RR vs GT IPL 2022 Final Preview: गुजरात के पास पहली बार तो राजस्थान के पास दूसरी बार चैंपियन बनने का सुनहरा मौका

RR vs GT IPL 2022 Final Preview आइपीएल 2022 के फाइनल मैच में राजस्थान व गुजरात की टीम 29 मई को एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे। गुजरात की नजर इस मैच में जहां पहले टाइटल पर होगी तो वहीं राजस्थान की नजर दूसरी बार चैंपियन बनने पर रहेगी।

Sanjay SavernPublish: Sat, 28 May 2022 08:09 PM (IST)Updated: Sun, 29 May 2022 08:05 AM (IST)
RR vs GT IPL 2022 Final Preview: गुजरात के पास पहली बार तो राजस्थान के पास दूसरी बार चैंपियन बनने का सुनहरा मौका

अहमदाबाद, प्रेट्र। RR vs GT IPL 2022 Final Preview: शानदार फार्म में चल रही गुजरात टाइटंस की टीम रविवार को यहां नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में आइपीएल के फाइनल में राजस्थान रायल्स के खिलाफ अपने पहले ही फाइनल में खिताब जीतना चाहेगी। दूसरी ओर, कप्तान संजू सैमसन की टीम राजस्थान दूसरी बार इस ट्राफी को जीतने की पूरी कोशिश करेगी।

इस मैच से नायक भी निकलेंगे, दिल भी टूटेंगे और कीर्तिमान भी बनेंगे लेकिन यह मुकाबला ऐसा होगा जिसे क्रिकेटप्रेमी वर्षो तक याद रखेंगे। दो महीने पहले जब आइपीएल का मौजूदा सत्र शुरू हुआ था तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि फाइनल के टास के लिए संजू और हार्दिक मैदान पर उतरेंगे। अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देख चुके हार्दिक और मुख्य कोच आशीष नेहरा के लिए दो महीने का यह सफर सपने सरीखा रहा। नीलामी के बाद इस टीम को परखे बिना ही दौड़ से बाहर मान लेने वाले क्रिकेट पंड़ितों से लेकर आलोचकों तक सभी को अपने प्रदर्शन से इन्होंने जवाब दिया। क्वालीफायर-1 में गुजरात ने राजस्थान को हर विभाग में फेल करके फाइनल का टिकट कटाया था। अब फिर से दोनों टीमें आमने-सामने होंगी और राजस्थान अपनी उस हार का बदला लेना चाहेगी।

गुजरात टाइटंस को जानें

मजबूती: सत्र के शुरुआत में राहुल तेवतिया और डेविड मिलर जैसे खिलाडि़यों की यह टीम कागजों पर उतनी मजबूत नहीं लग रही थी। लेकिन फिर क्रिकेट तो अनिश्चितताओं का ही खेल है जिसमें मैदान पर ही तकदीर बनती और बिगड़ती है। पांच वर्ष से अपनी लय हासिल करने को तरस रहे मिलर ने अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया। तेवतिया ने साबित कर दिया कि शारजाह में जड़े पांच छक्के महज तुक्का नहीं थे। राशिद खान ने अपनी तरकश में कई नए तीर रखे हैं तो रिद्धिमान साहा ने अपने प्रदर्शन से कम से कम एक सत्र और खेलना पक्का कर लिया। खचाखच भरे नरेन्द्र मोदी स्टेडियम पर अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का फायदा भी गुजरात को फाइनल में मिलेगा।

कमजोरी : पूरे सत्र में देखा गया है कि गुजरात के शीर्ष क्रम ने टीम को निराश किया है। मुख्य कोच आशीष नेहरा के लिए चिंता का विषय सलामी जोड़ीदार रहे हैं। शुभमन गिल का बल्ला या तो चला नहीं है और जब लगता है कि वह चलेंगे तो रन आउट हो जाते हैं। इसके अलावा मैथ्यू वेड को भी सलामी जोड़ीदार के रूप में उतार गया लेकिन वह भी सफल नहीं हो पाए। फिर गिल और रिद्धिमान साहा की जोड़ी ने टीम के लिए ओपनिंग का जिम्मा संभाला, लेकिन दोनों ने ऐसी कोई साझेदारी नहीं की जिस पर हार्दिक खुश हो। शीर्ष क्रम के विफल होने के बाद गुजरात का मध्य क्रम मजबूत है जो शुरुआती झटकों के बाद टीम की पारी को संभाल लेता है। लेकिन फाइनल में सलामी जोड़ी को अपनी भूमिका निभानी होगी।

