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बोलपुर

बोलपुर लोकसभा सीट 1967-71 में कांग्रेस के पास थी, लेकिन 1971 में हुए चुनाव के बाद उक्त सीट पर माकपा ने कब्जा कर लिया था। 1985 में बोलपुर सीट पर हुए उपचुनाव में सोमनाथ चटर्जी माकपा से सांसद चुने गए। इसके बाद माकपा की जीत का ऐसा सिलसिला चला कि 2004-09 तक सोमनाथ ही सांसद बने रहे। उनके लोकसभा अध्यक्ष चुने जाने के बाद बोलपुर लोकसभा सीट पर 2009 में हुए चुनाव में माकपा ने वीरभूम में माकपा के सांसद रहे डॉ राम चंद्र डोम को मैदान में उतारा था। जीत दर्ज करने के बाद वह 2014 तक सांसद बने रहे, लेकिन 2014 में हुए चुनाव में तृणमूल ने तख्ता पलट दिया। वर्तमान में तृणमूल के अनुपम हाजरा यहां से सांसद हैं।


डेमोग्राफी और विकास

वीरभूम जिले के अंतर्गत बोलपुर एक छोटा सा शहर है, जो नोबेल पुरस्कार विजयी विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर के बसाए विश्वभारती विश्वविद्यालय के लिए जाना जाता है। यह विश्वविद्यालय एक सांस्कृतिक विरासत है, जो पूर्व और पश्चिम दोनों के आदर्शों के संगम को चिन्हित करता है। विश्वभारती विश्वविद्यालय की स्थापना रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा की गई थी। यहां मनाए जाने वाला पौष मेला पूरे विश्व को अपनी ओर आकर्षित करता है, जिसमें शामिल होने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। पौराणिक किंवदंतियों के अनुसार देवी सती को पिता दक्ष द्वारा आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में अपमानित होना पड़ा, परिणामस्वरूप उन्हें अपना देह त्याग करना पड़ा। जिसके बाद दुखी होकर शिव ने तांडव नृत्य किया। देवी सती के पार्थिव शरीर को लेकर शिव जहां-जहां आगे बढ़े, वहां-वहां सती के शरीर का कोई न कोई अंग गिरता चला गया। माना जाता है कि उन स्थानों पर आज शक्तिपीठ हैं। तारापीठ को उस जगह के रूप में मान्यता प्राप्त है, जहां सती की आंख गिरी थी। कंकलिताल जहां सती की कमर गिरी थी। इसके अलावा, नलहाटी में नलेतेश्वरी मंदिर को भी शक्तिपीठ माना जाता है, जो एक पहाड़ी पर स्थित है। केतुग्राम, मंगलकोट, आउसग्राम, बोलपुर, नानूर, लाबपुर और मयूरेश्वर विधानसभा सीटें बोलपुर के तहत आती हैं।
 

बोलपुर की खास बातें

बोलपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र पश्चिम बंगाल के 14 संसदीय क्षेत्रों में से एक है। 1952 में देश के लिए हुए पहले लोकसभा चुनावों में यह संसदीय क्षेत्र नहीं था। 1967 में देश के लिए चौथे लोकसभा निर्वाचन के लिए इस संसदीय सीट का गठन किया गया। इस लोकसभा क्षेत्र में बीरभूम और बर्दवान जिलों के कुछ हिस्सों को भी शामिल किया है। जिला मुख्यालय होने के कारण इस क्षेत्र सभी बड़े प्रशासनिक कार्यालय हैं। इस क्षेत्र को नोबेल विजेता रवींद्र नाथ टैगोर के नाम से भी जाना जाता है। 1921 में श्री रवींद्रनाथ टैगोर ने यहां एक ग्रामविद्यालय की स्थापना की थी। जिसे बाद में शांतिनिकेतन कहा गया।

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  • सीटें534
  • महिला मतदाता740,033
  • पुरुष मतदाता798,378
  • कुल मतदाता1,538,421

घोषित उम्मीदवार लोकसभा 2019

लोकसभा चुनाव

    अनुपम हाज़रा

    विजयी सांसद – 2014
    • जन्मतिथि30 मई 1982
    • जेंडरM
    • शिक्षाडॉक्टरेट
    • संपत्ति48 लाख

    पूर्व सांसद

    • असित कुमार मल

      तृणमूल कांग्रेस2019

    • राम चंद्र डोम

      सीपीआई-एम2009

    • सोमनाथ चटर्जी

      सीपीआई-एम2004

    • सोमनाथ चटर्जी

      सीपीआई-एम1999

    • सोमनाथ चटर्जी

      सीपीआई-एम1998

    • सोमनाथ चटर्जी

      सीपीआई-एम1996

    • सोमनाथ चटर्जी

      सीपीआई-एम1991

    • सोमनाथ चटर्जी

      सीपीआई-एम1989

    • सारादीश रॉय

      सीपीआई-एम1984

    • सारादीश रॉय

      सीपीआई-एम1980

    • सारादीश रॉय

      सीपीआई-एम1977

    • सारादीश रॉय

      सीपीआई-एम1971

    • ए के चंदा

      कांग्रेस1967

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    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • अरुण जेटली(भाजपा)

      प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

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    • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

      मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

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    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

      अन्य बयान
    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

      अन्य बयान
    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

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