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तूल पकड़ता जा रहा अमिताभ बच्चन से चंदा लेने का मामला, डीएसजीएमसी के कई सदस्य विरोध में हुए खड़े

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा रकाबगंज गुरुद्वारा में कोरोना सेंटर खोलने के लिए अभिनेता अमिताभ बच्चन से चंदा लेने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कई सदस्य इसके विरोध में खड़े हो गए हैं। नाराज 21 सदस्यों ने जनरल हाउस की बैठक बुलाने की मांग की है।

Vinay Kumar TiwariFri, 21 May 2021 12:51 PM (IST)
तूल पकड़ता जा रहा अमिताभ बच्चन से चंदा लेने का मामला, डीएसजीएमसी के कई सदस्य विरोध में हुए खड़े

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) द्वारा रकाबगंज गुरुद्वारा में कोरोना केयर सेंटर खोलने के लिए फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन से चंदा लेने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कमेटी के कई सदस्य इसके विरोध में खड़े हो गए हैं। नाराज 21 सदस्यों ने महासचिव हरमीत सिंह कालका को पत्र लिखकर 14 दिनों के अंदर जनरल हाउस की बैठक बुलाने की मांग की है।

सदस्यों का कहना है कि डीएसजीएमसी अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा पर भ्रष्टाचार के दो मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही अमिताभ बच्चन से चंदा लेने से सिखों में नाराजगी है। इन दोनों मामलों पर चर्चा जरूरी है। यदि जनरल हाउस की बैठक नहीं बुलाई गई तो सदस्य अपने स्तर पर इसके लिए कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि रकाबगंज गुरुद्वारे में इस समय कोरोना केयर सेंटर चल रहा है, इसलिए बैठक किसी और स्थान पर होनी चाहिए।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एक्ट-1971 के अनुसार 17 सदस्य अपने दस्तखत वाले पत्र से कमेटी के महासचिव से कभी भी जनरल हाउस बुलाने की मांग कर सकते हैं। कमेटी महासचिव को पत्र लिखने वालों में मनजीत सिंह जीके, कुलवंत सिंह बाठ, हरिंदर पाल सिंह, गुरमीत सिंह शंटी, हरमनजीत सिंह, परमजीत सिंह राणा सहित जग आसरा गुरु ओट (जागो), शिरोमणि अकाली दल दिल्ली और पंथक अकाली लहर पार्टी सहित निर्दलीय सदस्य भी शामिल हैं।

कमेटी के पदाधिकारियों पर मनमानी का भी आरोप लगाया

सदस्यों का आरोप है कि पिछले काफी समय से कमेटी की कार्यकारिणी की भी बैठक नहीं हुई है। नियम के अनुसार प्रत्येक 15 दिनों में यह बैठक होनी चाहिए, जिससे कि ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हो सके। कमेटी के पदाधिकारी बैठक बुलाने से परहेज कर रहे हैं। उन्होंने कमेटी के पदाधिकारियों पर मनमानी करने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण चुनाव स्थगित हो गया है, लेकिन आचार संहिता लागू हैं। बावजूद इसके कमेटी के फंड का इस्तेमाल राजीतिक प्रचार करने के लिए किया जा रहा है।

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