तपन सिकदर

      बीजेपी1998

    • निर्मल कांति चटर्जी

      सीपीआई-एम1996

    • निर्मल कांति चटर्जी

      सीपीआई-एम1991

    • निर्मल कांति चटर्जी

      सीपीआई-एम1989

    • आशुतोष ल

      कांग्रेस1984

    • नरेन घोष

      सीपीआई-एम1980

    • अशोक कृष्‍ण दत्‍त

      बीएलडी1977

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    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • अरुण जेटली(भाजपा)

      प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

      अन्य बयान
    • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

      मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

      अन्य बयान
    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

      अन्य बयान
    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

      अन्य बयान
    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

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