YEAR ENDER 2021: रोहित के हाथ में आई वनडे और टी20 की कमान, विराट को टेस्ट से करना पड़ा संतोष

Year Ender 2021 साल 2021 में दूसरी बार टीम इंडिया में दो कप्तानों की नियुक्ति की गई। वर्कलोड और क्रिकेट की अधिकता की वजह से ये कदम बीसीसीआइ द्वारा उठाया गया और अब शायद ही इस परंपरा को खत्म किया जाए।

Sanjay SavernPublish: Thu, 16 Dec 2021 05:14 PM (IST)Updated: Fri, 31 Dec 2021 05:44 PM (IST)
YEAR ENDER 2021: रोहित के हाथ में आई वनडे और टी20 की कमान, विराट को टेस्ट से करना पड़ा संतोष

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। भारतीय क्रिकेट इतिहास की एक सबसे बड़ी घटना साल 2021 में हुई और ये एक नई परंपरा की शुरुआत रही। भारतीय क्रिकेट में कप्तानी के बंटवारे की बात को काफी वक्त से चली आ रही थी, लेकिन ऐसा होता दिख नहीं रहा था क्योंकि ये बातें पूर्व कप्तान या क्रिकेट पंडितों द्वारा ही की जा रही थी। क्रिकेट पंडित ये लगातार कह रहे थे कि अब क्रिकेट ज्यादा खेली जा रही है ऐसे में एक खिलाड़ी पर कप्तानी का भार देने से बेहतर है कि टीम में दो कप्तान हों। इससे ये होगा कि काम का बंटवारा होगा साथ ही जिसे कप्तानी दी जाएगी वो अपने खेल पर भी ज्यादा ध्यान केंद्रित कर पाएगा। 

दो कप्तानों को रखने की नई परंपरा की शुरुआत

साल 2021 में जब तक रोहित शर्मा को पूरी तरह से सिमित प्रारूप का कप्तान नहीं बनाया गया था तब तक कप्तानी की पूरी जिम्मेदारी विराट कोहली के कंधों पर थी। कोहली इस बोझ तले छटपटा रहे थे और उनके खेल पर भी बुरी तरह से प्रभाव पड़ा था। इस दर्द को शायद बीसीसीआइ के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने महसूस किया और उन्होंने सेलेक्टर्स के साथ मिलकर वो फैसला किया जिसके बारे में भारतीय क्रिकेट इतिहास में इससे पहले शायद ही कभी सोचा भी गया था। 

विराट कोहली ने जब टी20 वर्ल्ड कप 2021 के बाद टी20 टीम की कप्तानी छोड़ने का एलान किया तभी शायद इस बात की नींव रख दी गई थी कि अब टीम में दो कप्तान होंगे। टी20 वर्ल्ड कप 2021 के बाद विराट कोहली की जगह रोहित शर्मा को ये जिम्मेदारी सौंप दी गई। इसके बाद जब टीम साउथ अफ्रीका दौरे पर क्रिकेट सीरीज खेलने जाने ही वाली थी जिसमें तीन मैचों की वनडे सीरीज भी थी।

उससे पहले ही रोहित शर्मा को पूरी तरह से वनडे टीम की कप्तानी भी सौंप दी गई। यानी विराट कोहली अब टेस्ट प्रारूप जबकि रोहित शर्मा को वनडे व टी20 प्रारूप की कप्तानी करेंगे। इसके बाद ये बात को साफ हो गई कि ये परंपरा अब आगे शायद ही टूटे क्योंकि अब क्रिकेट काफी ज्यादा खेली जा रही है और एक कप्तान का कांसेप्ट पुराने दिनों की बात रह गई। साल 2021 को इसके लिए हमेशा याद रखा जाएगा। 

Edited By Sanjay Savern

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