2022 की सबसे बड़ी खुशखबरी, महंगाई भत्‍ते में 14 फीसद के बंपर उछाल का ऐलान

सीपीएसई के बोर्ड स्तर और बोर्ड स्तर से नीचे के अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को मिलने वाले डीए की दरों को संशोधित किया गया है। 2007 वेतनमान के तहत सीपीएसई के अधिकारियों और गैर-संघीय पर्यवेक्षकों को देय डीए की दर अब 184.1% कर दी गई है। इससे पहले यह 170.5% थी।

Ashish DeepPublish: Mon, 31 Jan 2022 02:13 PM (IST)Updated: Tue, 01 Feb 2022 07:09 AM (IST)
2022 की सबसे बड़ी खुशखबरी, महंगाई भत्‍ते में 14 फीसद के बंपर उछाल का ऐलान

नई दिल्‍ली, बिजनेस डेस्‍क। केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employees) को 2022 में सबसे बड़ी सौगात मिली है। उनके महंगाई भत्‍ते (Dearness Allowance, DA) में 14 फीसद का बंपर उछाल आया है। सरकार ने इसका ऐलान भी कर दिया है। यह तोहफा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (CPSEs) के कर्मचारियों को मिला है।

डीए की दर अब 184.1% कर दी

अंडर सेक्रेटरी सैमुअल हक के मुताबिक सीपीएसई के बोर्ड स्तर और बोर्ड स्तर से नीचे के अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को मिलने वाले डीए की दरों को संशोधित किया गया है। 2007 वेतनमान के तहत सीपीएसई के अधिकारियों और गैर-संघीय पर्यवेक्षकों को देय डीए की दर अब 184.1% कर दी गई है। इससे पहले यह 170.5% थी।

सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्‍ते को फ्रीज किया

बता दें कि मार्च 2020 में Covid mahamari शुरू होने के बाद सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्‍ते को फ्रीज कर दिया गया था। जुलाई 2021 में सरकार ने महंगाई भत्‍ते में बढ़ोतरी का ऐलान किया। इसके बाद 7वां वेतनमान पा रहे केंद्रीय कर्मचारियों के DA में सीधे 11 फीसद की बढ़ोतरी की गई। वहीं CPSEs में 2007 वेतनमान वालों का DA भी बढ़ाया गया था।

महंगाई भत्‍ता सीधे 159.9% से 170.5% हुआ

एजी ऑफिस ब्रदरहुड के पूर्व अध्‍यक्ष एचएस तिवारी ने बताया कि उनका महंगाई भत्‍ता सीधे 159.9% से 170.5% हो गया था। इसमें करीब 11 फीसद की बढ़ोतरी की गई थी। यह भी बताया गया था कि 01 अक्‍टूबर 2020 से 30 जून 2021 तक की अवधि के लिए महंगाई भत्ते की दर 159.9% रहेगी। डीए की यह दर आईडीए (Industrial Dearness Allowance) कर्मचारियों के मामले में लागू होगी, जिन्हें डीपीई के अनुसार संशोधित वेतनमान (2007) की इजाजत दी गई है।

अलग महंगाई भत्‍ता

एचएस तिवारी के मुताबिक सरकारी कर्मचारियों को वेतन के आधार पर DA मिलता है। मसलन शहरी, अर्ध शहरी और ग्रामीण इलाकों में नौकरी करने वालों के लिए महंगाई भत्तेे की दर अलग-अलग होती है।

Edited By Ashish Deep

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