This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
OK

फरवरी में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजारों में कर चुके हैं 22,038 करोड़ रुपये का निवेश, रास आया बजट

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार फरवरी महीने में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने शेयरों में 20593 करोड़ रुपये और ऋणपत्रों में 1445 करोड़ रुपये निवेश किये हैं। इस तरह एक फरवरी से 12 फरवरी के दौरान शुद्ध निवेश 22038 करोड़ रुपये रहा है।

Pawan JayaswalMon, 15 Feb 2021 11:52 AM (IST)
फरवरी में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजारों में कर चुके हैं 22,038 करोड़ रुपये का निवेश, रास आया बजट

नई दिल्ली, पीटीआइ। भारतीय बाजारों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का दमदार निवेश जारी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा एक फरवरी को पेश किये गए वित्त वर्ष 2021-22 के बजट पर एफपीआई का बेहद सकारात्मक रुख देखने को मिला है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक फरवरी में अब तक भारतीय बाजारों में 22,038 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश कर चुके हैं। 

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी महीने में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने शेयरों में 20,593 करोड़ रुपये और ऋणपत्रों में 1,445 करोड़ रुपये निवेश किये हैं। इस तरह एक फरवरी से 12 फरवरी के दौरान शुद्ध निवेश 22,038 करोड़ रुपये रहा है। इससे पहले जनवरी महीने में एफपीआई ने भारतीय बाजारों में 14,649 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था।

डिपॉजटरी के आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजारों में अक्टूबर, 2020 में 22,033 करोड़ रुपये, नवंबर, 2020 में 62,951 करोड़ रुपये और दिसंबर, 2020 में 68,558 करोड़ रुपये  निवेश किये थे।

मॉर्निगस्टार इंडिया के सहायक निदेशक (प्रबंधक शोध) हिमांशु श्रीवास्तव ने फरवरी महीने में एफपीआई द्वारा आए दमदार निवेश के पीछे केंद्रीय बजट के बाद शेयर बाजारों में बनी सकारात्मक धारणा को कारण बताया है। श्रीवास्तव ने कहा कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए आम बजट में सरकार द्वारा किये गए प्रयासों को निवेशकों ने सराहा है।

वहीं, जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि बाजार में अभी निवेश में क्षेत्र की अदला-बदली हो रही है। 2020 में, फार्मा सेक्टर एक पसंदीदा विकल्प था और इस सेक्टर ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि संभावित गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों की चिंताओं के कारण बैंकिंग शेयरों ने कमतर प्रदर्शन किया। विजयकुमारने कहा कि अब एफपीआई द्वारा बैंकिंग शेयरों की मांग फिर से आ रही है।

Edited By: Pawan Jayaswal