Delhi News: पोल खोल अभियान में मीनाक्षी लेखी ने दिल्ली सरकार पर साधा निशाना, कहा- पानी के लिए तरस रही दिल्ली

मीनाक्षी लेखी के नेतृत्व में एन-ब्लाक में आम जनता को दिल्ली सरकार के 10 झूठे वादों की जमीनी हकीकत बताई गई। इस दौरान मीनाक्षी लेखी ने कहा कि दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। लोग पानी के लिए परेशान हैं।

Prateek KumarPublish: Sun, 22 May 2022 05:51 PM (IST)Updated: Sun, 22 May 2022 05:51 PM (IST)
Delhi News: पोल खोल अभियान में मीनाक्षी लेखी ने दिल्ली सरकार पर साधा निशाना, कहा- पानी के लिए तरस रही दिल्ली

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ग्रेटर कैलाश-2 के एन- ब्लाक में दिल्ली सरकार के खिलाफ पोल खोल अभियान चलाया गया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी के नेतृत्व में एन-ब्लाक में आम जनता को दिल्ली सरकार के 10 झूठे वादों की जमीनी हकीकत बताई गई। इस दौरान मीनाक्षी लेखी ने कहा कि दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था ध्वस्त हो गई है।

लोग पानी के लिए हो रहे हैं परेशान

पेयजल किल्लत से लोग परेशान हैं। सात वर्ष में दिल्ली में एक भी नया स्कूल व अस्पताल नहीं बना है। स्कूलों में शिक्षकों व अन्य स्टाफ के हजारों पद रिक्त पड़े हुए हैं, लेकिन दिल्ली सरकार भर्ती नहीं कर रही है। दिल्ली की जीवनदायिनी मां यमुना गंदे नाले में तब्दील हो गई हैं। वृद्धों व दिव्यांगों की पेंशन बंद कर दी गई है। अब राजधानी के लोगों के सामने दिल्ली सरकार की पोल खुलती जा रही है।

जनता का नुकसान कर रही है आम आदमी पार्टी की सरकार  

मीनाक्षी लेखी ने कहा कि अगर केजरीवाल को जनता के हित के लिए काम करना होता तो वह केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाओं को राजधानी में लागू होने देते, लेकिन भाजपा से राजनीतिक प्रतिद्वंदिता निभाने के चक्कर में वह आम जनता का नुकसान कर रहे हैं।

दिल्ली सरकार पर लगा राशन कार्ड नहीं बनवाने का आरोप

वहीं, एसडीएमसी साउथ जोन के पूर्व चेयरमैन सुभाष भड़ाना ने कहा कि दिल्ली सरकार ने नए राशन कार्ड बनाना बंद कर दिया है। दिल्ली सरकार हजार लोगों को भी नौकरी नहीं दे पाई है। दिल्ली जल बोर्ड पर कर्जा चढ़ा दिया गया है और डीटीसी का 11 हजार करोड़ रुपये का घाटा बढ़ गया है। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को केजरीवाल सरकार दिल्ली में लागू नहीं करने देती है। इससे लोगों को उनका फायदा नहीं मिल पाता है।

Edited By Prateek Kumar

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