This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
OK

.. ताकि एक बार फिर सामने न आए पलायन की वो दर्दनाक तस्वीर

प्रशासन को चाहिए कि वह अपनी क्षमता को बढ़ाएं ताकि कोई भी भूखा न रहे। वहीं पश्चिमी जिले की बात करें यहां प्रशासन मुंडका पंजाबी बाग विकासपुरी कठपुतली कालोनी मोती नगर ज्वालापुरी व इंद्रा कैंप स्थित कुल दस निर्माणाधीन साइटों पर 2193 कामगारों का पेट भर रहा है।

Prateek KumarTue, 27 Apr 2021 05:36 PM (IST)
.. ताकि एक बार फिर सामने न आए पलायन की वो दर्दनाक तस्वीर

नई दिल्ली [मनीषा गर्ग]। पिछले वर्ष लाॅकडाउन के दौरान दिल्ली छोड़कर अपने-अपने गांवों की तरफ पलायन करते कामगारों की कई दर्दनाक तस्वीरों व कहानियाें ने मन को झकझोर कर रख दिया था। एक बार बेकाबू होते हालात को मद्देनजर रखते हुए सरकार ने मजबूरन लाॅकडाउन का रास्ता अपनाया है। पर इस बार कामगार दिल्ली से पलायन ना करें, इसके लिए जिला प्रशासन जी तोड़ प्रयास कर रहा है।

हर जरूरत का रखा जा रहा खयाल

कामगारों के भरण-पोषण से लेकर उनकी जरूरत का ध्यान रखने के लिए उन्हें विश्वास दिलाया जा रहा है ये मुश्किल समय भी जल्द बीत जाएगा। दक्षिण-पश्चिमी जिले के अंतर्गत दस निर्माणाधीन साइट व सात हंगर रिलीफ सेंटरों पर कामगारों व जरूरतमंदों के लिए द्वारका इस्कान के साथ मिलकर प्रशासन खाने की व्यवस्था कर रहा है। इस अभियान का पूरा मार्गदर्शन अतिरिक्त जिला उपायुक्त राकेश दहिया संभाल रहे है। उनके नेतृत्व में अध्यापकों की टीम प्रत्येक केंद्र पर कुल 3,965 कामगारों व जरूरतमंदों काे भर पेट खाना खिला रही है।

इस्कान का मिल रहा साथ

ज्ञात हो पिछले वर्ष भी जिला प्रशासन ने द्वारका इस्कान के साथ मिलकर इस दिशा में काम किया था। इस्कान में कोरोना संक्रमण बचाव नियम का बखूबी पालन करते हुए दोपहर व रात का खाना तैयार किया जा रहा है। इस्कान से बड़े-बड़े बर्तनों में बंद होकर नोडल आफिसर के दिशानिर्देश में खाना निर्माणाधीन साइट व हंगर रिलीफ सेंटरों पर पहुंचता है। यहां खाना बांटने के दौरान शारीरिक दूरी व साफ-सफाई की व्यवस्था बनाए रखने का पूरा प्रयास किया जाता है। हालांकि केंद्र पर कामगारों व जरूरतमंदों की संख्या को देखे ताे वह 3,965 से अधिक है।

इन इलाकों में चल रहा अभियान

प्रशासन को चाहिए कि वह अपनी क्षमता को बढ़ाएं, ताकि कोई भी भूखा न रहे। वहीं पश्चिमी जिले की बात करें यहां प्रशासन मुंडका, पंजाबी बाग, विकासपुरी, कठपुतली कालोनी, मोती नगर, ज्वालापुरी व इंद्रा कैंप स्थित कुल दस निर्माणाधीन साइटों पर 2,193 कामगारों का पेट भर रहा है।

हंगर रिलीफ हेल्पलाइन नंबर

प्रशासन मिड डे मिल तैयार करने वाली कंपनी से खाने की व्यवस्था कर रहा है। एसडीएम पटेल नगर जितेंद्र कुमार इस अभियान का नेतृत्व कर रहे है। जितेंद्र कुमार ने बताया कि भविष्य में जरूरत पड़ी तो क्षमता को बढ़ाया जाएगा, ताकि एक भी मजदूर पलायन का विचार भी मन में न लाएं। कोई भी जरूरतमंद व कामगार इस हंगर रिलीफ हेल्पलाइन नंबर 8595740135 पर संपर्क कर सकता है और प्रशासन उसके लिए खाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। दक्षिण-पश्चिमी जिले में 01125066674 पर संपर्क कर सकते है।

तैयार है शेल्टर होम

दक्षिण-पश्चिमी जिला प्रशासन ने तीनों सब-डिवीजन में एक-एक शेल्टर होम तैयार किए गए है। जिनकी कुल क्षमता 500 है। जिसमें डाबड़ी स्थित निगम स्कूल में 150, जाफरपुरकलां में 150 और कपासहेड़ा स्थित निगम प्राथमिक विद्यालय में 200 क्षमता युक्त शेल्टर होम शामिल है। हालांकि अभी तीनों शेल्टर होम खाली पड़े है।

नई दिल्ली में कोरोना वायरस से जुडी सभी खबरे

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!