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देश के शीर्ष 40 मेडिकल कॉलेजों में छह दिल्ली के फिर भी मरीज बेहाल

एनआइआरएफ की रैंकिंग में मेडिकल कॉलेजों में शीर्ष पर एम्स आइएलबीएस सफदरजंग एमएएमसी भी शीर्ष सूची में शामिल

JagranThu, 11 Jun 2020 10:25 PM (IST)
देश के शीर्ष  40 मेडिकल कॉलेजों में छह दिल्ली के फिर भी मरीज बेहाल

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली :

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी एनआइआरएफ (नेशनल इंस्टीट्यूट्स रैंकिंग फ्रेमवर्क) सूची में मेडिकल कॉलेजों की श्रेणी में एम्स को शीर्ष स्थान मिला है।

कोरोना महामारी के बीच दिल्ली के लिए यह बड़ी उपलब्धि है कि देश के 40 शीर्ष मेडिकल कॉलेजों में से छह दिल्ली के संस्थान हैं। इनमें से पाच संस्थान तो शीर्ष 20 में शामिल हैं।

ऐसे में यह सवाल उठाना लाजमी है कि स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी है या फिर प्रबंधन में। हालाकि यह तर्क दिया जा रहा है कि इन मेडिकल कॉलेजों की रैंकिंग उनमें बेहतर मेडिकल शिक्षा को ध्यान में रखकर दी गई है। लेकिन यह भी सच है कि बेहतर मेडिकल कॉलेज ही अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं के आधार होते हैं। एनआइआरएफ की रैंकिंग में यकृत व पित्त विज्ञान संस्थान (आइएलबीएस) को 11वा स्थान मिला है। हालाकि वह पिछली बार की तुलना में दो पायदान नीचे फिसल गया है। वहीं वर्धमान मेडिकल कॉलेज व सफदरजंग अस्पताल को 16वा, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी) को 17वा, यूनिवíसटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइस (यूसीएमएस) को 19वा, जामिया हमदर्द मेडिकल कॉलेज को 22वा स्थान मिला है। वैसे तो कर्नाटक व तमिलनाडु के सात-सात मेडिकल कॉलेज इस सूची में शामिल किए गए हैं लेकिन यदि शहर की बात करें तो दिल्ली के अलावा कहीं से छह मेडिकल कॉलेज इस सूची में शामिल नहीं हैं।

एम्स की प्रवक्ता डॉ. आरती विज ने कहा कि लगातार तीसरी बार एम्स पहले स्थान पर रहा है। हाल के वर्षो में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए सर्वे में भी एम्स को बेहतर रैंक मिलती रही है। इसका कारण यह है कि मेडिकल शिक्षा, चिकित्सा व शोध तीनों ही चीजों पर फोकस किया जाता है और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया जाता है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के सदस्य डॉ. हरीश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के मेडिकल कॉलेज विश्वस्तरीय हैं। यहा से उत्कृष्ट डॉक्टर तैयार होते रहे हैं। फिर भी पिछले कुछ दिनों से कोरोना के मरीजों के एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकने के जो मामले आ रहे हैं वह विचलित करने वाले हैं। दिक्कत बडे़ अस्पतालों के बुनियादी ढाचे व डॉक्टरों की नहीं है। बल्कि प्रबंधन की कमी है। जिसके कारण मरीजों को समस्या हो रही है। एम्स रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अमरिंदर सिंह मल्ही ने कहा कि दिल्ली के छह अस्पतालों का शीर्ष सूची में होना यहा के स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अच्छी बात है। लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करना होगा। ताकि गंभीर मरीज ही बडे़ अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे।

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