सभी एसटीपी व 20 बायो गैस संयंत्रों को अपग्रेड करेगा दिल्ली जल बोर्ड: सत्येंद्र जैन

दिल्ली के जल मंत्री सत्येंद्र जैन ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने डीजेबी को 12 से 15 माह के अंदर सभी सीवेज ट्रीटमेंट संयंत्र (एसटीपी) को अपग्रेड करने के निर्देश दिए। साथ ही डीजेबी 20 बायो गैस संयंत्रों को अपग्रेड करेगा।

Mangal YadavPublish: Thu, 02 Dec 2021 06:05 AM (IST)Updated: Thu, 02 Dec 2021 07:39 AM (IST)
सभी एसटीपी व 20 बायो गैस संयंत्रों को अपग्रेड करेगा दिल्ली जल बोर्ड: सत्येंद्र जैन

नई दिल्ली [संतोष कुमार सिंह]। दिल्ली के जल मंत्री एवं दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के अध्यक्ष सत्येंद्र जैन ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने डीजेबी को 12 से 15 माह के अंदर सभी सीवेज ट्रीटमेंट संयंत्र (एसटीपी) को अपग्रेड करने के निर्देश दिए। साथ ही डीजेबी 20 बायो गैस संयंत्रों को अपग्रेड करेगा। इसके बाद बायो-गैस संयंत्र में नालों से निकलने वाले गाद के साथ-साथ सेप्टिक टैंक की गंदगी, गाय के गोबर और नगरपालिका द्वारा जमा कूड़े भी शोधित हो सकेंगे। अभी इन संयंत्रों में सिर्फ सीवेज से आने वाले कीचड़ ही शोधित कर बायो गैस का उत्पादन किया जाता है।

सत्येंद्र जैन ने कहा कि इस प्रकार के कूड़े के निस्तारण की जिम्मेदारी नगर निगमों की है, लेकिन डीजेबी ने मौजूदा लैंडफिल साइटों पर बोझ को कम करने और दिल्ली को साफ रखने के लिए यह पहल की है। उन्होंने अधिकारियों को एक साल के भीतर सभी संयंत्रों को पूरी क्षमता से चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कदम से सभी प्रकार के कूड़े और प्रदूषकों को साफ करने में मदद मिलेगी। शहर की नालियों और नदी की सफाई हो सकेगी। इसके साथ ही लैंडफिल साइटों पर भी बोझ कम होगा। स्वच्छ परिवहन ईंधन को बढ़ावा देने के लिए बायोगैस संयंत्रों से उत्पन्न गैस और बिजली को इलेक्ट्रिक वाहन स्टेशनों और सीएनजी स्टेशनों को आपूर्ति की जाएगी।

उन्होंने कहा कि एसटीपी को अपग्रेड करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। पारंपरिक तकनीक से इस काम को पूर करने में चार से पांच साल लगता। आधुनिक तकनीक से यह काम 15 महीने में कर लिया जाएगा। इस काम में पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखा जाएगा। बिना किसी पेड़ को काटे और आस पास के पर्यावरण को कम से कम प्रभावित किए यह कार्य पूरा किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बायो-गैस संयंत्र जैविक रूप से कार्बनिक पदार्थों को निष्क्रिय करके उऩ्हें मीथेन गैस में परिवर्तित करती है। बायो गैस संयंत्रों से उत्पन्न गैस और बिजली की आपूर्ति इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन एवं सीएनजी स्टेशन को की जाएगी। एसटीपी से निकलने वाले शोधित पानी की आपूर्ति सतबारी, सुल्तानपुर, जौनपुर सहित अन्य स्थानों पर स्थित फार्म हाउस व अन्य संस्थानों में की जाएगी।

इससे भूजल के दोहन को रोकने डीजेबी के जल को बचाने में मदद मिलेगी। शोधित पानी की आपूर्ति के लिए उपभोक्ता से दस हजार रुपये प्रति एकड़ की एकमुश्त बुनियादी ढांचे की लागत के अलावा प्रति माह पांच हजार रुपये प्रति एकड़ का शुल्क लिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि लोग बागवानी, फर्श धोने और शौचालय में एसटीपी के शोधित जल का उपयोग करें।

Edited By Mangal Yadav

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