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बांकुरा

बांकुड़ा संसदीय क्षेत्र पर देश में हुए पहले लोकसभा चुनाव से ही मतदान होता आ रहा है। इस संसदीय क्षेत्र में सात विधानसभा क्षेत्रों को समाहित किया गया है। जिला मुख्यालय होने के कारण यहां पर सभी बड़े प्रशासकीय कार्यालय हैं। यह क्षेत्र पुरुलिया, मेदिनीपुर, हुगली एवं बद्र्धमान जिलों से सटा हुआ है। यहां की प्रमुख नदी दामोदर है। इस क्षेत्र का जोर बांग्लान मंदिर पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। जिले का क्षेत्रफल 6,882 किमी (2,657 वर्ग मील) है। 2011 की जनगणना के अनुसार बांकुड़ा की जनसंख्या लगभग 3,596,292 है और जनसंख्या घनत्व 523 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। बांकुड़ा की साक्षरता दर 70.95 फीसद है। महिला-पुरुष अनुपात यहां पर 914 है, जिले की जनसंख्या विकास दर 2001 से 2011 के बीच 12.64 फीसद रही है।


विधानसभाएं और डेमोग्राफी

बांकुड़ा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत रघुनाथपुर, सालतोड़ा, छातना, रानीबांध, राइपुर, तालडांगरा और बांकुड़ा विधानसभा सीटें हैं। बांकुड़ा जिले में शुरू में कांग्रेस और माकपा का वर्चस्व था। 1952 से 2014 तक बांकुड़ा और विष्णुपुर लोकसभा सीटों पर कांग्रेस व माकपा का ही कब्जा रहा। लेकिन 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में उक्त दोनों सीटों पर ही तृणमूल ने कब्जा जमा लिया। वर्तमान में बांकुड़ा से श्रीमती देव बर्मा (मुनमुन सेन) सांसद हैं। गत वर्ष भीषण बाढ़ से बांकुड़ा में काफी तबाही हुई थी। अनगिनत मकान पानी की तेज धार में बह गए थे। वर्ष 2016 में प्रेमी उदयन द्वारा आकांक्षा की हत्या कर शव को मिट्टी में दबा देने की घटना भी काफी चर्चा में रही। जिले में विकास कार्य औसतन है, हालांकि सभी पार्टी के सांसदों ने विकास पर जोर दिया है लेकिन बाढ़ की समस्या जस की तस है। प्रत्येक वर्ष दामोदर नदी में आने वाली बाढ़ से होने वाले नुकसान को लेकर मतदाता काफी खफा हैं। किसी भी पार्टी के सांसद ने बाढ़ की समस्या से निजात दिलाने के लिए बांध बनाने के कार्य को तवज्जो नहीं दिया।
 

बांकुड़ा​ की खास बातें

बांकुड़ा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र पश्चिम बंगाल के 42 संसदीय क्षेत्रों में से एक है। यहां पर देश की पहली लोकसभा निर्वाचन से ही सांसद चुनने के लिए मतदान हो रहा है। इस संसदीय क्षेत्र में सात विधानसभा क्षेत्रों को समाहित किया गया है। जिला मुख्यालय होने के कारण यहां पर सभी बड़े प्रशासकीय कार्यालय हैं। यह क्षेत्र पुरुलिया, मेदनीपुर, हुगली एवं वर्द्धमान जिलों से सटा हुआ है। यहां की प्रमुख नदी दामोदर है। इस क्षेत्र का जोर बांग्लान मंदिरपर्यटकों के लिए बेहद लोकप्रिय मंदिर है। यह झोपड़ीनुमा दो हिस्सों में बना है।

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  • सीटें534
  • महिला मतदाता727,919
  • पुरुष मतदाता775,893
  • कुल मतदाता1,503,812

घोषित उम्मीदवार लोकसभा 2019

लोकसभा चुनाव

    मुनमुन सेन

    विजयी सांसद – 2014
    • जन्मतिथि28 मार्च 1954
    • जेंडरF
    • शिक्षापोस्ट ग्रेजुएट
    • संपत्ति1.53 करोड़

    पूर्व सांसद

    • सुभाष सरकार

      बीजेपी2019

    • बासुदेब आचार्य

      सीपीआई-एम2009

    • बासुदेब आचार्य

      सीपीआई-एम2004

    • बासुदेब आचार्य

      सीपीआई-एम1999

    • बासुदेब आचार्य

      सीपीआई-एम1998

    • बासुदेब आचार्य

      सीपीआई-एम1996

    • बासुदेव अचारिया

      सीपीआई-एम1991

    • बसुदेब अचरिया

      सीपीआई-एम1989

    • बासुदेब आचार्य

      सीपीआई-एम1984

    • बासुदेब आचार्य

      सीपीआई-एम1980

    • मंडल बिजोय

      बीएलडी1977

    • शंकर नारायण सिंह देव

      कांग्रेस1971

    • जे एम बिस्वास

      सीपीआई1967

    • रामगति बंदोपाध्याय

      कांग्रेस1962

    • पशुपति मण्डल

      कांग्रेस1957

    • जगन्नाथ कोली

      कांग्रेस1952

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    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • अरुण जेटली(भाजपा)

      प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

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    • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

      मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

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    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

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    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

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    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

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