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अल्मोड़ा

चीन और नेपाल के साथ-साथ गढ़वाल सीमा से सटी चार जिलों में फैली अल्‍मोड़ा-पिथौरागढ़ संसदीय सीट अपने अलग मिजाज के लिए जानी जाती है। यहां काली, गोरी, पूर्वी व पश्चिमी रामगंगा, सरयू, कोसी नदियों वाले क्षेत्र में हिमालय का भू-भाग भी है। वर्ष 1977 में इस सीट से भाजपा के दिग्‍गज नेता डॉ मुरली मनोहर जोशी ढाई साल तक इसका प्रतिनिधित्‍व कर चुके हैं। इसके अलावा पूर्व सीएम हरीश रावत तीन बार इस क्षेत्र के सांसद रहे। हालांकि वर्ष 1991 से यह सीट भाजपा के खाते में चली गई। भाजपा के जीवन शर्मा एक बार और बची सिंह रावत तीन बार यहां के सांसद चुने गए। सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के बाद भी भाजपा और कांग्रेस ही आमने-सामने रहे। वर्ष 2009 में कांग्रेस के प्रदीप टम्‍टा सांसद चुने गए तो वर्ष 2014 से भाजपा के अजय टम्‍टा सांसद हैं। अल्‍मोड़ा-पिथौरागढ़ संसदीय क्षेत्र में भले ही चार जिले आते हैं, परंतु मतदाताओं का मिजाज लगभग एक जैसा ही रहता है। सैनिक के बाहुल्‍य वाली इस सीट पर राष्‍ट्रीय मुद्दे हावी रहते हैं। संसदीय क्षेत्र में केवल एक बार क्षेत्रीय दल उक्रांद ने जबरदस्‍त चुनौती दी थी। क्षेत्र में राष्‍ट्रीय दलों का ही बोलबाला है।



विधानसभाएं और भौगोलिक स्थिति

धारचूला, डीडीहाट, पिथौरागढ़, गंगोलीहाट, लोहाघाट, चम्‍पावत, द्वाराहाट, सल्‍ट, रानीखेत, सोमेश्‍वर, अल्‍मोड़ा,जागेश्‍वर, कपकोट, बागेश्‍वर चौदह विस क्षेत्र में तीन सीटों पर कांग्रेस और 11 सीटों पर भाजपा का कब्‍जा है। रानीखेत, जागेश्‍वर और धारचूला सीट पर कांग्रेस के विधायक हैं और शेष 11 सीटों पर भाजपा का कब्‍जा है। इस संसदीय क्षेत्र में कुल मतदाता  1234578 हैं। सम्‍पूर्ण क्षेत्र पर्वतीय है। क्षेत्र में चार जिले अल्‍मोड़ा, पिथौरागढ़, चम्‍पावत और बागेश्‍वर आते हैं। चारों जिला मुख्‍यालय सबसे बड़े नगर हैं। संसदीय क्षेत्र का धारचूला , मुनस्‍यारी और कपकोट तहसील में कुछ भू-भाग उच्‍च हिमालयी हैं। अधिकांश क्षेत्र ग्रामीण हैं। कृषि केवल नाममात्र की है। फल उत्‍पादन भी सीमित क्षेत्रों में है। परिवहन केवल सड़क है, अभी एक माह पूर्व से पिथौरागढ़ से देहरादून ओर पंतनगर के लिए हवाई सेवा चल रही है।



पांच साल की घटनाएं, विकास और मुद्दे

पंचेश्‍वर बांध की जनसुनवाई के दौरान पिथौरागढ़, चम्‍पावत और अल्‍मोड़ा जिले के लोग सड़कों पर उतरे। इसके अलावा पूरे संसदीय क्षेत्र में कोई ऐसी घटना नहीं हुई जिसे लेकर पूरा संसदीय क्षेत्र एक साथ प्रभावित हुआ हो। इस संसदीय क्षेत्र में वर्तमान में संचालित उज्‍ज्‍वला , शौचालय, स्‍वच्‍छता अभियान, सौभाग्‍य, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि फसल बीमा योजना, आयुष्‍मान योजनाएं ठीक चल रही हैं। टनकपुर से पिथौरागढ़ तक 150 किमी ऑलवेदर सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। यहां के स्‍थानीय मुद्दों में बेरोजगारी, पलायन, खस्‍ताहाल सड़के, चिकित्‍सकों की कमी से बदहाल चिकित्‍सा सेवा और उद्योगों का अभाव शामिल हैं।

 

