Automobile Budget 2022: ईवी इंडस्ट्री को सौगात! बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को मिलेगा बढ़ावा

Budget 2022-23 for Automobile Sector इस बजट में ईवी इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी को लागू करने की बात कही गई है। बैटरी स्वाइपिंग पॉलिसी से ईवी यूजर और ईवी इंडस्ट्री को काफी लाभ मिलने वाला है।

Atul YadavPublish: Tue, 01 Feb 2022 12:08 PM (IST)Updated: Wed, 02 Feb 2022 08:12 AM (IST)
Automobile Budget 2022: ईवी इंडस्ट्री को सौगात!  बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। Budget 2022 for Automobile Sector: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने आज संसद में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए देश का आम बजट (Aam Budget 2022) पेश किया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को यानी आज नई दिल्ली में लोकसभा में केंद्रीय बजट 2022-23 पेश किया। इस बजट में ईवी इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी को लागू करने की बात कही गई है, जिससे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ-साथ इस साल सरकार देश भर में चार्जिंग इंफ्रास्टक्चर को तेजी से विस्तार पर भी ध्यान देगी।  

Automobile Sector Budget 2022 (ऑटोमोबाइल क्षेत्र का बजट)

बैटरी स्वैपिंग नीति लागू की जाएगी- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम में और दक्षता को बढ़ावा देने के लिए बैटरी स्वैपिंग नीति लागू की जाएगी, जिससे बड़े पैमाने पर बैटरी स्टेशन स्थापित करने के लिए एक बैटरी स्वैपिंग नीति लाई जाएगी और इंटरऑपरेबिलिटी मानक तैयार किए जाएंगे। निजी क्षेत्र को एक सेवा के रूप में बैटरी और ऊर्जा के लिए टिकाऊ और अभिनव मॉडल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जो ईवी ई में दक्षता बढ़ाएगा।

पिछले साल बजट 2021 पर नजर

साल 2022 के बजट को पेश किया जा चुका है, और बीते वर्ष की तरह इस बार भी वाहन उद्योग की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। पिछले साल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2021 में सिर्फ निफ्टी ऑटो इंडेक्स को 1% अधिक बढ़ाने के लिए एक वाहन स्क्रैप पॉलिसी की घोषणा की थी। वित्त मंत्री ने कहा था कि पुराने वाहनों को चरणबद्ध करने के लिए एक वाहन स्क्रैपिंग नीति का विवरण जल्द ही घोषित किया जाएगा। इससे पर्यावरण के अनुकूल वाहनों को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी, जिससे वाहन प्रदूषण और तेल आयात बिल भी कम होंगे।

भारत का ऑटोमोबाइल क्षेत्र 2019 से बिक्री में मंदी का सामना कर रहा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार से ऑटो इंडस्ट्री लगातार आग्रह कर रही है कि कस्टम ड्यूटी को घटाया जाए, जिससे वाहनों की कीमत में कटौती हो। केंद्रीय बजट 2022-23 में कई खास चीजों की घोषणा की गई। लेकिन वाहन उद्योग को लिए कोई राहत की खबर नहीं दिखी है।

Edited By Atul Yadav

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