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बसीरहाट

उत्तर 24 परगनी जिले का बसीरहाट- लोकसभा सीट बांग्लादेश से सटा हुआ है। 2,217 किलोमीटर का दायरा पड़ोसी मुल्क से सटा हुआ है। बीते सालों में यह क्षेत्र सुर्खियों में रहा है। पहली बार यहां 1952 में लोकसभा के लिए मतदान किया गया था। यहां के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में टेंपल ऑफ फेम, फ्लैग स्टाफ हाउस, गांधी घाट, मचरंगा द्वीप हैं। हिरणों की सुरक्षा के लिए यहां पर पारमदान डियर पार्क भी प्रमुख दर्शनीय स्थल है। इस क्षेत्र में आचार्य प्रफुल्ल चंद्र कॉलेज, बारासात कॉलेज, राष्ट्रगुरु सुरेंद्रनाथ कॉलेज, बसीरहाट कॉलेज प्रमुख शैक्षिक संस्थान हैं। 1977 में भारतीय लोकदल की जीत के बाद 1980 से 2004 तक इस सीट पर सीपीआई का कब्जा रहा। 2009 के संसदीय चुनावों में सीपीआई को शिकस्त मिली और टीएमसी के शेख नूरुल इस्लाम ने जीत हासिल की।
 

सात विधानसभा सीट

यहां सात विधानसभा सीटें हैं, जिनमें बादुडिय़ा, हारोआ, मीनाखन, संदेशखाली, बशीरहाट दक्षिण, बशीरहाट उत्तर हिंगलगंज शामिल हैं। 2004 के लोकसभा चुनाव में स्वरूपनगर विधानसभा सीट को भी इसमें मिला लिया गया। 2009 से ही सीट पर तृणमूल कांग्रेस का वर्चस्व है।
 

डेमोग्राफी

बांग्लादेश से सटा यह संसदीय सीट मुस्लिम बहुल है। यहां की आबादी का करीब 65 फीसद कृषि और मछली पालन पर निर्भर है, जबकि बाकी आबादी शहरी रोजगार पर निर्भर है। इस सीट पर अनुसूचित जाति का भी वर्चस्व है।
 

विकास का हाल

यहां विकास का आधार मुख्य तौर पर कुटीर उद्योग है। कृषि, मछली पालन के बाद स्थानीय लोग कुटीर उद्योग पर अधिक आश्रित हैं। बांस से जुड़े रोजगार भी प्रमुख है। यहां विकास का हाल औसत है। साक्षरता दर तुलनात्मक तौर पर कम है, क्योंकि आबादी मुस्लिम बहुल है।
 

स्थानीय मुद्दे

बांग्लादेश से सटे होने के कारण यहां अवैध तस्करी अहम मुद्दा है। दो साल पहले हुए सांप्रदायिक दंगे के घाव अभी भी भरे नहीं है। चिकित्सा व्यवस्था का अभाव है। बीते साल यहां सर्वाधिक डेंगू के मामले प्रकाश में आए थे।

बसीरहाट की खास बातें

बसीरहाट लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र पश्चिम बंगाल के 42 संसदीय क्षेत्रों में से एक है। पहली बार यहां 1952 में लोकसभा निर्वाचन के तहत मतदान किया गया है। इस लोकसभा क्षेत्र में सात विधानसभा क्षेत्रों को शामिल किया गया है। यह क्षेत्र उत्तर 24 परगना जिले का हिस्सा। है। यहां के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में टेंपल ऑफ फेम, फ्लैग स्टाफ हाउस, गांधी घाट, मचरंगा द्वीप हैं। हिरणों की सुरक्षा के लिए यहां पर पारमदान डियर पार्क भी प्रमुख दर्शनीय स्थल है। इस क्षेत्र में आचार्य प्रफुल्ल चंद्र कॉलेज, बारासात कॉलेज, राष्ट्रगुरु सुरेंद्रनाथ कॉलेज, बसीरहाट कॉलेज प्रमुख शैक्षिक संस्थान है।

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  • सीटें534
  • महिला मतदाता712,812
  • पुरुष मतदाता777,768
  • कुल मतदाता1,490,596

घोषित उम्मीदवार लोकसभा 2019

लोकसभा चुनाव

    अली इदरिस

    विजयी सांसद – 2014
    • जन्मतिथि30 दिसम्बर 1950
    • जेंडरM
    • शिक्षाबी एससी, एल एल बी
    • संपत्ति98 लाख

    पूर्व सांसद

    • नुरसत जहां रुही

      तृणमूल कांग्रेस2019

    • नुरुल इस्लाम

      तृणमूल कांग्रेस2009

    • अजय चक्रबर्ती

      सीपीआई2004

    • अजॉय चक्रवर्ती

      सीपीआई1999

    • अजय चक्रबर्ती

      सीपीआई1998

    • अजय चक्रबर्ती

      सीपीआई1996

    • मनोरंजन सूर

      सीपीआई1991

    • मोनोरंजन सुर

      सीपीआई1989

    • इंद्रजीत गुप्ता

      सीपीआई1984

    • इंद्रजीत गुप्ता

      सीपीआई1980

    • अल्हाज एम ए हन्नान

      बीएलडी1977

    • ए के एम इशाक

      कांग्रेस1971

    • एच कबीर

      बीएसी1967

    • हुमायूं कबीर

      कांग्रेस1962

    • परेश नाथ कायल

      कांग्रेस1957

    • रेणू चक्रवर्ती

      सीपीआई1952

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    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • अरुण जेटली(भाजपा)

      प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

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    • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

      मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

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    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

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    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

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    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

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