42 वाणिज्यिक अदालतें स्थापित करने की मांग पर हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार से मांगा जवाब

राष्ट्रीय राजधानी में 42 वाणिज्यिक अदालतें स्थापित करने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार और दिल्ली हाई कोर्ट प्रशासन से जवाब मांगा है। अधिवक्ता ने याचिका दायर कर करके कहा कि वर्तमान में दिल्ली में 22 वाणिज्यिक अदालतें काम कर रही हैं।

Vineet TripathiPublish: Mon, 04 Apr 2022 04:04 PM (IST)Updated: Mon, 04 Apr 2022 04:04 PM (IST)
42 वाणिज्यिक अदालतें स्थापित करने की मांग पर हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। राष्ट्रीय राजधानी में 42 वाणिज्यिक अदालतें स्थापित करने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार और दिल्ली हाई कोर्ट प्रशासन से जवाब मांगा है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ ने दोनों को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले में अगली सुनवाई पांच जुलाई को होगी। अदालत ने प्रतिवादियों से इन अतिरिक्त अदालतों की स्थापना के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण और अदालत के कमरों के साथ-साथ न्यायिक अधिकारियों की उपलब्धता के संबंध में स्थिति के बारे में सूचित करने का भी निर्देश दिया।

अधिवक्ता अमित साहनी ने याचिका दायर कर करके कहा कि वर्तमान में दिल्ली में 22 वाणिज्यिक अदालतें काम कर रही हैं।अमित साहनी ने पीठ को सूचित किया कि दिल्ली सरकार ने अप्रैल 2021 में 42 वाणिज्यिक अदालतों की स्थापना के संबंध में अधिसूचना जारी की थी, लेकिन न्यायाधीशों की नियुक्ति अब तक नहीं की गई है।उन्होंने दलील दी कि समय-समय पर हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट ने देश की विभिन्न अदालतों में लंबित रिक्तियों की भर्ती के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।

उन्होंने यह भी दलील दी कि दुनिया भर में सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुसार वाणिज्यिक विवादों को 164 दिनों में निपटाया जाना चाहिए, लेकिन दिल्ली में इसका निपटारा करने में 747 दिन लगते हैं।उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली की अदालतों पर अधिक बोझ है।जिला न्यायालयों, दिल्ली की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2022 तक दिल्ली जिला न्यायालयों में कार्यरत 22 वाणिज्यिक न्यायालयों में 26959 मामले लंबित हैं।

Edited By: Mangal Yadav

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