राजस्थान रायल्स को जानें

मजबूती : राजस्थान के पास जोस बटलर जैसे विस्फोटक बल्लेबाज हैं जो किसी भी समय मैच का रुख बदल सकते हैं। पूरे सत्र में देखा गया है कि जब बटलर चले हैं तब राजस्थान जीता है। पिछले मैच में क्वालीफायर-2 में रायल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ शतक जड़कर बटलर ने टीम को एकतरफा जीत दिलाई थी। युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने भी प्रभावित किया है, लेकिन फाइनल के दबाव को वह किस तरह से संभालते हैं, यह देखना होगा। वहीं, गेंदबाजी में रविचंद्रन अश्विन, युजवेंद्रा सिंह चहल, ट्रेंट बोल्ट जैसे दिग्गज हैं जो गुजरात के बल्लेबाजी पर विराम लगा सकते हैं। तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने भी पिछले मैच में प्रभावित किया था।

कमजोरी : राजस्थान की सबसे बड़ी कमजोरी उसका बटलर पर निर्भर रहना है। बटलर ने क्वालीफायर-1 शुरुआत में धीमी पारी खेली थी तो उसका असर टीम के स्कोर बोर्ड पर पड़ा और टीम के नतीजे पर भी पड़ा। कप्तान संजू को भी अच्छी शुरुआत मिलती है, लेकिन वह अपनी छोटी पारियों को बड़ी में बदल नहीं पा रहे हैं। देवदत्त पडीक्कल, शिमरोन हेटमायर जैसे बल्लेबाज अपनी ख्याति के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। क्वालीफायर-1 में अश्विन और चहल की जोड़ी महंगी साबित हुई थी जिसमें मिलर ने किसी भी गेंदबाज पर कोई रहम नहीं किया था। अब इस जोड़ी को सही रणनीति के साथ मैदान पर उतरना होगा।

राजस्थान का शेन तो गुजरात का क्रिकेट

राजस्थान ऐसे सितारे के लिए खिताब जीतना चाहेगी जो आसमान से कहीं अपनी इस टीम को निहार रहे होंगे। आइपीएल का पहला खिताब सितारों के बिना एक युवा टीम को दिलाने वाले दिवंगत शेन वार्न राजस्थान रायल्स के प्रदर्शन पर जरूर गौरवान्वित होंगे। आइपीएल के पहले सत्र में शेन वार्न की कप्तानी में राजस्थान ने यह खिताब जीता था। वहीं, गुजरात कभी भी क्रिकेट के जुनून के लिए मशहूर नहीं रहा है। इस राज्य से पार्थिव पटेल और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ी निकले हैं, लेकिन जिस तरह चेन्नई सुपरकिंग्स की कामयाबी के बाद तमिलनाडु पर क्रिकेट की दीवानगी सिर चढ़कर बोलने लगी, वह हाल अब गुजरात का है।

संजू और हार्दिक में ज्यादा अंतर नहीं

कप्तानों की बात करें तो संजू और हार्दिक के बीच ज्यादा अंतर नहीं है। संजू उन खिलाड़ियों में से हैं जो भारत के लिए 20 मैच भी नहीं खेले हैं, लेकिन उनकी लोकप्रियता कमाल की है। कप्तानी में कामयाबी के साथ उनकी प्रतिभा और परवान चढ़ी है। फिट होकर फार्म में लौटे हार्दिक ने बतौर कप्तान अपना लोहा मनवाया। कप्तानी का दबाव लिए बिना बल्लेबाजी में भी वह चमके हैं।

टीमें :

गुजरात टाइटंस : हार्दिक पांड्या (कप्तान), अभिनव मनोहर, डेविड मिलर, गुरकीरत सिंह, बी साई सुदर्शन, शुभमन गिल, राहुल तेवतिया, विजय शंकर, मैथ्यू वेड, रहमानुल्ला गुरबाज, रिद्धिमान साहा, अल्जारी जोसेफ, दर्शन नालकांडे, लाकी फग्र्यूसन, मुहम्मद शमी, नूर अहमद, प्रदीप सांगवान, राशिद खान, रविश्रीनिवासन साई किशोर, वरुण आरोन और यश दयाल।

राजस्थान रायल्स : संजू सैमसन (कप्तान), जोस बटलर, यशस्वी जायसवाल, रविचंद्रन अश्विन, ट्रेंट बोल्ट, शिमरोन हेटमायर, देवदत्त पडीक्कल, प्रसिद्ध कृष्णा, युजवेंद्रा सिंह चहल, रियान पराग, केसी करियप्पा, नवदीप सैनी, ओबेड मैकाय, अनुनय सिंह, कुलदीप सेन, करुण नायर, ध्रुव जुरेल, तेजस बरोका, कुलदीप यादव, शुभम गढ़वाल, जेम्स नीशाम, नाथन कूल्टर-नाइल, रेसे वान डेर डुसेन, डेरिल मिशेल और कार्बिन बाश।

Edited By Sanjay Savern

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