अल्मोड़ा की खास बातें

अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र उत्तराखंड के पांच लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। 1957 में यह संसदीय क्षेत्र पहली बार अस्तित्व में आया। इस संसदीय सीट में अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ इलाकों को शामिल किया गया है। इस क्षेत्र में 14 विधानसभा क्षेत्र भी शामिल हैं। कुमाऊं हिमालय श्रंखला की एक पहाड़ी के किनारे पर बसा यह इलाका बेहद मनमोहक है। इस क्षेत्र को राजा बालो कल्याण चंद ने 1568 में बसाया था। महाभारत के समय से ही यहां की पहाड़ियों और आसपास के क्षेत्रों में मानव बस्तियों जिक्र मिलता है। यह क्षेत्र चंदवंशीय राजाओं की राजधानी था। इस धार्मिक नगरी में बेहद प्राचीन और महत्वपूर्ण मंदिर हैं। इनमें गैराड गोलू देवता, नंदा देवी मंदिर, बानडी देवी मंदिर, कटारमल सूर्य मंदिर, गणनाथ मंदिर, बिनसर महादेव मंदिर, जागेश्वेर धाम और कसार देवी मंदिर का प्रमुख स्थान है।

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  • सीटें534
  • महिला मतदाता614,162
  • पुरुष मतदाता639,362
  • कुल मतदाता1,253,541

घोषित उम्मीदवार लोकसभा 2019

लोकसभा चुनाव

    अजय टम्टा

    विजयी सांसद – 2014
    • जन्मतिथि16 जुलाई 1972
    • जेंडरM
    • शिक्षाइंटर पास
    • संपत्ति63.66 लाख

    पूर्व सांसद

    • श्री अजय टम्टा

      बीजेपी2019

    • प्रदीप टम्टा

      कांग्रेस2009

    • बच्ची सिंह रावत

      बीजेपी2004

    • बच्ची सिंह रावत

      बीजेपी1999

    • बची सिंह रावत

      बीजेपी1998

    • बची सिंह रावत

      बीजेपी1996

    • जीवन

      बीजेपी1991

    • हरीश चंद्र सिंह रावत

      कांग्रेस1989

    • हरीश चंद्र सिंह

      कांग्रेस1984

    • हरीश चंद्र सिंह

      कांग्रेस1980

    • मुरली मनोहर जोशी

      बीएलडी1977

    • नरेंद्र सिंह

      कांग्रेस1971

    • जे बी सिंह

      कांग्रेस1967

    • जंग बहादुर सिंह

      कांग्रेस1962

    • हर गोविन्द

      कांग्रेस1957

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    किसने क्या कहा और पढ़ें

    • अरुण जेटली(भाजपा)

      प्रधानमंत्री की जाति कैसे प्रासंगिक है? उन्होंने कभी जाति की राजनीति नहीं की। उन्होंने केवल विकासात्मक राजनीति की है। वह राष्ट्रवाद से प्रेरित हैं। जो लोग जाति के नाम पर गरीबों को धोखा दे रहे हैं वे सफल नहीं होंगे। ऐसे लोग जाति की राजनीति के नाम पर केवल दौलत बटोरना चाहते हैं। बीएसपी या आरजेडी के प्रमुख परिवारों की तुलना में प्रधानमंत्री की संपत्ति 0.01 फीसद भी नहीं है।

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    • दिग्विजय सिंह(कांग्रेस)

      मैं सदैव देशहित, राष्ट्रीय एकता और अखंडता की बात करने वालों के साथ रहा हूं। मैं धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के हमेशा खिलाफ रहा हूं। मुझे गर्व है कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझ में सिमी और बजरंग दल दोनों को बैन करने की सिफारिश करने का साहस था। मेरे लिए देश सर्वोपरि है, ओछी राजनीति नहीं।

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    • राहुल गांधी(कांग्रेस)

      हमारे किसान हमारी शक्ति और हमारा गौरव हैं। पिछले पांच साल में मोदी जी और भाजपा ने उन्हें बोझ की तरह समझा और व्यवहार किया। भारत का किसान अब जाग रहा है और वह न्याय चाहता है

      अन्य बयान
    • नरेंद्र मोदी(भाजपा)

      आज भारत दुनिया में तेजी से अपनी जगह बना रहा है, लेकिन कांग्रेस, डीएमके और उनके महामिलावटी दोस्त इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए वे मुझसे नाराज हैं

      अन्य बयान
    • राबड़ी देवी(राजद)

      जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर लालू जी से मिलने उनके और तेजस्वी यादव के आवास पर पांच बार आए थे। नीतीश कुमार ने वापस आने की इच्छा जताई थी और साथ ही कहा था कि तेजस्वी को वो 2020 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और इसके लिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लालू उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दें।

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