सोमवार से 50 प्रतिशत कर्मचारी क्षमता के साथ खुलेंगे दफ्तर, गाइडलाइन के साथ जारी होगा आदेश

Delhi Weekend Curfew 2022 दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार ने वीकेंड कर्फ्यू हटाने समेत कई तरह के अन्य प्रतिबंधों को हटाने का प्रस्ताव उपराज्यपाल अनिल बैजल के पास भेजा था लेकिन उन्होंने इन्हें ठुकरा दिया है। सिर्फ दफ्तर खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

Jp YadavPublish: Fri, 21 Jan 2022 10:20 AM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 07:54 AM (IST)
सोमवार से 50 प्रतिशत कर्मचारी क्षमता के साथ खुलेंगे दफ्तर, गाइडलाइन के साथ जारी होगा आदेश

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। दिल्ली में शुक्रवार रात 10 से बजे से लेकर सोमवार सुबह 5 बजे तक लगातार 55 घंटे तक लगने वाला वीकेंड कर्फ्यू फिलहाल खत्म नहीं होगा। दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार ने वीकेंड कर्फ्यू हटाने समेत कई तरह के अन्य प्रतिबंधों को हटाने का प्रस्ताव उपराज्यपाल अनिल बैजल के पास भेजा था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया है। हालांकि, निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारी काम कर सकेंगे, दिल्ली सरकार के प्रस्ताव को उपराज्यपाल ने मान लिया है। ऐसे में सोमवार से दिल्ली के सरकारी और निजी दफ्तर 50 प्रतिशत कर्मचारी क्षमता के साथ खुलेंगे। इसको लेकर शनिवार को आदेश जारी किया सकता है।

प्रतिदिन रात्रि कालीन कर्फ्यू को भी रखा गया लागू

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश में कहा गया है कि राजधानी के निजी कार्यालय पचास प्रतिशत क्षमता से कामकाज कर सकते हैं। लेकिन साथ ही आदेश में डीडीएमए ने सलाह दी है कि जहां तक संभव हो, निजी कार्यालय वर्क फ्राम होम को जारी रखें। डीडीएमए ने कहा है कि निजी कार्यालय खोले जाने पर काम करने के समय को बांटें ताकि कार्यालय में एक साथ कम लोग काम करें। इससे कार्यालय में शारीरिक दूरी का नियम लागू कर पाना संभव हो सकेगा। डीडीएमए के अनुसार अगले आदेश तक राजधानी में प्रतिदिन रात दस बजे से सुबह पांच बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू भी जारी रहेगा। वीकेंड कर्फ्यू शुक्रवार रात दस बजे से सोमवार सुबह पांच बजे तक जारी रहेगा। किसी भी व्यक्ति द्वारा इन नियमों का ऊल्लंघन करने पर उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन कानून के तहत कार्रवाई होगी।

फिलहाल आड-इवेन आधार पर ही खुलेंगे बाजार

दिल्ली सरकार ने अपने प्रस्ताव में सभी बाजारों को खोलने का भी प्रस्ताव दिया था, लेकिन उपराज्यपाल ने इसकी अनुमति नहीं दी है। कहा गया है कि वीकेंड कर्फ्यू और बाजारों को खोलने के संबंध में यथास्थिति बनाए रखी जाए और कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति में और सुधार होने पर इस विषय पर निर्णय लिया जाए।

गौरतलब है कि दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार ने वीकेंड कर्फ्यू हटाने, बाजारों को नियमित तौर पर खोलने के साथ छूट के इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, लेकिन उपराज्यपाल अनिल बैजल ने शुक्रवार को इसको ठुकरा दिया। कुल मिलाकर अभी दिल्ली में तमाम तरह के प्रतिबंध जारी रहेंगे। 

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दिल्ली सरकार ने भेजा था ये प्रस्ताव

  • दुकान खोलने की आड-इवेन व्यवस्था खत्म की जाए।
  • दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू हटाया जाए।
  • निजी दफ्तर भी 50 प्रतिशत कर्मचारी क्षमता के साथ खुलें

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गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पहले भी कई बार कह चुके हैं कि कोरोना के मामले कम हुई तो प्रतिबंधों में छूट का ऐलान किया जा सकता है। वहीं, शुक्रवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा था कि दिल्ली में कोरोना के मामले एक सप्ताह से कम हो रहे हैं। इस दौरान अब तक 50 फीसद मामले कम हो गए हैं। इसलिए कोरोना के मामले चरम पर पहुंचने के बाद घटकर आधे रह गए हैं, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है, इसलिए कोरोना की रोकथाम के लिए लगाई गई पाबंदियों में राहत के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में कोरोना के मामले 28 हजार से अधिक व संक्रमण दर 30 फीसद से अधिक पहुंच गई थी। इसकी तुलना में मामले अब आधे रह गए हैं। संक्रमण दर भी घटकर 22-24 फीसद पर आ गई है। इसलिए ऐसा लग रहा है कि दिल्ली में कोरोना के संक्रमण का चरम खत्म हो गया है और मामले कम हो रहे हैं। थोड़े दिन में संक्रमण दर और कम होने की संभावना है। उन्होंने कम जांच होने के मामले पर कहा कि जनसंख्या के अनुपात में दिल्ली में सबसे अधिक जांच हो रही है।

अस्पतालों व डिस्पेंसरियों में जांच के लिए पहुंचने वाले हर व्यक्ति की जांच की जा रही है। किसी को जांच से मना नहीं किया जाता। जब कोरोना के मामले बढ़ रहे थे, तब अधिक संख्या में लोग बीमार हो रहे थे। इसलिए अधिक लोग जांच कराने पहुंच रहे थे। अब लोग बीमार कम हो रहे हैं। इसलिए कम संख्या में लोग जांच कराने के लिए पहुंच रहे हैं। इस वजह से जांच कुछ कम हुई है। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर से पहले एक समय कोरोना के मामले 50 से कम हो गए थे। जबकि अभी संक्रमण दर अभी 20 प्रतिशत से अधिक है और मामले भी 12 हजार से 13 हजार आ रहे हैं। इसलिए अभी सतर्क रहना जरूरी है।

Edited By Jp Yadav

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