दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में उठा रही महत्वपूर्ण कदम, बढ़ाया जा रहा बसों का बेड़ा, पढ़िए साल 2023 की प्लानिंग

ढाई साल में 2830 बसें लाना सरकार के लिए कोई बड़ी बात नहीं है। मगर इलेक्टि्रक बसों के मामले में चुनौती जरूर है। ऐसे में सरकार को इलेक्टि्रक बसों के मामले में निजी बस संचालकों को भी साथ लेना चाहिए जो सरकार के साथ आने के लिए तैयार हैं।

Vinay Kumar TiwariPublish: Thu, 27 Jan 2022 12:57 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 12:57 PM (IST)
दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में उठा रही महत्वपूर्ण कदम, बढ़ाया जा रहा बसों का बेड़ा, पढ़िए साल 2023 की प्लानिंग

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। दिल्ली में लोगों को ढाई साल बाद बसों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में अगले दो सालों में दिल्ली की सूरत बदलने जा रही है। 2023 मध्य तक 2830 बसें आ जाएंगी और तब जनता के लिए कुल 9724 बसें उपलब्ध होंगी। खास बात यह है कि आने वाली कुल बसों में 2130 इलेक्टि्रक और 700 बसें सीएनजी की होंगी। इसके लिए तैयारी शुरू हो चुकी है। दिल्ली में इस समय 6894 बसें सड़कों पर चल रही हैं।

अभी बसें लाए जाने की जो योजना है उसके तहत 250 सीएनजी बसें इस साल मार्च-अप्रैल तक आएंगी। इसके अलावा 450 सीएनजी बसें अक्टूबर में आनी हैं। 300 इलेक्टि्रक बसों के टेंडर हो गए हैं। टाटा और जेबीएम कंपनियां भी निर्धारित हो गई हैं। बसें डीटीसी के बेड़े में शामिल होंगी। इनमें से जेबीएम की एक बस दिल्ली की सड़कों पर दौड़ रही है और 299 बसों में से 55 बसें 15 फरवरी तक आएंगी। कुल मिलाकर सभी 300 बसें अप्रैल तक आ जाएंगी। इसके अलावा क्लस्टर सेवा के तहत 330 इलेक्टि्रक बसों के लिए भी टेंडर प्रक्रिया चल रही है। ये बसें हर हाल में 2023 के मध्य तक आएंगी।

एक अलग व्यवस्था के तहत डीटीसी के लिए 1500 इलेक्टि्रक बसें भी 2023 मध्य तक आ जाएंगी। इस व्यवस्था के तहत दिल्ली सरकार ये 1500 बसें केंद्र सरकार की एजेंसी कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) से लेगी। इसके लिए दिल्ली सरकार ने सीईएसएल के पास आवेदन भेज दिया है। दरअसल सीईएसएल ने 130 डबल डेकर सहित 5580 इलेक्टि्रक बसों की खरीद के लिए लगभग 5,500 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी निविदा निकाली है। सीईएसएल ने इनमें से दिल्ली सरकार को बसें उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।

वर्तमान में बसों की क्या है स्थिति

वर्तमान में दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन के रूप में 6894 बसें चल रही हैं। इनमें अभी डीटीसी की 3761 बसें हैं। इसमें एक इलेक्टि्रक बस भी शामिल है। क्लस्टर सेवा के तहत इस समय 3133 बसें चल रही हैं। दिल्ली में कोरोना महामारी के पहले तक बसों में प्रतिदिन 42 लाख लोग सफर करते रहे हैं और मेट्रो में 24 लाख लोग यात्रा करते थे।

नई बसों के लिए तेजी से चल रहा है काम

परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत का कहना है कि दिल्ली का बस बेड़ा अभी तक का सबसे बड़ा बेड़ा है। नई बसें लाए जाने के लिए तेजी से काम चल रहा है। 2830 बसें हर हाल में 2023 के मध्य तक दिल्ली में आ जाएंगी। निजी बसों का संचालन कर रहे आपरेटर्स के संगठन एसटीए आपरेटर्स एकता मंच के महासचिव श्याम लाल गोला कहते हैं कि ढाई साल में 2830 बसें लाना सरकार के लिए कोई बड़ी बात नहीं है। मगर इलेक्टि्रक बसों के मामले में चुनौती जरूर है। ऐसे में सरकार को इलेक्टि्रक बसों के मामले में निजी बस संचालकों को भी साथ लेना चाहिए जो सरकार के साथ आने के लिए तैयार हैं।

Edited By Vinay Kumar Tiwari

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