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न्यूज़पेपर और उससे प्रभावित जनता

Sohel Ahmed Khan
Sohel Ahmed Khan
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आज के दौर में न्यूज़ पेपर एक बहुत ही शक्तिशाली यंत्र है जो किसी भी व्यक्ति के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व को बढ़ाता है। यह लोगों और इस संसार के बीच बातें करने का सबसे अच्छा साधन है। यह नॉलेज का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। यह अधिक नॉलेज और सूचना प्राप्त करने के साथ ही उसे बढ़ाने का सबसे अच्छा विकल्प है। यह लगभग देश के सभी हिस्से में उपलब्ध होता है, और इसके साथ ही इसकी कीमत भी बहुत कम होती है। हम न्यूज़ पेपर तक आसानी से पहुँच सकते हैं। इसके लिए हमें सिर्फ न्यूज़ पेपर के संगठन में सम्पर्क करके उसके लिए केवल कुछ भुगतान करने की जरूरत होती है। यह देश के अलग अलग भाषाओं में प्रकाशित होता है। बहुत सारे लोग हर रोज़ सुबह बहुत ही साहस और उत्सुकता के साथ न्यूज़ पेपर अपने घर आने का इंतजार करते रहते हैं।

लोगों पर न्यूज़ पेपर का सकारात्मक प्रभाव

न्यूज़ पेपर दुनिया के हर देश में रहने वाले अलग-अलग लोगों को सकारात्मक तौर पर प्रभावित करता है। क्यों कि आज के समय में हर देश की जनता किसी भी घटनाओं को जानने में बहुत रुचि रखने लगी है। न्यूज़ पेपर सरकार और जनता के बीच एक जुड़ाव का सबसे अच्छा तरीका है। यह जनता को पूरे संसार की सभी छोटी-बड़ी खबरों का विवरण प्रदान करता है। यह हर देश के लोगों को नियमों, कानूनों और अधिकारों के बारे में जागरूक करता है। न्यूज़ पेपर इस्टूडेंट के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते है, क्यों कि ये विशेष रुप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर का सामान्य नॉलेज और सामयिक घटनाओं के बारे में बताता है। यह हमें सभी खुशियों, विकासों, नई तकनीकियों, और मौसम में बदलावों,और दुनिया के प्राकृतिक वातावरण आदि सभी की सूचना देता रहता है।

अगर हम रोज़ाना न्यूज़ पेपर पढ़ने की आदत बनाते है, तो यह हमारी बहुत मदद करता है। यह हम में पढ़ने की आदत विकसित करता है, हमारे प्रभाव में सुधार करता है और हमें बाहर के बारे में सभी जानकारी देता है। कुछ लोगों में न्यूज़ पेपर को रोज़ सुबह पढ़ने की आदत होती है। वे न्यूज़ पेपर की अनुपस्थिति में बहुत अधिक बेचैन हो जाते है और पूरे दिन कुछ अकेलापन महसूस करते हैं।

परीक्षाओं की तैयारी करने वाले इस्टूडेंट भी अपने मस्तिष्क को वर्तमान सामयिक घटनाओं से जोडे रखने के लिए नियमित रुप से अखबार पढ़ते है न्यूज़ पेपर मुख्य शीर्षक लाइन के अन्तर्गत सभी की पसंद के अनुसार बहुत अधिक खबरों को प्रकाशित करते हैं इसलिए इससे कोई भी व्येक्ती परेशान नहीं होता। हमें अखबारों को पढ़ना जारी रखना चाहिए और इसके साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों और अपने दोस्तों को भी न्यूज़ पेपर पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

न्यूज़ पेपर से होने वाले लाभ

न्यूज़ पेपर पढ़ने से हमें बहुत सारे फायदे हैं। जैसे न्यूज़ पेपर से हमें देश-विदेश में हो रही हर तरह की घटनाओं का नॉलेज मिलता है। नई तहक़ीक़, नयी खोजें और नई ख़बरों की सारी जानकारी मिलती है। देश विदेशो में प्रकाशित होने वाली सरकारी की सूचनाओं, आज्ञाओं और विज्ञापनों से हमें बहुत सी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती जाती है, अगर कहीं कोई दुर्घटना हो जाये, भूकंप या बाढ़ जैसी कोई आपदा आ जाए तो इसकी जानकारी हमें तुरन्त न्यूज़ के माध्यम से मिल जाती है। इसके साथ ही अब न्यूज़ पेपर एक ऐसा व्यवसाय बन गया है जिससे हजारों संपादक, लेखक रिपोर्टर और अन्य कर्मचारियों को तरह तरह का रोजगार भी मिल जाता है।

न्यूज़ पेपर से होने वाले नुकसान

न्यूज़ पेपर से जहां इतने सारे लाभ हैं, वहीं इनसे कुछ नुकसान भी हैं। कभी-कभी कुछ न्यूज़ पेपर झूठे समाचार छापकर जनता को भ्रमित करने का काम भी करते हैं। कुछ न्यूज़ पेपर साम्प्रदायिक भावनाओं को को भड़काने का काम करते देते हैं, जिसके कारण समाज में दंगे जैसी घटनाएं घट जाती है। जिससे चारों तरफ अशांति का माहौल पैदा हो जाता है। इसके साथ ही सरकार की गलत नीतियों को कभी-कभी सही तरीके से और सही नीतियों को गलत तरीके से पेश करके जनता को भ्रमित करने का काम भी किया जाता है। जिसके कारण देश की राजनीतिक में नफरत का माहौल पैदा हो जाता है।

नतीजे

न्यूज़ पेपर में सामाजिक मुद्दों, मानवता, संस्कृति, परम्पराऐ, जीवन-शैली, ध्यान, योगा आदि जैसे अनेकों विषयों के बारे में कई सारे अच्छे लेख संपादित होते हैं। यह आम जनता के विचारों के बारे में भी जानकारी प्रदान करता है और बहुत से सामाजिक और आर्थिक विषयों को सुलझाने में हमारी सहायता करता है। इसके साथ ही न्यूज़ पेपर के द्वारा हमें राजनेताओं, देश और सरकारी नीतियों तथा विपक्षी दलों के नीतियों के बारे में भी कई तरह जानकारी प्राप्त होती है। नौकरी ढूँढ़ने, बच्चों को अच्छे स्कूल में प्रवेश दिलाने, छूटे-बड़े व्यापारियों को वर्तमान व्यापारिक गतिविधियों को जानने, बाज़ार के वर्तमान की नई रणनीतियों को समझनें और जानने में भी हमारी मदद करता है। यहीं कारण है कि वर्तमान समय में न्यूज़ पेपर को देश के लोकतंत्र का चौथा स्तंभ यानी खम्बा भी कहा जाता है।

 

डिस्क्लेमर: उपरोक्त विचारों के लिए लेखक स्वयं उत्तरदायी हैं। जागरण डॉटकॉम किसी भी दावे, तथ्य या आंकड़े की पुष्टि नहीं करता है।