PNB ने ATM ट्रांजेक्शन चार्ज से की 645 करोड़ से ज्यादा की कमाई, मिनिमम बैलेंस न रखने वालों से करोड़ों की वसूली

वित्तीय वर्ष 2021-22 में PNB (Punjab National Bank) ने एटीएम ट्रांजेक्शन चार्ज से 645 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है। पंजाब नेशनल बैंक ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। मिनिमम बैलेंस न रखने वालों से भी बैंक ने करोड़ों की वसूली की है।

Sarveshwar PathakPublish: Sun, 22 May 2022 03:03 PM (IST)Updated: Sun, 22 May 2022 03:06 PM (IST)
PNB ने ATM ट्रांजेक्शन चार्ज से की 645 करोड़ से ज्यादा की कमाई, मिनिमम बैलेंस न रखने वालों से करोड़ों की वसूली

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क।  सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक ने इस वित्त वर्ष में एटीएम ट्रांजेक्शन चार्ज कहा है कि उसने वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान ग्राहकों पर एटीएम लेनदेन शुल्क लगाकर 645 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है। बैंक ने सूचना के अधिकार (Right to Information Act, 2005) अधिनियम के तहत सूचना मांगने वाले एक आवेदन के जवाब में कहा कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में एटीएम लेनदेन शुल्क से पीएनबी द्वारा अर्जित राजस्व 645.67 करोड़ रुपये था।

ग्राहकों पर लगाए गए दंड के रूप में 239.09 करोड़ रुपये की वसूली

इसके अलावा देश के दूसरे सबसे बड़े लोन दाता ने मध्य प्रदेश स्थित आरटीआई आवेदक चंद्रशेखर गौर को बताया कि उसने अपने बैंक खातों में न्यूनतम शेष राशि या त्रैमासिक / मासिक औसत शेष राशि बनाए रखने में असफल रहने वाले ग्राहकों पर लगाए गए दंड के रूप में 239.09 करोड़ रुपये एकत्र किए।

मिनिमम बैलेंस न रखने वालों से 170 करोड़ रुपये कमाए

बैंक ने 2020-21 में ग्राहकों के खातों में मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर उन पर चार्ज लगाकर 170 करोड़ रुपये कमाए थे। यह राशि वित्त वर्ष 22 के दौरान 8,518,953 खातों से एकत्र की गई थी। बैंक के साथ जीरो बैलेंस खातों की संख्या के बारे में पूछे जाने पर पीएनबी (पंजाब नेशनल बैंक) ने कहा कि 31 मार्च 2022 तक कुल ऐसे खातों की संख्या 67,637,918 थे।

जीरो बैलेंस खातों की संख्या में लगातार वृद्धि
बैंक द्वारा दी गई जानकारी के अुनसार जीरो बैलेंस खातों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। 2018-19 से 2021-22 तक पिछले चार वित्तीय वर्षों के रुझान के अनुसार यह पता चला कि इन वर्षों में पीएनबी में शून्य शेष खातों में लगातार वृद्धि हुई है। 31 मार्च, 2019 तक PNB में 28,203,379 जीरो बैलेंस खाते थे, जो मार्च 2020 के अंत तक बढ़कर 30,583,184 और 31 मार्च 2021 तक बढ़कर 59,496,731 हो गए।

Edited By Sarveshwar Pathak

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