जानें- वह शर्त जिसे पूरा करने के आश्वासन पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दी जूही चावला को 18 लाख रुपये की राहत

Actress Juhi Chawla News एक्ट्रेस जूही चावला ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा कि वह स्वेच्छा से दिल्ली राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण (डीएसएलएसए) के साथ मिलकर बेसहारा बच्चों व महिलाओं व समाज के वंचित वर्ग को सशक्त बनाने का काम करेंगी।

Vineet TripathiPublish: Thu, 27 Jan 2022 07:23 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 07:23 PM (IST)
जानें- वह शर्त जिसे पूरा करने के आश्वासन पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दी जूही चावला को 18 लाख रुपये की राहत

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली हाई कोर्ट ने बृहस्पतिवार को बालीवुड एक्ट्रेस को बड़ी राहत देते हुए जुर्माने की रकम 20 लाख रुपये घटाकर सिर्फ 2 लाख रुपये कम कर दी। इसके साथ ही 5जी नेटवर्किंग के खिलाफ दायर अभिनेत्री जूही चावला की याचिका पर एकल पीठ द्वारा की गई टिप्पणियों को दिल्ली हाई कोर्ट ने दो सदस्यीय पीठ ने खारिज कर दिया। जुर्माने की रकम इस शर्त को पूरा करने पर कम की गई है कि एक्ट्रेस जूही चावला स्वेच्छा से दिल्ली राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण (डीएसएलएसए) के साथ काम करेंगीं। बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट की पीठ ने जूही चावला को उक्त राहत तब दी जब वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश होकर उन्होंने स्वेच्छा से दिल्ली राज्य कानूनी सेवाएं प्राधिकरण (डीएसएलएसए) के साथ काम करने की बात की। उन्होंने कहा कि वे डीएसएलएसए के साथ मिलकर बेसहारा बच्चों व महिलाओं व समाज के वंचित वर्ग को सशक्त बनाने का काम करेंगी।

5 जी के प्रभाव को उजागर करने के लिए दायर की थी याचिका

सुनवाई के दौरान जूही चावला की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने कहा कि अभिनेत्री ने एक सार्वजनिक व्यक्ति होने के कारण मानव शरीर पर 5जी रोल आउट के प्रभाव को उजागर करते हुए मुकदमा दायर किया था। पीठ ने कहा कि चावला सामाजिक मुद्दों को उठाती रही हैं और जब उन्होंने 5 जी का मुद्दा उठाया तो उस पर शक करने का उसका कोई इरादा नहीं है। हालांकि, मुकदमे में उसके द्वारा मांगी गई छूट से शायद एकल न्यायाधीश को चोट पहुंचेगी क्योंकि जूही चावला यह नहीं कह सकती हैं कि उनसे अदालती शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।

उचित तरीके से मुद्दे को उठाएंगी जूही चावला

पीठ ने कहा कि इससे पता चलता है कि कुछ वादी अदालत अदालत आते हैं और हमें यकीन है कि आ उनमें से नहीं हैं। संभव है कि आपके पास एक बेहतर वकील हो जो आपको सही सलाह दे सके। पीठ ने कहा कि हम इस तथ्य से इन्कार नहीं करते हैं कि आप एक गंभीर मुद्दा उठाना चाहते हैं। समस्या तब होती है जब आप कानून की पूर्ण अवहेलना करते हैं। आप कहते हैं कि आप अदालत की फीस का भुगतान नहीं करेंगे क्योंकि मामलों को तय करने में सालों लग जाते हैं। जब आप ऐसा करते हैं तो आप बहुत तुच्छ दिखते हैं। पीठ ने कहा कि एकल पीठ इस बात से भी परेशान थी कि सुनवाई के वेबलिंक को बड़े पैमाने पर जनता के साथ साझा किया गया और इससे अदालत की कार्यवाही बाधित हुई। खुर्शीद ने पीठ से कहा कि पिछले अनुभव से वादी ने एक सबक सीखा है और उचित तरीके से नए सिरे से 5जी का मुद्दा उठाएंगी। इस पर अदालत ने जूही चावला को स्वतंत्रता दी।

पीठ ने जून 2021 में लगाया था 20 लाख रुपये का जुर्माना

जूही चावला को बड़ी राहत देते हुए न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा कि चावला ने 5जी मामले को तुच्छ तरीके से नहीं लिया था। हालांकि, पीठ ने कहा कि जुर्माना की कुछ राशि को बरकरार रखा जाएगा, क्योंकि मुकदमे में दायर कुछ आवेदन वास्तव में पूरी तरह से बेकार थे। पीठ ने चावला की अपील याचिका को स्वीकार करते हुए एकल पीठ के चार जून 2021 के के आदेश को रद दिया। एकल पीठ ने चावला की याचिका को खारिज करते हुए टिप्पणी की थी कि याचिका दोषपूर्ण, कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होने के साथ पब्लिसिटी हासिल करने के लिए दाखिल की गई है। एकल पीठ ने जूही चावला समेत अन्य 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।

Edited By: JP Yadav

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