लोगों को सुकून देगा देश के नामी डाक्टर का ओमिक्रोन को लेकर यह बयान

राहत की बात यह भी कही है कि ओमिक्रोन वैरिएंट की चपेट में आए ज्यादातर लोग ठीक हो गए हैं। वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर डा. संजय राय ने यह भी कहा है कि जो लोग कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट से ठीक हो गए हैं वे इससे सबसे सुरक्षित हैं।

Jp YadavPublish: Mon, 24 Jan 2022 11:20 PM (IST)Updated: Tue, 25 Jan 2022 07:31 AM (IST)
लोगों को सुकून देगा देश के नामी डाक्टर का ओमिक्रोन को लेकर यह बयान

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के तेजी से घटते मामलों के बीच सोमवार को 24 घंटे के दौरान 5000 के आसपास केस आए हैं। इस बीच विशेषज्ञों का कहना है कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि तीसरी लहर ढलान पर है, क्योंकि दिल्ली-मुंबई को छोड़ दें तो अन्य शहरों/राज्यों में कोरोना के मामलों में इजाफा हुआ है। वहीं, देश-दुनिया के अन्य विशेषज्ञों की तरह दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट के हेड डा. संजय राय ने भी कहा है कि ओमिक्रोन वायरस इतनी तेजी से फैल रहा है कि इससे सभी लोग संक्रमित होंगे। इसके साथ ही उन्होंने राहत की बात यह भी कही है कि ओमिक्रोन वैरिएंट की चपेट में आए ज्यादातर लोग ठीक हो गए हैं। वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर डा. संजय राय ने यह भी कहा है कि जो लोग कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट से ठीक हो गए हैं, वे इससे सबसे सुरक्षित हैं। 

वैक्सीन लेने वाले भी हैं काफी हद तक सुरक्षित

देश-दुनिया के तमाम वैज्ञानिक पिछले एक साल से कोरोनारोधी वैक्सीन को बेहद जरूरी बता रहे हैं। वैक्सीन से न केवल संक्रमण के मामलों में कमी आई है, बल्कि मौतों का आंकड़ा बहुत हद तक हुआ। वैक्सीन लेने वाले लोग कोरोना से संक्रमित होने के बाद बहुत ज्यादा गंभीर नहीं हुए। जो लोग गंभीर हुआ वह पहले से बहुत सी बीमारियों से पीड़ित थे। मौत भी बुजुर्गों और गंभीर बीमारी से पीड़ितों लोगों की ही हुई है।

अधिकांश लोग होंगे कोरोना से संक्रमित

डा. संजय राय का कहना है कि कोरोना रोधी टीकाकरण को देखते हुए यह सहज अनुमान लगाया जा सकता है कि ओमिक्रोन वैरिएंट से अधिकांश लोग संक्रमित होंगे। ऐसे में जिन लोगों ने कोरोना रोधी टीका लिया है, वे इससे सबसे ज्यादा सुरक्षित होंगे। संजय राज के अनुसार, कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन से पीड़ित लोगों में लक्षण गंभीर नहीं हैं और इस वेरिएंट से भी अधिकतर लोग संक्रमित हो जाएंगे।

ये हैं ओमिक्रोन वायरस के संभावित लक्षण

भूख न लगना या कम लगना: विशेषज्ञों के मुताबिक, ओमिक्रोन की चपेट में आने वाला तीन में से एक शख्स को भूख नहीं लगने या फिर बहुत कम लगने की शिकायत कर रहा है। खासकर 25-30 उम्र के आयु वर्ग के युवाओं में यह लक्षण ज्यादा पाया गया। 

रात के पसीना आना : पिछले 2 महीने के दौरान ओमिक्रोन के लक्षणों में  लगातार इजाफा हुआ है। इनमें एक लक्षण ओमिक्रोन से पीड़ित को रात में पसीना आना भी है। इस लक्षण को कैंसर या हृदय संबंधी बीमारी से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, ओमिक्रोन से पीड़ितों गले में खराश के साथ रात में पसीना आने की समस्या भी पाई गई है।

खांसी  और सर्दी जुकाम : ओमिक्रोन वायरस से पीड़ित लोगों के सबसे सामान्य लक्षण खांसी और सर्दी जुकाम के मिले हैं। इसके अलावा गले में दर्द भी सामान्य तौर पर सभी पीड़ितों में पाया गया है। कुछ पीड़ितों ने तो कोरोना से पीड़ित होने के बाद बोलने में दिक्कत की भी शिकायत की है।

बुखार आना : ओमिक्रोन से पीड़ित लोगों ने 3-4 दिन बाद बुखार की चपेट आने की भी शिकायत की है। यह बुखार अगले कई दिनों तक लोगों को परेशान करता नजर आया।

थकान होना : डेल्टा वायरस की तरह थकान का लक्षण भी ओमिक्रोन वैरिएंट के मरीजों में देखा गया है। ऐसे में अगर किसी को बिना वजह थकान महसूस हो और कुछ दिन असहज स्थिति हो तो कोरोना की जांच करवा लेना चाहिए।  

Edited By Jp Yadav

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