Sukanya Samriddhi Yojana: SSY के इस स्कीम में मिलता है अच्छा ब्याज, SBI में भी खोल सकते हैं खाता

Sukanya Samriddhi Yojana एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम जमा राशि 250 रुपये और अधिकतम जमा 1.5 लाख रुपये है। बालिका के नाम पर केवल एक ही खाता खोला जा सकता है। खाताधारक की उच्च शिक्षा के लिए निकासी की अनुमति।

NiteshPublish: Tue, 08 Feb 2022 11:39 AM (IST)Updated: Tue, 08 Feb 2022 01:50 PM (IST)
Sukanya Samriddhi Yojana: SSY के इस स्कीम में मिलता है अच्छा ब्याज, SBI में भी खोल सकते हैं खाता

नई दिल्ली, पीटीआइ। सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) का फायदा यह है कि इसमें ब्याज के साथ कई अन्य लाभ मिलते हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी, 2015 को बेटी बचाओ, बेटी पढाओ अभियान के तहत इस योजना की शुरुआत की। मौजूदा तिमाही यानी जनवरी-मार्च 2022 तिमाही के लिए योजना में 7.6 फीसद का ब्याज दर मिल रहा है। यह योजना केवल बालिका के लिए है और 2 लड़कियों के लिए या जुड़वां लड़कियों के मामले में 3 के लिए खोली जा सकती है।

इसके लिए अधिकृत बैंकों और डाकघरों में खाते खोले जा सकते हैं। माता-पिता भारतीय स्टेट बैंक के साथ सुकन्या समृद्धि खाता खोल सकते हैं

कौन से दस्तावेज है जरुरी

लाभार्थी का जन्म प्रमाण पत्र।

लाभार्थी के अभिभावक या माता-पिता का पता प्रमाण और आईडी प्रमाण।

खाता खोलने के लिए माता-पिता या अभिभावकों को प्रारंभिक राशि के साथ माता-पिता या अभिभावकों के पते और आईडी प्रमाण के साथ खाता खोलने का फॉर्म भरना होगा और इसे निकटतम एसबीआई शाखा में जमा करना होगा।

खाता खोलने के लिए उन्हें 250 रुपये की शुरुआती राशि भी जमा करनी होगी। वर्तमान में योजना के लिए कोई ऑनलाइन खाता खोलने का सिस्टम नहीं है।

योजना की मुख्य विशेषताएं:

एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम जमा राशि 250 रुपये और अधिकतम जमा 1.5 लाख रुपये है।

बालिका का खाता तब तक खोला जा सकता है जब तक कि वह 10 वर्ष की आयु तक नहीं पहुंच जाती।

बालिका के नाम पर केवल एक ही खाता खोला जा सकता है।

अधिकृत बैंकों और डाकघरों में खाता खोलने की सुविधा उपलब्ध है।

खाताधारक की उच्च शिक्षा के लिए निकासी की अनुमति।

खाते को भारत में कहीं भी एक डाकघर/बैंक से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है।

खोले जाने के बाद 21 वर्ष की अवधि बीत जाने के बाद यह मैच्योर हो जाएगा।

जमा आईटी अधिनियम की धारा 80C के तहत कटौती योग्य है।

आईटी एक्ट की धारा 10 खाते में अर्जित ब्याज को आयकर से मुक्त रखती है।

खाता खोलने के दिन से अधिकतम 15 वर्षों के लिए जमा किया जा सकता है।

यदि खाताधारक की मृत्यु हो जाती है या असाधारण मानवीय कारणों से खाता जल्दी बंद किया जा सकता है।

Edited By Nitesh

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