Edible Oil की कीमतों में गिरावट शुरू, प्रमुख ब्रांडों ने की 10 से 15 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती

खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट शुरू हो गई है। प्रमुख ब्रांडों ने एमआरपी में की 10 से 15 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। खाद्य सचिव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में नरमी और सरकार के समय पर दखल देने से कीमतों में गिरावट शुरू हुई है।

Sarveshwar PathakPublish: Thu, 23 Jun 2022 12:20 PM (IST)Updated: Fri, 24 Jun 2022 08:34 AM (IST)
Edible Oil की कीमतों में गिरावट शुरू, प्रमुख ब्रांडों ने की 10 से 15 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती

नई दिल्ली, पीटीआइ। खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में नरमी और सरकार के समय पर दखल देने से खुदरा बाजार में खाद्य तेल (Edible Oils) की कीमतों में गिरावट शुरू हो गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पैकेट बंद खाद्य तेलों की कीमत में इस महीने की शुरुआत से ही कमी आनी शुरू हो गई थी और अब इनकी कीमत 150 रुपये से 190 रुपये प्रति किलो के आसपास बनी हुई है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में भारत अब तक 30 लाख टन गेहूं का निर्यात कर चुका है। साथ ही सरकार कुछ अन्य देशों के गेहूं आपूर्ति के आग्रह पर विचार कर रही है। बीते सप्ताह अदाणी विल्मर और मदर डेयरी ने विभिन्न खाद्य तेल की एमआरपी में 10 से 15 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी। दोनों कंपनियों ने कहा था कि नई एमआरपी वाले पैकेट जल्द ही बाजार में आ जाएंगे।

पांडे ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार के समय पर हस्तक्षेप और वैश्विक विकास के कारण खाद्य तेलों की कीमतों में रुझान बहुत सकारात्मक है। खाद्य तेल, खुदरा गेहूं और गेहूं के आटे की कीमतें स्थिर हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए सरकारी नियम उपयोगी रहे हैं। खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रमुख खाद्य तेल ब्रांडों ने एमआरपी को चरणबद्ध तरीके से कम किया है और हाल ही में उन्होंने कीमतों में 10-15 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है।

उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, मूंगफली तेल (पैक) की औसत खुदरा कीमत 21 जून को 188.14 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जबकि 1 जून को यह 186.43 रुपये प्रति किलोग्राम थी। सरसों के तेल की कीमत 21 जून को मामूली घटकर 180.85 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जो 1 जून को 183.68 रुपये प्रति किलो. थी। वहीं, वनस्पति तेल की कीमत 165 रुपये प्रति किलो है। सोया तेल की कीमत 169.65 रुपये से मामूली घटकर 167.67 रुपये हो गई, जबकि सूरजमुखी की कीमत 193 रुपये प्रति किलो से थोड़ी कम 189.99 रुपये हो गई। पाम तेल का भाव 21 जून को घटकर 152.52 रुपये प्रति किलो पर आ गया, जो 1 जून को 156.4 रुपये प्रति किलो था।

केंद्र के उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा विकसित एक मोबाइल ऐप के माध्यम से संबंधित राज्य सरकारों के राज्य नागरिक आपूर्ति विभागों से प्रतिदिन 167 केंद्रों से 22 वस्तुओं के खुदरा और थोक मूल्य प्राप्त होते हैं।

अदाणी विल्मर ने शनिवार को अपने खाद्य तेलों की कीमतों में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की। फॉर्च्यून रिफाइंड सूरजमुखी तेल के 1-लीटर पैक की एमआरपी 220 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 210 रुपये कर दी गई है। फॉर्च्यून सोयाबीन और फॉर्च्यून कच्ची घानी (सरसों का तेल) 1-लीटर पैक की एमआरपी 205 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 195 रुपये कर दी गई है।

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Major edible oil brands have cut prices by 10-15 rupees; Food Secretary says timely government interventions on multiple fronts have led to a falling trend in edible oil prices Read here: https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1836313

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- PIB India (@PIB_India) 22 June 2022

दिल्ली-एनसीआर में प्रमुख दूध आपूर्तिकर्ताओं में से एक मदर डेयरी ने पिछले हफ्ते कहा था कि उसने वैश्विक बाजारों में कीमतों में नरमी के साथ अपने खाना पकाने के तेल की कीमतों में 15 रुपये प्रति लीटर तक की कमी की है। कंपनी अपने खाद्य तेलों को धारा ब्रांड के तहत बेचती है। धारा सरसों तेल (1 लीटर पॉली पैक) की कीमत 208 रुपये से घटाकर 193 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।

धारा रिफाइंड सूरजमुखी तेल (1 लीटर पॉली पैक) पहले के 235 रुपये प्रति लीटर से अब 220 रुपये में बेचा जाएगा। धारा रिफाइंड सोयाबीन तेल (1 लीटर पॉली पैक) की कीमत 209 रुपये से घटकर 194 रुपये हो जाएगी।

भारत अपने खाद्य तेल की आवश्यकता का 60 प्रतिशत से अधिक आयात करता है।

सॉल्वेंट द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, 2020-21 के विपणन वर्ष (नवंबर-अक्टूबर) के दौरान भारत का खाद्य तेल का आयात लगभग 131.3 लाख टन पर स्थिर रहा, लेकिन मूल्य के संदर्भ में, आवक शिपमेंट 63 प्रतिशत बढ़कर 1.17 लाख करोड़ रुपये हो गया। एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए)। अक्टूबर को समाप्त होने वाले तेल विपणन वर्ष 2021-22 के पहले सात महीनों के दौरान वनस्पति तेलों (खाद्य और अखाद्य) का आयात पिछले तेल की इसी अवधि में 76,77,998 टन की तुलना में 1 प्रतिशत बढ़कर 77,68,990 टन हो गया।

Edited By Sarveshwar Pathak

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