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Credit Score जीरो है तो घबराने की कोई बात नहीं, आप पा सकते हैं Loan, जानिए कैसे

अगर क्रेडिट ब्यूरो के पास उपलब्ध आपकी क्रेडिट हिस्ट्री छह महीने से कम समय की है तो क्रेडिट स्कोर -1 भी हो सकता है। नए उधारकर्ताओं के लिए सिबिल एक से पांच के बीच में स्कोर देता है।

Pawan JayaswalTue, 06 Apr 2021 08:34 PM (IST)
Credit Score जीरो है तो घबराने की कोई बात नहीं, आप पा सकते हैं Loan, जानिए कैसे

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। सिबिल स्कोर 300 से 900 के बीच का एक नंबर होता है, जो वित्तीय संस्थानों के साथ आपके लेनदेनों पर आधारित होता है। सिबिल स्कोर जितना उच्च होता है, आपको लोन मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है और शर्तें भी उतनी ही आसान हो जाती हैं। अगर आपने पहले कभी कोई लोन या क्रेडिट कार्ड नहीं लिया है, तो आपका क्रेडिट स्कोर शून्य हो सकता है।

अगर क्रेडिट ब्यूरो के पास उपलब्ध आपकी क्रेडिट हिस्ट्री छह महीने से कम समय की है, तो क्रेडिट स्कोर -1 भी हो सकता है। नए उधारकर्ताओं के लिए सिबिल एक से पांच के बीच में स्कोर देता है। स्कोर के कम होने पर ऋणदाता के दृष्टिकोण से आपको ऋण देने का जोखिम बढ़ जाता है। टैक्स एवं निवेश विशेषज्ञ बलवंत जैन के अनुसार, ग्राहक को कोई भी क्रेडिट सुविधा प्रदान करने से पहले ऋणदाता खुद को संतुष्ट करना चाहता है कि उधारकर्ता लोन को नियत समय में चुका देगा।

क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो क्रेडिट स्कोर के माध्यम से ऋणदाताओं की इस समस्या का समाधान करता है। क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो उधारकर्ता द्वारा अतीत में किये गए क्रेडिट व्यवहार के आधार पर क्रेडिट स्कोर जारी करता है, जिससे ऋणदाताओं को ग्राहक के डिफॉल्ट होने की संभावना का पता लगता है। क्रेडिट स्कोर विभिन्न मापदंडों की मदद से सॉफ्टवेयर द्वारा तैयार किया जाता है।

जिस ग्राहक का क्रेडिट स्कोर 750 से अधिक होता है, उसे ऋण देने में ऋणदाता सहज होते हैं। क्या बिना क्रेडिट हिस्ट्री वाले व्यक्ति को भी मिल सकता है लोन? जैन के अनुसार, यह पहले मुर्गी या पहले अंडे जैसी समस्या है। किसी व्यक्ति की क्रेडिट हिस्ट्री तब तक कैसे बन सकती है, जब तक किसी सिस्टम से उसे क्रेडिट नहीं मिलेगा और सिस्टम तब तक कैसे किसी को ऋण दे सकता है, जब तक उसकी क्रेडिट हिस्ट्री ना पता चले।

यद्यपि क्रेडिट स्कोर ऋणदाताओं के लिए उधारकर्ताओं को ऋण देने पर विचार करने की दिशा में एक शुरुआती बिंदु है, लेकिन यह एकमात्र मापदंड नहीं है, जिसे देखकर ऋणदाता लोन देते हैं। इसलिए अगर आपकी कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है, तो भी आप ऋणदाताओं से होम लोन ले सकते हैं, लेकिन आपको ऋणदाता को अधिक दस्तावेज देने होंगे, जिससे ऋणदाता समय पर ईएमआई के भुगतान की आपकी क्षमता और आपके इरादे के बारे में संतुष्ट हो सके।

क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो साल 2005 के बाद ही अस्तित्व में आया है, लेकिन बैंक कई दशकों से कर्ज देते रहे हैं। इसलिए अगर उधारकर्ता के पास किसी की क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है, तो भी वह होम लोन पा सकता है और इस स्थिति में ऋणदाता होम लोन देने के लिए उधारकर्ता की योग्यता के निर्धारण में कुछ अन्य मापदंडों की मदद लेते हैं। जैन के अनुसार, ऐसी परिस्थिति में आपकी शैक्षणिक योग्यता और जॉब प्रोफाइल ऋणदाता द्वारा उपयोग लिये जाने वाले महत्वपूर्ण मानदंड होते हैं।

उदाहरण के लिए अगर आप डॉक्टर या एक सीए हैं, तो यह आपकी नियमित आय को सुनिश्चित करता है। ऋणदाता इस तरह की योग्यताओं के साथ सहज होते हैं। इसी तरह अगर कोई सरकार में उच्च पद पर है जैसे कि आईएएस या आईपीएस है, तो उसे पिछली क्रेडिट हिस्ट्री नहीं होने के बावजूद भी होम लोन मिलने की पूरी संभावना है।

अगर आप इतने भाग्यशाली नहीं है, कि आपकी सरकारी नौकरी है या उच्च शैक्षणिक योग्यता है, तो भी आपको होम लोन मिल सकता है। ऐसे मामलों में ऋणदाता आपकी आर्थिक स्थिति को जानने के लिए आपसे पिछले कुछ वर्षों के बैंक स्टेटमेंट्स मांग सकते हैं। अगर वहां सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान्स (SIP) जैसे निवेश के लिए नियमित रूप से डेबिट की जानकारी मिलती है, तो इससे ऋणदाता आपकी बचत की आदत के बारे आश्वस्त हो सकते हैं। बैंक आपके बैंकिंग लेनदेन की विस्तार से जांच भी कर सकते हैं, यह समझने के लिए कि आप बिजली बिल या मोबाइल बिल जैसे यूटिलिटी बिल का भुगतान नियमित रूप से करते हैं या नहीं। इससे ऋणदाता को आपके बैंकिंग लेनदेन की नियमितता के बारे में जानकारी मिलती है।

अगर आप किराये की जगह पर रह रहे हैं, तो वे आपके किराये के भुगतान की नियमितता के बारे में भी वेरीफाई कर सकते हैं। आपकी खर्च और बचत की आदतों के बारे में आपके बैंक स्टेटमेंट्स से जाना सकता है, जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि आप समय पर लोन को चुकाने में सक्षम रहेंगे या नहीं। बैंक आपसे ऐसे किसी व्यक्ति से गारंटी दिलाने के लिए भी कह सकते हैं, जिसकी क्रेडिट हिस्ट्री और क्रेडिट स्कोर अच्छा हो। ये कुछ ऐसे वैकल्पिक मापदंड हैं, जिनका उपयोग नियमित क्रेडिट रिपोर्ट्स के अभाव में ऋणदाता द्वारा किया जा सकता है।