पढ़िए दिल्ली के इंडिया गेट पर लगाई जाने वाली नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा का तेलंगाना के खम्मम जिले से क्या है नाता?

इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा लगाई जाएगी। 28 फीट ऊंची और 6 फीट चौड़ी यह प्रतिमा जेट ब्लैक ग्रेनाइट से बनाई जाएगी। राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (एनजीएमए) के महानिदेशक अद्वैत गणनायक को प्रतिमा बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Vinay Kumar TiwariPublish: Tue, 25 Jan 2022 01:04 PM (IST)Updated: Tue, 25 Jan 2022 03:10 PM (IST)
पढ़िए दिल्ली के इंडिया गेट पर लगाई जाने वाली नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा का तेलंगाना के खम्मम जिले से क्या है नाता?

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा लगाई जाएगी। 28 फीट ऊंची और 6 फीट चौड़ी यह प्रतिमा जेट ब्लैक ग्रेनाइट से बनाई जाएगी। राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (एनजीएमए) के महानिदेशक अद्वैत गणनायक को प्रतिमा बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रतिमा तैयार होने तक होलोग्राम की प्रतिमा स्थापित की गई है। दैनिक जागरण से बातचीत अद्वैत गणनायक ने कहा कि प्रधानमंत्री की घोषणा के साथ ही प्रतिमा निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अंतिम डिजाइन फाइनल होने में कुछ दिन लग जाएंगे। वहीं एनजीएमए पदाधिकारियों ने बताया कि तेलंगाना के खम्मम जिले से ग्रेनाइट पत्थर लाए जाएंगे। इन्हीं पत्थरों से राष्ट्रीय पुलिस स्मारक भी बनाया गया है।

पहले स्थापित थी जार्ज पंचम की प्रतिमा

जहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित की जानी है, वहां 1938 में जार्ज पंचम की प्रतिमा स्थापित की गई थी। दरअसल दिल्ली के इतिहास का अहम हिस्सा जार्ज पंचम से जुड़ा है। वर्ष 1911 में 11 दिसंबर के दिन दिल्ली के कोरोनेशन पार्क में दिल्ली दरबार आयोजित हुआ था। जिसमें जार्ज पंचम ने राजधानी को कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद ही नई दिल्ली बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। जार्ज पंचम की प्रतिमा इंडिया गेट पर 21 सालों तक रही। 1968 में इसे इंडिया गेट से हटाकर उत्तरी-पश्चिमी दिल्ली के बुराड़ी के पास कोरोनेशन पार्क में स्थापित कर दिया गया।

125वीं जयंती पर इंडिया गेट पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा हुआ अनावरण

मालूम हो कि 24 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर इंडिया गेट पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया था। इस मौके पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश की संस्कृति और मूल्यों के अलावा कई महान लोगों के योगदान को मिटाने की कोशिशें की गई थीं।

उन्होंने कहा कि देश अब अतीत की गलतियों को सुधार रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि दुनिया की कोई भी ताकत 2047 में देश की आजादी के 100वें वर्ष से पहले 'नए भारत' के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने से नहीं रोक सकती। उन्होंने लोगों से नेताजी के 'कर सकता हूं' और 'करके रहूंगा' की भावना से प्रेरणा लेने का आह्वान भी किया था।

Edited By Vinay Kumar Tiwari

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