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वेंकटेश प्रसाद ने बताया, क्यों भारतीय खिलाड़ी विदेशी कोचों को ज्यादा गंभीरता से न लें

पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने बताया है कि भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी कोचों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेना चाहिए क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ग्रेग चैपल ने एक बार दीपक चाहर को भी रिजेक्ट कर दिया था।

Vikash GaurThu, 22 Jul 2021 10:48 AM (IST)
वेंकटेश प्रसाद ने बताया, क्यों भारतीय खिलाड़ी विदेशी कोचों को ज्यादा गंभीरता से न लें

नई दिल्ली, पीटीआइ। भारत के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने खुलासा किया है कि श्रीलंका के खिलाफ खेली जा रही वनडे सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाज दीपक चाहर को एक बार राजस्थान क्रिकेट अकादमी में अपने समय के दौरान ऑस्ट्रेलियाई कोच ग्रेग चैपल द्वारा क्रिकेट छोड़ने के लिए कहा गया था। 28 वर्षीय चाहर ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी करामात दिखाई और टीम इंडिया को मैच के साथ-साथ सीरीज भी जिताई।

दीपक चाहर के प्रदर्शन के बाद वेंकटेश प्रसाद ने उस समय का जिक्र किया, जब ग्रेग चैपल को भारत के कोच पद से इस्तीफा देने के बाद आइपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी द्वारा राजस्थान क्रिकेट अकादमी का क्रिकेट निदेशक नियुक्त किया गया था। उसी दौरान उन्होंने दीपक चाहर को क्रिकेट छोड़ने की सलाह दी थी, लेकिन दीपक चाहर ने अपनी मेहनत के दम पर वो कर दिखाया, जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थे, लेकिन दीपक चाहर को अपने ऊपर भरोसा था।

वेंकटेश प्रसाद ने ट्वीट करते हुए लिखा, "दीपक चाहर को ग्रेग चैपल ने आरसीए (राजस्थान क्रिकेट एकेडमी) में उनकी हाइट के लिए खारिज कर दिया था और एक अलग व्यवसाय को देखने के लिए कहा था। और अब उसने अकेले दम पर अपने कौशल की वजह से भारत को मैच जिताया। कहानी का नैतिक ये है कि खुद पर विश्वास करें और विदेशी कोचों को ज्यादा गंभीरता से न लें।"

51 साल के वेंकटेश प्रसाद ने देश के लिए 1996 से 2001 तक कुल 33 टेस्ट मैच खेले हैं। उन्होंने दीपक चाहर की गेंदबाजी की भी प्रशंसा की है, क्योंकि दीपक चाहर टी20 क्रिकेट में हैट्रिक ले चुके हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी विश्लेषण हाल फिलहाल में टूटने वाला नहीं है। प्रसाद ने दीपक की बल्लेबाजी को लेकर कहा, "दीपक चाहर जरूर अपवाद हैं, लेकिन भारत में इस तरह की अद्भुत प्रतिभा के साथ, यह समय है कि टीमें और फ्रेंचाइजी जितना संभव हो सके भारतीय कोच और संरक्षक रखने पर विचार करें।"