This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
OK

बीरभूम

बंगाल का वीरभूम जिला भारत का प्राचीन क्षेत्र है, जहां कभी वीर राजाओं का शासन हुआ करता था, इसलिए इसका नाम वीरों की भूमि यानी वीरभूम पड़ा। वर्तमान में यह राज्य का एक बड़ा जिला है, जिसके अंतर्गत कई खूबसूरत शहर और नगर आते हैं। वीरभूम को लाल मिट्टी की भूमि भी कहा जाता है। बरसों से बंगाल की लोक संस्कृति और परंपराओं को संभाले ये जिला राज्य का प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र भी है। जिले में कई खूबसूरत प्राचीन मंदिर मौजूद हैं। वीरभूम संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत दुबराजपुर, सिउड़ी, सांइथिया, रामपुरहाट, हासन, नलहाटी और मुरारई विधानसभा क्षेत्र हैं।


वीरभूम संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस के वर्चस्व को तोड़कर माकपा ने कब्जा कर लिया था। वीरभूम लोकसभा सीट 1952 से 1971 तक (चार लोकसभा चुनाव) कांग्रेस के कब्जे में थी। इसके बाद 1971 के चुनाव में माकपा ने इस पर कब्जा जमा लिया था, जो 2009 तक (10 लोकसभा चुनाव) उसके पास ही रही। माकपा के डॉ रामचंद्र डोम छह बार यहां से सांसद रहे। 2009 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने उक्त लोकसभा सीट माकपा से हथिया ली थी, जो अभी उसके पास है। वर्तमान में शताब्दी राय तृणमूल सांसद हैं। गत पांच वर्षों में वर्चस्व कायम करने को लेकर तृणमूल कांग्रेस की गुटबाजी के चलते बमबाजी की कई घटनाएं हो चुकी हैं। कांकरतला के तृणमूल ब्लाक अध्यक्ष दीपक घोष की हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा वर्ष 2014 में गोपालपुर गांव में तृणमूल और माकपा समर्थकों के बीच संघर्ष को रोकने गए दुबराजपुर थाने के सब इंस्पेक्टर अमित चक्रवर्ती की बम मारकर हत्या कर दी गई थी।


विकास और मुद्दे

माकपा के एकछत्र राज के चलते वीरभूम में विकास की गति कछुए की गति के समान थी, लेकिन 2009 से सभी विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज गति से चलाया गया। वीरभूम में शुरू से ही पत्थर के अवैध खदान और बालू खनन मुद्दा रहा है। राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सरकार बनने के बाद अवैध खदान और खनन में बढ़ोतरी भी अहम समस्या है।
 

बीरभूम की खास बातें

बीरभूम लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र पश्चिम बंगाल का महत्वपूर्ण संसदीय क्षेत्र है। इस लोकसभा क्षेत्र में दुबराजपुर, सूरी, सैंथिया, रामपुरहट, मुराराई समेत सात विधानसभा क्षेत्रों को समाहित किया गया है। इस संसदीय सीट से सबसे ज्यादा बार कम्यूनिस्टि पार्टी ने जीत हासिल की है। इसी क्षेत्र को नोबेल विजेता रवींद्र नाथ टैगोर ने अपनी कर्मस्थली बनाया। शांतिनिकेतन की स्थापना उन्होंने यहीं पर की। बाद में उन्होंने विश्व्भारती विश्वीविद्यालय भी स्थापित किया। यह स्थान पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टैगोर ने यहां कई कालजयी साहित्यिक कृतियों का सृजन किया। उनका घर ऐतिहासिक महत्व की इमारत है।

और पढ़ें >
  • सीटें534
  • महिला मतदाता721,641
  • पुरुष मतदाता773,438
  • कुल मतदाता1,495,089

घोषित उम्मीदवार लोकसभा 2019

लोकसभा चुनाव

    शताब्दी राय

    विजयी सांसद – 2014
    • जन्मतिथि5 अक्टूबर 1969
    • जेंडरF
    • शिक्षाग्रेजुएट
    • संपत्ति5.49 करोड़

    पूर्व सांसद

    • शताब्दी राय

      तृणमूल कांग्रेस2019

    • शताब्दी रॉय

      तृणमूल कांग्रेस2009

    • राम चंद्र डोम

      सीपीआई-एम2004

    • राम चंद्र डोम

      सीपीआई-एम1999

    • डोमे राम चंद्र

      सीपीआई-एम1998

    • रामचंद्र डोम

      सीपीआई-एम1996

    • डोमे राम चंद्र

      सीपीआई-एम1991

    • डोमे राम चंद्र

      सीपीआई-एम1989

    • गदाहर साहा

      सीपीआई-एम1984

    • गदाधर साहा

      सीपीआई-एम1980

    • गदाधर साहा

      सीपीआई-एम1977

    • गदाधर साहा

      सीपीआई-एम1971

    • एस के साहा

      कांग्रेस1967

    • शिशिर कुमार साहा

      कांग्रेस1962

    • कमल कृष्णा दास

      कांग्रेस1957

    • अनिल कुमार चंदा

      कांग्रेस1952

    वीडियो

    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • अरुण जेटली(भाजपा)

      प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

      अन्य बयान
    • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

      मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

      अन्य बयान
    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

      अन्य बयान
    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

      अन्य बयान
    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

      अन्य बयान
    राज्य चुनें
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • दिल्ली
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • हरियाणा
    • मध्य प्रदेश
    • झारखण्ड
    • राजस्थान
    • जम्मू-कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • पश्चिम बंगाल
    • ओडिशा
    • महाराष्ट्र
    • गुजरात
    आपका राज्य