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कोरोना को हराकर जेईई मेंस टॉपर बना छात्र, 100 फीसदी स्‍कोर करने का बताया मंत्र

जेईई मेंस फरवरी सत्र के रिजल्‍ट आने के बाद असम के रंजिम प्रबल दास चर्चा में हैं। दरअसल, रंजिम ने 100 फीसदी स्‍कोर किया है और वह कोरोना को हराकर ऐसा करने वाले छात्र बने हैं। रंजिम ने बताया कि उन्‍होंने किस तरह से कोरोना को मात दी और कैसे परीक्षा में वह 100 प्रतिशत स्‍कोर करने में कामयाब रहे। जेईई रिजल्‍ट में 6 छात्रों ने 100 फीसदी स्‍कोर हासिल किया है।

Rizwan Noor Khan
Rizwan Noor Khan9 Mar, 2021

रंजिम प्रबल दास
जेईई मेंस फरवरी सत्र में 100 फीसदी स्‍कोर करने वाले रंजिम प्रबल दास टॉपर बन चुके हैं और ऐसा करने वाले वह छठे छात्र हैं। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार जेईई मेंस में रंजीम ने 100 परसेंटाइल स्कोर हासिल किया। रंजिम ने बताया कि कोरोना संक्रमित होने के बाद उन्‍हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी।

सिर्फ 8 घंटे पढ़ाई
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार रंजिम ने बताया कि "वैसे तो मैं 8 घंटे पढ़ता हूं। मैं विषयों को पढ़ने के लिए समय निर्धारित करता था। उन्‍होंने कहा कि मैं घटों के हिसाब से पढ़ने की बजाय विषय संख्‍या के अनुसार पढ़ता था। उन्‍होंने कहा कि वह अच्‍छे स्‍कोर की उम्‍मीद कर रहे थे, लेकिन ये नहीं पता था कि 100 फीसदी स्‍कोर कर देंगे।

एलन मस्‍क फेवरेट
रंजिम प्रबल दास ने कहा कि वह तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी एलन मस्‍क को फॉलो करते हैं। हायर स्‍टडीज के लिए वह आईआईटी दिल्‍ली में एडमीशन लेने की तैयारी में हैं। अगर वहां प्रवेश नहीं मिला तो इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ साइंस बैंगलुरु से विज्ञान में स्‍नातक की पढ़ाई करना चाहेंगे।

कोरोना को हराया
रंजिम ने बताया कि नवंबर 2020 में जब मुझे कोरोना हुआ था तो मैंने पढ़ाई छोड़ दी थी और मेरा ध्‍यान केवल स्‍वास्‍थ्‍य सुधार पर था। इसीलिए मैनें पढ़ाई भी रोक दी थी। जब बुखार में आराम मिला और लक्षणों में कमी आई तो फिर से पढ़ाई शुरू कर दी थी। रंजिम जब छोटे थे तो उनके माता पिता असम से दिल्‍ली आ गए थे। अब वह परिवार समेत यहीं रहते हैं।

ये 6 छात्र टॉपर
जेईई मेंस फरवरी सत्र में कुल 6 छात्रों में 100 परसेंटाइल हासिल किया है। इनमें राजस्‍थान के साकेत झा, दिल्‍ली के प्रवर कटारिया, रंजिम प्रबल दास, चंडीगढ़ के गुरुमीत सिंह, महाराष्‍ट्र के सिद्धांत चतुर्वेदी, गुजरात के अनंत कृष्‍ण किदांबी के नाम शामिल हैं। वहीं, टॉपर लिस्‍ट में देश के कुल 41 छात्रों को जगह मिली है।

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