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सरसों तेल, रिफाइंड के दाम कम होने का कर रहे इंतजार, तो जान लीजिए क्या है सरकार का कहना

देश का मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग पिछले कुछ माह से सरसों तेल रिफाइंड ऑयल सोयाबीन ऑयल सनफ्लावर ऑयल और पॉम ऑयल की आसमान छूती कीमतों से हलकान है। लोग बेसब्री से यह जानना चाह रहे हैं कि इन तेलों के खुदरा दाम में कब तक कमी आएगी।

Ankit KumarThu, 17 Jun 2021 07:17 AM (IST)
सरसों तेल, रिफाइंड के दाम कम होने का कर रहे इंतजार, तो जान लीजिए क्या है सरकार का कहना

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। देश का मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग पिछले कुछ माह से सरसों तेल, रिफाइंड ऑयल, सोयाबीन ऑयल, सनफ्लावर ऑयल और पॉम ऑयल की आसमान छूती कीमतों से हलकान है। लोग बेसब्री से यह जानना चाह रहे हैं कि इन तेलों के खुदरा दाम में कब तक कमी आएगी। ऐसे रिटेल कस्टमर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है। दरअसल, सरकार ने कहा है कि भारत में खाद्य तेल की कीमतों में गिरावट का ट्रेंड देखने को मिल रहा है। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पिछले एक महीने में विभिन्न श्रेणी के खाद्य तेलों की कीमतों में 20 फीसद तक की गिरावट आई है।

खाद्य तेल के दाम में आई है नरमी

मंत्रालय ने कहा है कि मुंबई में पाम ऑयल (Palm Oil) का मूल्य 19 प्रतिशत घटकर 115 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया है। यह सात मई, 2021 को 142 रुपये प्रति किलोग्राम पर था। उसके मुताबिक सनफ्लावर ऑयल का दाम 16 फीसद घटकर 157 रुपये प्रति किलोग्राम पर रह गया है।

इसी तरह सरसों तेल का रेट 10 फीसद लुढ़ककर 157 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया है। सोया ऑयल की कीमत 15 प्रतिशत घटकर 138 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। वनस्पति की कीमत दो मई, 2021 को 154 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी, जो आठ प्रतिशत घटकर 141 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है।

मिनिस्ट्री ने कहा है, ''खाद्य तेल के दाम अंतरराष्ट्रीय मूल्य और घरेलू उत्पादन जैसे कई जटिल पहलुओं पर निर्भर होते हैं। उत्पादन और घरेलू खपत में अंतर बढ़ने पर भारत बड़े पैमाने पर खाद्य तेल का आयात दूसरे देशों से करता है।''

इस बयान में कहा गया है कि सरकार इस मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए मध्यम एवं दीर्घ अवधि के विभिन्न उपायों पर काम कर रही है।

Edited By: Ankit Kumar