RBI hikes Interest Rate: महंगे होम लोन से EMI में दो हजार रुपये की बढ़ोतरी संभव, रीयल एस्टेट सेक्‍टर पर बढ़ेगा दबाव

आरबीआइ की तरफ से शुक्रवार को रेपो रेट में वृद्धि करने का फैसला ग्राहकों पर भारी पड़ेगा। मई के बाद से देश के अधिकांश बैंकों ने होम लोन और आटो लोन की दरों में बढ़ोत्तरी की है। अब तक औसतन 0.75 फीसद की बढ़ोत्तरी सामने आई है।

Krishna Bihari SinghPublish: Fri, 05 Aug 2022 07:52 PM (IST)Updated: Fri, 05 Aug 2022 07:52 PM (IST)
RBI hikes Interest Rate: महंगे होम लोन से EMI में दो हजार रुपये की बढ़ोतरी संभव, रीयल एस्टेट सेक्‍टर पर बढ़ेगा दबाव

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। आरबीआइ की तरफ से शुक्रवार को रेपो रेट में वृद्धि करने का फैसला होम लोन और आटो लोन लेने वाले ग्राहकों पर बहुत ज्यादा तो नहीं पड़ेगा लेकिन अगर मई, 2022 के बाद की तीन बार की गई वृद्धियों को जोडा जाए तो यह ग्राहकों पर बड़ा बोझ होगा। कुल मिला कर आम होम लोन ग्राहकों को अतिरिक्त दो हजार रुपये प्रति महीने की अदायगी करने की सूरत बन रही है। मई के बाद से देश के अधिकांश बैंकों ने होम लोन और आटो लोन की दरों में औसतन 0.75 फीसद की बढ़ोत्तरी की है।

आरबीआइ के आंकड़ों के अनुसार भारत मे औसतक होम लोन 26 लाख रुपये के आसपास है। अभी होम लोन की औसत दर 7.75 से लेकर 8.25 तक है। इससे होम लोन ग्राहकों के लिए 20 वर्ष की अवधि के लिए प्रति लाख मासिक किस्त 45 रुपये की वृद्धि हुई है जबकि आटो लोन की मासिक किस्त (पांच वर्षों की अवधि) में 36 रुपये प्रति लाख का इजाफा हुआ है।

अब 50 फीसद की ताजी बढ़ोतरी का बोझ और ग्राहकों पर डाला जाए तो होम लोन की उक्त इएमआइ में अतिरिक्त 30-35 रुपये प्रति लाख और आटो लोन की इएमआइ में 24 रुपये का इजाफा हो जाएगा। इस तरह से देखा जाए तो नई वृद्धि के बाद होम लोन ले चुके ग्राहक पर कुल 76 रुपये प्रति लाख और आटो लोन लोन ग्राहक पर कुल 60 रुपये प्रति लाख का बोझ पड़ेगा।

आरबीआइ का डाटा बताता है कि वर्ष 2020 में भारत में होम लोन का औसत आकार 26.41 लाख रुपये का है। अगर इस आधार पर देखा जाए तो होम लोन लेने वाले एक परिवार पर कुल 2,007.16 रुपये का मासिक बोझ पड़ सकता है। निश्चित तौर पर अगर लोन की राशि या अवधि अलग अलग है तो यह मासिक किस्त की राशि अलग-अलग होगी।

यह भी बता दें कि बैंकिंग सेक्टर में लोन की दरें भी अलग अलग हैं और किस्त उससे भी तय होंगी। यह बोझ मौजूदा होम लोन ग्राहकों पर पड़ेगा ही साथ ही नया घर खरीदने वाले ग्राहकों को भी अब ज्यादा किस्त देनी होगी। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या कर्ज महंगा होने से रीयल एस्टेट और आटोमोबाइल उद्योग पर कोई असर पड़ेगा?

आर्थिक शोध एजेंसी इकरा के वाइस प्रेसिडेंट व ग्रूप हेड राजेश्वर बुरला का कहना है कि लगातार होम लोन की दरों में वृद्धि से निश्चित तौर पर मासिक किस्त का बोझ पड़ेगा। लेकिन हाल के दिनों में हमने देखा है कि लोगों की आय में भी वृद्धि हो रही है।

ऐसे में आवासीय मकानों की मांग में बहुत फर्क आता नहीं दिख रहा है। जहां तक आटोमोबाइल की बात है तो एक दिन पहले ही फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) ने कहा है कि जुलाई, 2022 में वाहनों की रिटेल बिक्री में 8 फीसद की गिरावट हुई है और इसके लिए काफी हद तक मंहगे कर्ज जिम्मेदार हैं।

Edited By Krishna Bihari Singh

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