करियर काउंसलर ने दिए सफलता के मंत्र, अध्यापन से करें राष्ट्र निर्माण में योगदान

यदि गहन रुचि से जुड़ा करियर होगा तो आप उस क्षेत्र में खुद को अपडेट करने और आगे रखने में भी हमेशा दिलचस्पी लेंगे। मैनेजमेंट के फील्ड में समय के साथ कई नये कोर्स भी आ गए हैं (जैसे एंटरप्रेन्योरिशप मैनेजमेंट)। ये भी भविष्य के लिए बेहतर हो सकते हैं।

Sanjay PokhriyalPublish: Tue, 25 Jan 2022 04:42 PM (IST)Updated: Tue, 25 Jan 2022 04:42 PM (IST)
करियर काउंसलर ने दिए सफलता के मंत्र, अध्यापन से करें राष्ट्र निर्माण में योगदान

हर युवा को जीवन में बेहतर अवसरों की प्राप्ति के लिए एक सही मार्गदर्शन की जरूरत होती है। ताकि वह तेजी से पढ़ाई और करियर के फ्रंट पर उत्‍साह और आत्‍मविश्‍वास के साथ आगे बढ़ सके। इसे लेकर अक्‍सर युवाओ के मन में बहुत से प्रश्‍न भी होते हैं। आज युवाओं के ऐसे ही प्रश्‍नों के जवाब दे रहे हैं वरिष्ठ करियर काउंसलर अरुण श्रीवास्तव…

मैंने अर्थशास्त्र से एमए किया है। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी भी कर रही हूं। कृपया पीएचडी के लिए मार्गदर्शन करें।

-वेदांगी सारस्वत, मुरादाबाद (ईमेल से)

यदि आपने आवश्यक निर्धारित अंकों के साथ एमए किया है, तो इस विषय में पीएचडी करने के लिए किसी भी विश्वविद्यालय के संबंधित विभाग में पंजीकरण करा सकती हैं। बेहतर होगा कि आप यूजीसी/एनटीए द्वारा आयोजित नेट की तैयारी कर उसे क्वालिफाई करके असिस्टेंट प्रोफेसर पद की पात्रता हासिल कर लें। इससे आप पीएचडी पूरी किए बिना ही कालेजों/विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए आवेदन कर सकेंगी। आप चाहें तो इसके साथ पीएचडी भी कर सकती हैं। इससे आपकी योग्यता निश्चित रूप से बढ़ जाएगी। यदि अर्थशास्त्र विषय में रुचि है और अध्यापन के क्षेत्र में अपने करियर को आगे बढ़ाना चाहती हैं, तो इस विषय में अपनी जानकारी को लगातार बढ़ाते रहने/अपडेट करते रहने से फायदा हो सकता है। समय-समय पर आप अपने शोध पत्र प्रकाशित करा सकती हैं, अपने गहन अध्ययन व शोध के आधार पर किताबें लिख सकती हैं। अध्यापन के जरिए आप देश के युवाओं का बेहतर मार्गदर्शन करते हुए राष्ट्रनिर्माण में योगदान दे सकती हैं।

मैंने हाईस्कूल (तृतीय श्रेणी), इंटरमीडिएट (द्वितीय श्रेणी) और ग्रेजुएशन (तृतीय श्रेणी) से किया है। मेरे लिए कौन-सी जाब अच्छी रहेगी? मेरी उम्र 31 वर्ष है।

-अनुज खटाना (ईमेल से)

आज के समय में मात्र किसी डिग्री की वजह से कोई नौकरी मिलना आसान नहीं है। बेहतर होगा कि आप अपनी पसंद के किसी क्षेत्र में आवश्यक कौशल से संबंधित कोर्स कर लें। यह कोर्स आइटीआइ या पालिटेक्निक से हो सकता है। इस तरह के कोर्स आज के समय में एनएसडीसी (नेशनल स्किल डेवलपमेंट कारपोरेशन) से मान्यताप्राप्त अनेक निजी संस्थान भी संचालित कर रहे हैं। जहां से भी कोर्स करें, यह अवश्य देख लें कि वहां प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर पर्याप्त जोर है या नहीं। इस तरह के कोर्स के आधार पर आसानी से नौकरी मिल सकती है। प्रशिक्षण संस्थान भी प्लेसमेंट में सहायता करते हैं।

मैं बीएससी (फिजिक्स) के फाइनल ईयर में हूं। मैं इस बात को लेकर दुविधा में हूं कि आगे अच्छे भविष्य और पैकेज को ध्यान में रखते हुए एमएससी (इलेक्ट्रानिक्स) या एमबीए में से मेरे लिए क्या बेहतर रहेगा? यदि एमबीए करूं, तो किस फील्ड में? मैं टीचिंग में नहीं जाना चाहता।

-सारांश, देहरादून (ईमेल से)

अपने करियर से संबंधित कोई भी निर्णय लेने से पहले आपको इस बात पर गहनता से विचार करना चाहिए कि आप खुद को किस क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए देखना पंसद करेंगे? किसमें काम करने पर आपको आत्मिक खुशी और संतुष्ट मिलेगी? कौन-सा काम करते हुए आपका उत्साह कभी कम नहीं होगा या आप उकताएंगे नहीं? आज से दस, पंद्रह या बीस साल बाद भी पूरे उत्साह के साथ उसमें काम करते हुए आगे बढ़ना चाहेंगे? इस तरह का निर्णय लेने के लिए पहले आपको अपनी रुचि/पसंद पर भी विचार करना होगा। यह क्षेत्र इंजीनियरिंग का भी हो सकता है या फिर मैनेजमेंट से जुड़ा। 

Edited By Sanjay Pokhriyal

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